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Basti News: दस रुपये का सफर, दो सौ खर्च कर रहे यात्री
Mon, 21 Oct 2024 01:50 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Mon, 21 Oct 2024 01:50 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। पूर्वोत्तर रेलवे के डोमिनगढ़-जगतबेल के मध्य ऑटोमेटिक सिग्नलिंग कार्य और डोमिनगढ़-गोरखपुर के बीच तीसरी लाइन के प्री-नॉन इंटरलॉकिंग कार्य के चलते रेल विभाग की ओर से मेगा ब्लॉक किया गया है।
इसके कारण 27 अक्टूबर तक भटनी-अयोध्या पैसेंजर सहित कई एक्सप्रेस ट्रेनें निरस्त हैं। रेल यात्रियों को दस रुपये की जगह अब दो सौ रुपये खर्च कर प्राइवेट वाहनों से सफर करना पड़ रहा है।
रेल मंत्रालय की ओर से ट्रेनों के निरस्त किए जाने से रेल यात्रियों पर इसका असर पड़ने लगा है। छोटे रेलवे स्टेशनों से जहां पैसेंजर ट्रेन पड़कर गरीब,अमीर सभी लोग कम पैसे में अपना सफर पूरा कर लेते थे। वहीं 14 अक्टूबर से निरस्त चल रही ट्रेनों की वजह से यात्रियों को मजबूर होकर अधिक रुपए खर्च कर प्राइवेट वाहनों से यात्रा करनी पड़ रही है। आमा गांव के शुभम ने बताया कि बस्ती शहर में प्राइवेट नौकरी करता हूं। दस रुपये में पैसेंजर ट्रेन से यात्रा पूरी हो जाती थी। लेकिन जब से ट्रेन निरस्त हुई है। तब से प्रतिदिन आने-जाने में दो सौ रुपये किराए में खर्च हो जा रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि रेल विभाग को इतने लंबे समय तक ट्रेनों को निरस्त नहीं करना चाहिए था। सावडीह गांव के रामप्रकाश वर्मा ने बताया कि दीपावली त्यौहार एकदम नजदीक है। ग्रामीण क्षेत्र के यात्री कम पैसे में जहां पैसेंजर ट्रेनों के माध्यम से आसानी से अपनी यात्रा पूरी कर लेते थे। ड
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बस्ती। पूर्वोत्तर रेलवे के डोमिनगढ़-जगतबेल के मध्य ऑटोमेटिक सिग्नलिंग कार्य और डोमिनगढ़-गोरखपुर के बीच तीसरी लाइन के प्री-नॉन इंटरलॉकिंग कार्य के चलते रेल विभाग की ओर से मेगा ब्लॉक किया गया है।
इसके कारण 27 अक्टूबर तक भटनी-अयोध्या पैसेंजर सहित कई एक्सप्रेस ट्रेनें निरस्त हैं। रेल यात्रियों को दस रुपये की जगह अब दो सौ रुपये खर्च कर प्राइवेट वाहनों से सफर करना पड़ रहा है।
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रेल मंत्रालय की ओर से ट्रेनों के निरस्त किए जाने से रेल यात्रियों पर इसका असर पड़ने लगा है। छोटे रेलवे स्टेशनों से जहां पैसेंजर ट्रेन पड़कर गरीब,अमीर सभी लोग कम पैसे में अपना सफर पूरा कर लेते थे। वहीं 14 अक्टूबर से निरस्त चल रही ट्रेनों की वजह से यात्रियों को मजबूर होकर अधिक रुपए खर्च कर प्राइवेट वाहनों से यात्रा करनी पड़ रही है। आमा गांव के शुभम ने बताया कि बस्ती शहर में प्राइवेट नौकरी करता हूं। दस रुपये में पैसेंजर ट्रेन से यात्रा पूरी हो जाती थी। लेकिन जब से ट्रेन निरस्त हुई है। तब से प्रतिदिन आने-जाने में दो सौ रुपये किराए में खर्च हो जा रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि रेल विभाग को इतने लंबे समय तक ट्रेनों को निरस्त नहीं करना चाहिए था। सावडीह गांव के रामप्रकाश वर्मा ने बताया कि दीपावली त्यौहार एकदम नजदीक है। ग्रामीण क्षेत्र के यात्री कम पैसे में जहां पैसेंजर ट्रेनों के माध्यम से आसानी से अपनी यात्रा पूरी कर लेते थे। ड