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Basti News: अधिवक्ताओं ने मौन मार्च निकल सौंपा ज्ञापन
Fri, 09 Feb 2024 01:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 09 Feb 2024 01:48 AM IST
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राजस्व न्यायालयों का कार्य बहिष्कार जारी रखने का निर्णय
बिना सुनवाई वादों के निस्तारण से हैं खफा
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। संयुक्त बार एसोसिएशन की बैठक बृहस्पतिवार को सिविल बार सभागार में हुई। इसमें राजस्व न्यायालयों के कार्य बहिष्कार जारी रखने का निर्णय लिया गया। बैठक के बाद अधिवक्ताओं ने जनपद न्यायालय के गेट नंबर दो से सांकेतिक मौन मार्च निकाला। मौन मार्च शास्त्री चौक होते हुए मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचा। फिर इसी रास्ते लौटे अधिवक्ता कलक्ट्रेट परिसर पहुंचे, जहां डीएम को ज्ञापन सौंपा।
बैठक में वरिष्ठ अधिवक्ता विजय कुमार सिंह चौधरी ने आरोप लगाया कि जिलाधिकारी, राजस्व और चकबंदी न्यायालयों में विधिक प्रक्रिया और नियमों को ताक पर रखकर वादों का निस्तारण किया जा रहा है। इससे वादकारियों के हित प्रभावित हो रहे हैं। उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने कहा कि जनपद न्यायाधीश के विश्राम कक्ष में एडीएम की मौजूदगी में बार पदाधिकारियों के साथ बैठक हुई थी। प्रशासन ने आश्वासन दिया था कि बिना सुनवाई कोई मुकदमा निस्तारित नहीं किया जाएगा, लेकिन इसी दिन जिलाधिकारी न्यायालय में 12 वादों की सुनवाई हुई। 10 में फैसला न्यायिक अधिकारी ने सुरक्षित रख लिया और दो में एक दिन बाद दोबारा सुनवाई की तिथि दे दी गई।
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बैठक में हुए निर्णयों का पालन नहीं किया गया। ऐसे में अधिवक्ता राजस्व न्यायालयों के कार्य का बहिष्कार जारी रखेंगे। इस मौके पर पर दयाशंकर दुबे, वामदेव मिश्रा, भूपेश कुमार शुक्ल, शिवकांत तिवारी, रविशंकर शुक्ल, कृष्ण नरायण पांडेय, रमापति पांडेय आदि मौजूद रहे।
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बिना सुनवाई वादों के निस्तारण से हैं खफा
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। संयुक्त बार एसोसिएशन की बैठक बृहस्पतिवार को सिविल बार सभागार में हुई। इसमें राजस्व न्यायालयों के कार्य बहिष्कार जारी रखने का निर्णय लिया गया। बैठक के बाद अधिवक्ताओं ने जनपद न्यायालय के गेट नंबर दो से सांकेतिक मौन मार्च निकाला। मौन मार्च शास्त्री चौक होते हुए मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचा। फिर इसी रास्ते लौटे अधिवक्ता कलक्ट्रेट परिसर पहुंचे, जहां डीएम को ज्ञापन सौंपा।
बैठक में वरिष्ठ अधिवक्ता विजय कुमार सिंह चौधरी ने आरोप लगाया कि जिलाधिकारी, राजस्व और चकबंदी न्यायालयों में विधिक प्रक्रिया और नियमों को ताक पर रखकर वादों का निस्तारण किया जा रहा है। इससे वादकारियों के हित प्रभावित हो रहे हैं। उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है।
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उन्होंने कहा कि जनपद न्यायाधीश के विश्राम कक्ष में एडीएम की मौजूदगी में बार पदाधिकारियों के साथ बैठक हुई थी। प्रशासन ने आश्वासन दिया था कि बिना सुनवाई कोई मुकदमा निस्तारित नहीं किया जाएगा, लेकिन इसी दिन जिलाधिकारी न्यायालय में 12 वादों की सुनवाई हुई। 10 में फैसला न्यायिक अधिकारी ने सुरक्षित रख लिया और दो में एक दिन बाद दोबारा सुनवाई की तिथि दे दी गई।
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बैठक में हुए निर्णयों का पालन नहीं किया गया। ऐसे में अधिवक्ता राजस्व न्यायालयों के कार्य का बहिष्कार जारी रखेंगे। इस मौके पर पर दयाशंकर दुबे, वामदेव मिश्रा, भूपेश कुमार शुक्ल, शिवकांत तिवारी, रविशंकर शुक्ल, कृष्ण नरायण पांडेय, रमापति पांडेय आदि मौजूद रहे।