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फिर बढ़ने लगा जलस्तर, दहशत मे ग्रामीण
Updated Fri, 20 Jul 2018 11:12 PM IST
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फिर बढ़ने लगा जलस्तर, दहशत में ग्रामीण
अमर उजाला ब्यूरो
दुबौलिया। कई दिनों से स्थित घाघरा का जल स्तर शुक्रवार की सुबह फिर बढ़ने लगा। घाघरा लाल निशान को पार करने के बाद दोपहर तक डेंजर लाइन की ओर बढ़ रही है। बढ़ते जल स्तर से ग्रामीण दहशत में आ गए है। नदी के रुख को देख बाढ़ खंड के अधिकारियों के हाथ-पांव फूलने लगे हैं। क्योंकि घाघरा बढ़ी तो इस बार दुबौलिया बाजार तक पानी आ जाएगा। इसके अलावा कई गांवों का अस्तित्व मिट जाएगा।
इधर बाढ़ खंड ठोकरों पर बोल्डर से मरम्मत का कार्य करवा रहा है। बृहस्पतिवार को चांदपुर गांव के पास बने ठोकर के बैठने से बाढ़ खंड के अधिकारी बोल्डरों से ठोकरों की मरम्मत करवा रहे हैं। इधर, खबर है कि विभागीय जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते बोरियां कम पड़ गई हैं। शुक्रवार की सुबह इसके चलते मजदूर खाली बैठे रहे और कई तो लौट गए। नदी हर दिन तेजी से कटान करते हुए बंधे की ओर बढ़ रही है, जिससे कई गांवों खतरा मंडराने लगा है।
एसडीओ जितेन्द्र कुमार का कहते हैं बेस बनाने का काम लगभग पूरा हो गया है। बोरियां कम पड़ गई थीं, मगर शाम तक इसका प्रबंध हो जाएगा। बोल्डरों से ठोकर की मरम्मत का कार्य तेजी से कराया जा रहा है।
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अमर उजाला ब्यूरो
दुबौलिया। कई दिनों से स्थित घाघरा का जल स्तर शुक्रवार की सुबह फिर बढ़ने लगा। घाघरा लाल निशान को पार करने के बाद दोपहर तक डेंजर लाइन की ओर बढ़ रही है। बढ़ते जल स्तर से ग्रामीण दहशत में आ गए है। नदी के रुख को देख बाढ़ खंड के अधिकारियों के हाथ-पांव फूलने लगे हैं। क्योंकि घाघरा बढ़ी तो इस बार दुबौलिया बाजार तक पानी आ जाएगा। इसके अलावा कई गांवों का अस्तित्व मिट जाएगा।
इधर बाढ़ खंड ठोकरों पर बोल्डर से मरम्मत का कार्य करवा रहा है। बृहस्पतिवार को चांदपुर गांव के पास बने ठोकर के बैठने से बाढ़ खंड के अधिकारी बोल्डरों से ठोकरों की मरम्मत करवा रहे हैं। इधर, खबर है कि विभागीय जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते बोरियां कम पड़ गई हैं। शुक्रवार की सुबह इसके चलते मजदूर खाली बैठे रहे और कई तो लौट गए। नदी हर दिन तेजी से कटान करते हुए बंधे की ओर बढ़ रही है, जिससे कई गांवों खतरा मंडराने लगा है।
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एसडीओ जितेन्द्र कुमार का कहते हैं बेस बनाने का काम लगभग पूरा हो गया है। बोरियां कम पड़ गई थीं, मगर शाम तक इसका प्रबंध हो जाएगा। बोल्डरों से ठोकर की मरम्मत का कार्य तेजी से कराया जा रहा है।
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