{"_id":"612fbf9f8ebc3e7a2519ae10","slug":"abo-e-hawa-of-basti-mandal-is-coming-to-cranes-basti-news-gkp4075999150","type":"story","status":"publish","title_hn":"सारस को रास आ रही बस्ती मंडल की आबो-ए-हवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सारस को रास आ रही बस्ती मंडल की आबो-ए-हवा
विज्ञापन
बस्ती के चंदो ताल में विचरण करते सारस।
- फोटो : BASTI
सारस को रास आ रही बस्ती मंडल की आबो-ए-हवा
बस्ती। सारस पक्षियों को बस्ती मंडल की जलवायु रास आने लगी है। यह वन विभाग की 2021 की सारस गणना के बाद साबित हो गया है। मंडल में कुल 914 सारस विचरण करते पाए गए हैं। इनमें 755 वयस्क व 159 बच्चे हैं।
सबसे अधिक नेपाल के पहाड़ी व जंगली क्षेत्रों से सटे सिद्धार्थनगर जिले में कुल संख्या के दो तिहाई सारस पाए गए हैं। उसके बाद संतकबीरनगर व बस्ती में यह पक्षी बड़ी संख्या में मिले हैं। वन विभाग ने इनके संरक्षण के लिए गार्ड तैनात कर दिए हैं, ताकि वे प्राकृतिक वातावरण से भागकर दूर न जा सकें। वन विभाग की टीमों ने तीनों जिलों के प्राकृतिक तालाबों व झीलों का सर्वे कर सारसों की गणना की है। सिद्धार्थनगर में कुल 601 सारसों की गिनती की गई है। इसमें 461 प्रौढ़ व 140 सारसों के बच्चे पाए गए हैं। इस जिले के मझौली सागर में सबसे अधिक 64 सारस मिले हैं, उसके बाद शिवपति सागर में 62, पथरा ताल में 54, कपिया ताल में 46 व सिसवा ताल में 44 सारसों की मौजूदगी मिली है।
दूसरी तरफ संतकबीरनगर में कुल 223 सारसों की गिनती हुई है, जिनमें 206 वयस्क व 17 सारसों के बच्चे शामिल हैं। यहां अकेले मलाई ताल में 93 व लहुरा ताल के सुरम्य वातवारण में 68 सारस प्रकृति का लुत्फ लेते पाए गए। बस्ती जनपद में कुल 88 वयस्क व दो सारस के बच्चे मिले हैं। यहां सबसे अधिक पचवस, आमा भुइला व गड़हा दलथंभन के तालों में 8-8 सारस पाए गए हैं जबकि चंदो ताल पक्षी विहार में 4 सारस पाए गए हैं। शहर से सटे संत रविदास वन विहार में एक भी सारस नहीं पाया गया। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि यह पक्षी कोलाहल से दूर रहने के आदी हो चुके हैं।
विज्ञापन
बस्ती मंडल में सारसों की गणना पूरी की जा चुकी है। 914 सारसों में 159 सारसों के बच्चे पाए गए। इनके संरक्षण के लिए सभी डीएफओ को अतिरिक्त निगरानी करवाने के निर्देश दिए गए हैं।
- एपी पाठक, वन संरक्षक, बस्ती वृत्त
विज्ञापन
बस्ती। सारस पक्षियों को बस्ती मंडल की जलवायु रास आने लगी है। यह वन विभाग की 2021 की सारस गणना के बाद साबित हो गया है। मंडल में कुल 914 सारस विचरण करते पाए गए हैं। इनमें 755 वयस्क व 159 बच्चे हैं।
सबसे अधिक नेपाल के पहाड़ी व जंगली क्षेत्रों से सटे सिद्धार्थनगर जिले में कुल संख्या के दो तिहाई सारस पाए गए हैं। उसके बाद संतकबीरनगर व बस्ती में यह पक्षी बड़ी संख्या में मिले हैं। वन विभाग ने इनके संरक्षण के लिए गार्ड तैनात कर दिए हैं, ताकि वे प्राकृतिक वातावरण से भागकर दूर न जा सकें। वन विभाग की टीमों ने तीनों जिलों के प्राकृतिक तालाबों व झीलों का सर्वे कर सारसों की गणना की है। सिद्धार्थनगर में कुल 601 सारसों की गिनती की गई है। इसमें 461 प्रौढ़ व 140 सारसों के बच्चे पाए गए हैं। इस जिले के मझौली सागर में सबसे अधिक 64 सारस मिले हैं, उसके बाद शिवपति सागर में 62, पथरा ताल में 54, कपिया ताल में 46 व सिसवा ताल में 44 सारसों की मौजूदगी मिली है।
विज्ञापन
दूसरी तरफ संतकबीरनगर में कुल 223 सारसों की गिनती हुई है, जिनमें 206 वयस्क व 17 सारसों के बच्चे शामिल हैं। यहां अकेले मलाई ताल में 93 व लहुरा ताल के सुरम्य वातवारण में 68 सारस प्रकृति का लुत्फ लेते पाए गए। बस्ती जनपद में कुल 88 वयस्क व दो सारस के बच्चे मिले हैं। यहां सबसे अधिक पचवस, आमा भुइला व गड़हा दलथंभन के तालों में 8-8 सारस पाए गए हैं जबकि चंदो ताल पक्षी विहार में 4 सारस पाए गए हैं। शहर से सटे संत रविदास वन विहार में एक भी सारस नहीं पाया गया। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि यह पक्षी कोलाहल से दूर रहने के आदी हो चुके हैं।
विज्ञापन
बस्ती मंडल में सारसों की गणना पूरी की जा चुकी है। 914 सारसों में 159 सारसों के बच्चे पाए गए। इनके संरक्षण के लिए सभी डीएफओ को अतिरिक्त निगरानी करवाने के निर्देश दिए गए हैं।
- एपी पाठक, वन संरक्षक, बस्ती वृत्त