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Basti News: आरआई के निलंबन के बाद आरटीओ कार्यालय में हड़कंप, बदली दिखी व्यवस्था

Wed, 06 May 2026 12:54 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 06 May 2026 12:54 AM IST
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After the suspension of the RI, there was commotion in the RTO office, the system appeared changed.
आरआई कार्यालय में बायोमीट्रिक के लिए लाइन में खड़े आवेदक।
बस्ती। आरटीओ बस्ती में फर्जी डीएल प्रकरण का मामला अभी शांत नहीं हुआ कि दूसरे मामले में आरआई निलंबित हो गई हैं। इससे विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। कई अन्य अफसर भी अब निशाने पर आ गए हैं। वहीं, निलंबन की कार्रवाई के बाद मंगलवार को कार्यालय की व्यवस्था बदली नजर आई।
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पिछले सप्ताह बस्ती में बैकलाॅग एंट्री के जरिये बनवाए गए फर्जी डीएल प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच चल ही रही थी कि शासन स्तर से आरआई सीमा गौतम को निलंबित कर दिया गया। खबर आते ही कार्यालय में हड़कंप मच गया। हालांकि, जिस प्रकरण में निलंबन हुआ है, वह डीएल के बजाय वाहनों के ओवर लोडिंग संबंधित है। मगर, यह कहा जा रहा है कि शासन मामले को ठंडा करने के लिए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर जांच अधिकारी नामित कर दिया है। वहीं, निलंबन के बाद आरआई का चार्ज अब एआरटीओ प्रशासन माला बाजपेयी को सौंपा गया है। आरआई के निलंबन के दूसरे दिन मंगलवार को जब कार्यालय खुला तो नजारा अलग दिखा। दिन में 11 बजे बाॅयोमीट्रिक कक्ष में दो से चार आवेदक लाइन में लगे थे। क्रमवार अंदर बायोमीट्रिक करवाते दिखे। पूछने पर बताया कि बायोमीट्रिक के बाद टेस्टिंग होगी। वहीं, लिपिक कक्ष भी खुला रहा। वहां, भी दो से तीन आवेदक पहुंचे थे और अपनी समस्या बता रहे थे। लिपिक अपने कार्य में लगी रहीं। वहीं, आरआई कक्ष का दरवाजा बंद मिला। इससे कई आवेदक अपनी बात नहीं रख सके और लौट गए। साढ़े 11 बजे तक 14 आवेदक बायोमीट्रिक करवा चुके थे। दो से तीन ही कर्मी मिले, वह भी सकते में नजर आए। वहीं, परिसर में सन्नाटा जैसा माहौल दिखा। टेस्टिंग ट्रैक पर भी कोई वाहन नहीं दिखे। जो कथित दलाल सक्रिय रहते थे, वह भी दूर-दूर तक नजर नहीं आए। कई कर्मी बाहर आकर बातचीत करते दिखे।
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ऐसे बनता था फर्जी डीएल : रामतीरथ मौर्य का डीएल नंबर यूपी 63 20180030028 है। जोकि मिर्जापुर आरटीओ का है।
उनके डीएल की बैकलॅाग एंट्री सेप्पा (अरुणाचल प्रदेश) से वर्ष 2018 में करवाई और बस्ती में वर्ष 2026 में एड्रेस चेंज की रसीद काटकर डीएल बनाया गया। ऐसे ही मनीष यादव का डीएल नंबर यूपी 57 20170098799 है। यह पडरौना का है। उनके डीएल की भी बैकलॅाग एंट्री सेप्पा से 2017 में हुई और बस्ती में रिन्यूवल करवाया गया। करण गुप्ता का डीएल नंबर यूपी 51 20200018137 है, जिसकी बैकलॅाग एंट्री सियांग (अरुणाचल प्रदेश) से हुई और दलालों ने लाइसेंस बस्ती से बनवा दिया।
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