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Basti News: जांचे जा रहे खाते...घपला सामने आने के बाद शुरू हुआ सत्यापन
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बूथ पर एसआईआर प्रक्रिया का जायजा लेती डीएम लेती डीएम कृत्तिका ज्योत्सना, साथ में एडीएम प्रतिपा
- फोटो : तीर्थ यात्री सेवा केंद्र में प्रतिष्ठा द्वादशी कार्यालय के उद्घाटन पर पूजन करते महंत दिनेंद्र दास
बस्ती। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) में प्रथम और द्वितीय किस्त में करीब 96 लाख रुपये के बड़े गड़बड़ी के मामले में गठित जांच टीम ने जांच प्रक्रिया को तेज कर दी है।
घपलेबाजों ने योजना की डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) प्रक्रिया को निशाना बनाकर सुनियोजित तरीके से इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया है। आईसीडीएस विभाग की आंतरिक ऑडिट के दौरान लाभार्थियों की सूची और उनके बैंक खातों के सत्यापन में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं हैं। खुद अधिकारी अब गांव में जाकर एक-एक लाभार्थी का सत्यापन कर रहे हैं।
जिले के रुधौली ब्लॉक में योजना के तहत 1710 लाभार्थी का भुगतान सितंबर माह में दिखाकर इस खेल को अंजाम दिया गया है, जबकि अन्य ब्लॉकों में डेढ़ से दो सौ आवेदन ही आए और भुगतान हुआ है। लेकिन, रुधौली में 139.36 प्रतिशत भुगतान दिखाया गया है। बताया गया कि दूसरे बैंक खाते में ट्रांसफर कर असली लाभार्थी को योजना से वंचित करने का षड्यंत्र हुआ है। बताया गया कि यह राशि एक हजार से अधिक दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर की गई, जो गरीब और प्रसूता महिलाओं को दी जाने वाली सरकारी सहायता थी।
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करीब एक हजार प्रसूताओं के हक पर डाका डालने वाले कथित कर्मी और जालसाज तक टीम पहुंचने की कोशिश में जुट गई है। हालांकि, अभी रिपोर्ट नहीं आई है, लेकिन एक हजार से अधिक खाते-लाभार्थी चिह्नित कर लिए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। बताया गया कि कई ऐसे लाभार्थी के नाम हैं जो खोजे नहीं मिले हैं। इसकी रिपोर्ट अधिकारियों ने जांच टीम को भी सौंपी है। जांच टीम के अध्यक्ष सीआरओ कीर्ति प्रकाश भारती की अगुवाई में हो रही है। जिसमें सीटीओ अशोक कुमार प्रजापति और एनआईसी के डीआईओ भी शामिल हैं।
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घपलेबाजों ने योजना की डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) प्रक्रिया को निशाना बनाकर सुनियोजित तरीके से इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया है। आईसीडीएस विभाग की आंतरिक ऑडिट के दौरान लाभार्थियों की सूची और उनके बैंक खातों के सत्यापन में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं हैं। खुद अधिकारी अब गांव में जाकर एक-एक लाभार्थी का सत्यापन कर रहे हैं।
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जिले के रुधौली ब्लॉक में योजना के तहत 1710 लाभार्थी का भुगतान सितंबर माह में दिखाकर इस खेल को अंजाम दिया गया है, जबकि अन्य ब्लॉकों में डेढ़ से दो सौ आवेदन ही आए और भुगतान हुआ है। लेकिन, रुधौली में 139.36 प्रतिशत भुगतान दिखाया गया है। बताया गया कि दूसरे बैंक खाते में ट्रांसफर कर असली लाभार्थी को योजना से वंचित करने का षड्यंत्र हुआ है। बताया गया कि यह राशि एक हजार से अधिक दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर की गई, जो गरीब और प्रसूता महिलाओं को दी जाने वाली सरकारी सहायता थी।
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करीब एक हजार प्रसूताओं के हक पर डाका डालने वाले कथित कर्मी और जालसाज तक टीम पहुंचने की कोशिश में जुट गई है। हालांकि, अभी रिपोर्ट नहीं आई है, लेकिन एक हजार से अधिक खाते-लाभार्थी चिह्नित कर लिए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। बताया गया कि कई ऐसे लाभार्थी के नाम हैं जो खोजे नहीं मिले हैं। इसकी रिपोर्ट अधिकारियों ने जांच टीम को भी सौंपी है। जांच टीम के अध्यक्ष सीआरओ कीर्ति प्रकाश भारती की अगुवाई में हो रही है। जिसमें सीटीओ अशोक कुमार प्रजापति और एनआईसी के डीआईओ भी शामिल हैं।