{"_id":"66b13cf39e8aecef26021474","slug":"administration-raid-in-government-departments-panic-created-in-registry-and-tehsil-office-basti-news-c-207-1-bst1001-121648-2024-08-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: सरकारी विभागों में प्रशासन का छापा... रजिस्ट्री और तहसील कार्यालय में मचा हड़कंप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: सरकारी विभागों में प्रशासन का छापा... रजिस्ट्री और तहसील कार्यालय में मचा हड़कंप
Tue, 06 Aug 2024 02:28 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 06 Aug 2024 02:28 AM IST
विज्ञापन
रजिस्ट्ररी कार्यालय का एडीएम प्रतिपाल सिंह और एएसपी ओपी सिंह ने किया निरीक्षण।
एडीएम और एएसपी ने की संयुक्त ने मारा छापा, रजिस्ट्री कार्यालय में मची भगदड़
तहसील में भी हड़कंप, कार्यालय के भीतर दो अनधिकृत लोगों को अधिकारियों ने पकड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। अक्सर बिचौलियों से घिरे रहने वाले कई सरकारी कार्यालयों में प्रशासन ने सोमवार को छापा मारा। रजिस्ट्री कार्यालय, सदर तहसील, नगर पालिका, बीएसए कार्यालय आदि की जांच की गई। रजिस्ट्री कार्यालय में एक और तहसील कार्यालय से दो संदिग्ध लोगों को अधिकारियों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। बाद में पूछताछ में पता चला कि वे लोग अपनी समस्या लेकर आए थे। ऐसे में उनके अभिभावकों को बुलाकर उनके हवाले कर दिया गया। इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया।
एडीएम प्रतिपाल सिंह चौहान और एएसपी ओपी सिंह के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम पहले रजिस्ट्री कार्यालय पहुंची। यहां जब तक लोग कुछ समझ पाते अधिकारियों ने पूछताछ शुरू कर दी। समय सुबह करीब 10:30 बजे का था, इसलिए बिचौलिए की संख्या कम थी। अधिकाारियों का तेवर भांप कुछ लोग कार्यालय से बाहर हो गए। इसी बीच एक व्यक्ति को दबोच लिया गया। पूछताछ के दौरान उसने अपने उपस्थित होने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बता सका। एडीएम ने उसे अनधिकृत व्यक्ति मानते हुए हिरासत में लेने के निर्देश दिए।
टीम कार्यालय का जायजा लेने के बाद वापस लौट गई। इस दौरान एआईजी स्टांप के अलावा सब रजिस्टार ज्ञानेंद्र सिंह भी अपने कार्यालय में मौजूद रहे। सब रजिस्टार ने बताया कि पकड़ा गया व्यक्ति कार्यालय के बाहर घूम रहा था। छापा के बाद यहां सन्नाटा पसर गया। क्रेता- विक्रेता के साथ पंजीयन कराने आने वाले बिचौलियों के पांव जहां के तहां ठहर गए। केवल अधिवक्ता और दस्तावेज लेखक ही बैनामा कराने के लिए कार्यालय में पहुंच रहे थे। यहां तक कि उनके मुंशी भी पकड़े जाने की भय से दोपहर तक नहीं प्रवेश किए।
विज्ञापन
इसके अलावा विभिन्न पटलों पर कर्मचारियों की मदद में अनधिकृत रूप से रहने वाले उनके निजी सहायक भी गायब रहे। प्रशासनिक टीम इस कार्यालय के बाद बगल में स्थित सदर तहसील के कार्यालय में पहुंची। यहां कर्मचारियों के पटल के पास से दो अनिधकृत लोग पकड़े गए। पूछने पर दोनों कुछ स्पष्ट जवाब नहीं दे सकें। छापा के दौरान यहां भी भगदड़ मच गई। अधिकारियों, कर्मचारियों की कृपा पर सरकारी कार्य में अनधिकृत रूप हाथ बंटाने वाले लोग भाग खड़े हुए। ऐसे लोगों में दिन भर भय का माहौल रहा। कुछ कर्मचारी खुद उन्हें कार्यालय में न घुसने की सलाह देते रहे। टीम ने नगर पालिका कार्यालय में भी औचक छापा मारा। मगर, यहां स्थिति सामान्य रही।
..
बिचौलियों से भर जाता है तहसील और रजिस्ट्री कार्यालय
सामान्य दिनों में रजिस्ट्री कार्यालय में बिचौलिए हावी रहते हैं। बैनामा कराने से लेकर विभिन्न पटलों के कामकाज निपटाने में भी इनकी अहम भूमिका रहती है। अधिकारियों, कर्मचारियों के अक्सर नजदीक रहने वाले 5 से 10 ऐसे बिचौलिए हैं जिन्हें अनजान लोग कार्यालय का कर्मचारी समझते हैं। यहां तक कि यह बिचौलिए बैनामा शुदा जमीनों का स्थलीय निरीक्षण करते भी देखे जाते हैं। तहसील कार्यालय का भी यहीं हाल है। कानूनगो, नायब तहसीलदार, मालखाना आदि कार्यालयों में बिचौलिए ही सरकारी काम निपटाते नजर आते हैं। अधिकारी और कर्मचारी इन लोगों पर भरोसा रखकर सरकारी अभिलेख तक सहेजने का दायित्व सौंप देते हैं। जिससे इनकी पहचान आम फरियादी नहीं कर पाते हैं।
...
निरंतर होगी छापेमारी
एडीएम प्रति पाल सिंह चौहान ने बताया कि सरकारी कार्यालयों में निरंतर छापेमारी की जाएगी। यदि कोई अनधिकृत व्यक्ति मिलेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। छापा के दौरान तीन अनधिकृत लोगों को गिरफ्तार कराकर कोतवाली भेज दिया गया है।
विज्ञापन
तहसील में भी हड़कंप, कार्यालय के भीतर दो अनधिकृत लोगों को अधिकारियों ने पकड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। अक्सर बिचौलियों से घिरे रहने वाले कई सरकारी कार्यालयों में प्रशासन ने सोमवार को छापा मारा। रजिस्ट्री कार्यालय, सदर तहसील, नगर पालिका, बीएसए कार्यालय आदि की जांच की गई। रजिस्ट्री कार्यालय में एक और तहसील कार्यालय से दो संदिग्ध लोगों को अधिकारियों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। बाद में पूछताछ में पता चला कि वे लोग अपनी समस्या लेकर आए थे। ऐसे में उनके अभिभावकों को बुलाकर उनके हवाले कर दिया गया। इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया।
एडीएम प्रतिपाल सिंह चौहान और एएसपी ओपी सिंह के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम पहले रजिस्ट्री कार्यालय पहुंची। यहां जब तक लोग कुछ समझ पाते अधिकारियों ने पूछताछ शुरू कर दी। समय सुबह करीब 10:30 बजे का था, इसलिए बिचौलिए की संख्या कम थी। अधिकाारियों का तेवर भांप कुछ लोग कार्यालय से बाहर हो गए। इसी बीच एक व्यक्ति को दबोच लिया गया। पूछताछ के दौरान उसने अपने उपस्थित होने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बता सका। एडीएम ने उसे अनधिकृत व्यक्ति मानते हुए हिरासत में लेने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
टीम कार्यालय का जायजा लेने के बाद वापस लौट गई। इस दौरान एआईजी स्टांप के अलावा सब रजिस्टार ज्ञानेंद्र सिंह भी अपने कार्यालय में मौजूद रहे। सब रजिस्टार ने बताया कि पकड़ा गया व्यक्ति कार्यालय के बाहर घूम रहा था। छापा के बाद यहां सन्नाटा पसर गया। क्रेता- विक्रेता के साथ पंजीयन कराने आने वाले बिचौलियों के पांव जहां के तहां ठहर गए। केवल अधिवक्ता और दस्तावेज लेखक ही बैनामा कराने के लिए कार्यालय में पहुंच रहे थे। यहां तक कि उनके मुंशी भी पकड़े जाने की भय से दोपहर तक नहीं प्रवेश किए।
विज्ञापन
इसके अलावा विभिन्न पटलों पर कर्मचारियों की मदद में अनधिकृत रूप से रहने वाले उनके निजी सहायक भी गायब रहे। प्रशासनिक टीम इस कार्यालय के बाद बगल में स्थित सदर तहसील के कार्यालय में पहुंची। यहां कर्मचारियों के पटल के पास से दो अनिधकृत लोग पकड़े गए। पूछने पर दोनों कुछ स्पष्ट जवाब नहीं दे सकें। छापा के दौरान यहां भी भगदड़ मच गई। अधिकारियों, कर्मचारियों की कृपा पर सरकारी कार्य में अनधिकृत रूप हाथ बंटाने वाले लोग भाग खड़े हुए। ऐसे लोगों में दिन भर भय का माहौल रहा। कुछ कर्मचारी खुद उन्हें कार्यालय में न घुसने की सलाह देते रहे। टीम ने नगर पालिका कार्यालय में भी औचक छापा मारा। मगर, यहां स्थिति सामान्य रही।
..
बिचौलियों से भर जाता है तहसील और रजिस्ट्री कार्यालय
सामान्य दिनों में रजिस्ट्री कार्यालय में बिचौलिए हावी रहते हैं। बैनामा कराने से लेकर विभिन्न पटलों के कामकाज निपटाने में भी इनकी अहम भूमिका रहती है। अधिकारियों, कर्मचारियों के अक्सर नजदीक रहने वाले 5 से 10 ऐसे बिचौलिए हैं जिन्हें अनजान लोग कार्यालय का कर्मचारी समझते हैं। यहां तक कि यह बिचौलिए बैनामा शुदा जमीनों का स्थलीय निरीक्षण करते भी देखे जाते हैं। तहसील कार्यालय का भी यहीं हाल है। कानूनगो, नायब तहसीलदार, मालखाना आदि कार्यालयों में बिचौलिए ही सरकारी काम निपटाते नजर आते हैं। अधिकारी और कर्मचारी इन लोगों पर भरोसा रखकर सरकारी अभिलेख तक सहेजने का दायित्व सौंप देते हैं। जिससे इनकी पहचान आम फरियादी नहीं कर पाते हैं।
...
निरंतर होगी छापेमारी
एडीएम प्रति पाल सिंह चौहान ने बताया कि सरकारी कार्यालयों में निरंतर छापेमारी की जाएगी। यदि कोई अनधिकृत व्यक्ति मिलेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। छापा के दौरान तीन अनधिकृत लोगों को गिरफ्तार कराकर कोतवाली भेज दिया गया है।