फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   86 roadways buses trapped in fleet, passengers dependent on trains

Basti News: बेड़े में कैद हुईं रोडवेज की 86 बसें, ट्रेनों के भरोसे यात्री

Mon, 10 Aug 2026 01:08 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 10 Aug 2026 01:08 AM IST
विज्ञापन
86 roadways buses trapped in fleet, passengers dependent on trains
रोडवेज बस्ती डिपो के बेड़े में खड़ी बसें संवाद
बस्ती। कांवड़ यात्रा के मद्देनजर बस्ती-अयोध्या फोरलेन पर लागू रूट डायवर्जन ने रोडवेज की कमर तोड़ दी है। आवाजाही पर रोक-टोक और वैकल्पिक मार्गों पर भी परिचालन की सीमाओं के चलते परिवहन निगम की करीब 80 प्रतिशत बसें बेड़े में ही खड़ी हैं। रविवार शाम तीन बजे तक निगम की 102 बसों में से महज 16 ही रूट पर निकल सकीं। 86 बसें परिसर में खड़ी रहीं। इससे निगम की आय प्रभावित होने के साथ यात्रियों की परेशानी भी बढ़ गई है। कांवड़ यात्रा को लेकर 11 अगस्त तक रूट डायवर्जन लागू है। इसके चलते गोरखपुर से लखनऊ और अन्य जिलों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। जरूरी सेवाओं को इन मार्गों से चलाने की अनुमति है, लेकिन सामान्य बस संचालन प्रभावित है। रोडवेज अधिकारियों के मुताबिक डायवर्जन के कारण सवारियों की संख्या भी कम हुई है। जो यात्री सफर के लिए पहुंच रहे हैं, उन्हें भी कई मार्गों पर बस उपलब्ध कराना मुश्किल हो रहा है।
विज्ञापन

रूट डायवर्जन का असर निगम के साथ अनुबंधित बस सेवाओं पर भी पड़ा है। संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर और अंबेडकरनगर रूट पर चलने वाली कई बसों का संचालन फिलहाल रोक दिया गया है। वहीं लखनऊ, दिल्ली, कानपुर और बांसी रूट की सेवाएं भी प्रभावित हैं।
विज्ञापन

बसों के बड़ी संख्या में परिसर में खड़े रहने से स्टेशन पर जगह की समस्या उत्पन्न हो गई है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed