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तो मेडिकल कालेज से संबद्ध हो जाएगा कैली
Updated Sun, 24 Sep 2017 11:23 PM IST
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मेडिकल कॉलेज से संबद्ध हो जाएगा कैली
बस्ती।
शहर से तकरीबन दो किलोमीटर की दूरी पर स्थापित ओपेक चिकित्सालय कैली के दिन अब शायद बहुर जाएं। क्योंकि इस अस्पताल को मेडिकल कॉलेज से संबद्ध करने की पहल तेज हो गई है।
पहले अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसके श्रीवास्तव ने चार्ज लेते ही शासन से इस पर पत्राचार किया। अब प्रमुख सचिव और जिले की नोडल अफसर रेणुका कुमार ने भी संबद्धता को लेकर अपने स्तर से प्रयास करने का आश्वासन दे दिया है। यदि कोई तकनीकी पेंच नहीं फंसा तो ओपेक चिकित्सालय कैली की संबद्धता मेडिकल कॉलेज से हो जाएगी।
जिला मुख्यालय पर स्थित ओपेक चिकित्सालय कैली करीब बीस एकड़ भू-भाग में फैला है। यह अस्पताल ओपेक देशों के सहयोग से स्थापित है। इसकी आधारशिला यूं तो वर्ष 1988 में पड़ी थी, मगर अस्पताल वर्ष 1997 में शुरू हुआ। पांच सौ शैय्या वाले यह अस्पताल अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। मगर विशेषज्ञ हाथों की कमी के चलते यह अपना अस्तित्व खोता जा रहा है। अस्पताल भवन की रूपरेखा तो पीजीआई की तर्ज पर है। संसाधन भी भरपूर हैं।
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पिछले दिनों केंद्र सरकार ने अपने जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की। जमीन भी अस्पताल के निकट लिया गया मगर उसकी संबद्धता जिला अस्पताल से तय की गई है। ऐसे में लोगों का मोह ओपेक चिकित्सालय से भंग होने लगा। दूरी और जर्जर सड़क मार्ग के चलते मरीज इस अस्पताल तक जाने से बचते हैं। मगर अब अस्पताल को नई जिंदगी देने की पहल तेज हो गई है। नवागत सीएमएस डॉ. एसके श्रीवास्तव ने एक माह पूर्व यहां का चार्ज लिया। इसके बाद सबसे पहले उन्होंने अस्पताल की भव्यता और संसाधनों को देखते हुए शासन से पत्राचार कर अस्पताल को व्यवस्थित करने को लिखा। इसी बीच उन्हें यह भी पता चला कि कैली के निकट ही मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाना है। इन स्थितियों को संज्ञान में लेकर उन्होंने शासन को पत्र लिखा कि ओपेक चिकित्सालय को ही मेडिकल कॉलेज से संबद्ध कर दिया जाए। कारण यह कि संसाधनों, भूमि और भवन के दृष्टि कोण से अस्पताल सुसज्जित है। मेडिकल कॉलेज की संबद्धता लाभकारी होगी। इस पत्र का अभी शासन संज्ञान ले कि दो दिन पूर्व जिले के दौरे पर आईं प्रमुख सचिव बाल विकास एवं महिला कल्याण रेणुका कुमार ने भी अस्पताल का निरीक्षण कर उसकी स्थिति जानी। जाते-जाते वह कैली प्रशासन को आश्वस्त कर गईं कि अपने स्तर से शासन में इस प्रस्ताव को हरी झंडी दिए जाने का प्रयास करेंगी।
ओपेक चिकित्सालय कैली के सीएमएस डॉ. एसके श्रीवास्तव ने पुष्टि करते हुए कहा कि यदि कैली की संबद्धता मेडिकल कॉलेज से हो जाएगी तो इसका स्वरूप बदल जाएगा। अस्पताल में डॉक्टरों की कमी तो दूर हो ही जाएगी। साथ ही मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों को भी कार्य करने का अवसर मिलेगा।
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बस्ती।
शहर से तकरीबन दो किलोमीटर की दूरी पर स्थापित ओपेक चिकित्सालय कैली के दिन अब शायद बहुर जाएं। क्योंकि इस अस्पताल को मेडिकल कॉलेज से संबद्ध करने की पहल तेज हो गई है।
पहले अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसके श्रीवास्तव ने चार्ज लेते ही शासन से इस पर पत्राचार किया। अब प्रमुख सचिव और जिले की नोडल अफसर रेणुका कुमार ने भी संबद्धता को लेकर अपने स्तर से प्रयास करने का आश्वासन दे दिया है। यदि कोई तकनीकी पेंच नहीं फंसा तो ओपेक चिकित्सालय कैली की संबद्धता मेडिकल कॉलेज से हो जाएगी।
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जिला मुख्यालय पर स्थित ओपेक चिकित्सालय कैली करीब बीस एकड़ भू-भाग में फैला है। यह अस्पताल ओपेक देशों के सहयोग से स्थापित है। इसकी आधारशिला यूं तो वर्ष 1988 में पड़ी थी, मगर अस्पताल वर्ष 1997 में शुरू हुआ। पांच सौ शैय्या वाले यह अस्पताल अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। मगर विशेषज्ञ हाथों की कमी के चलते यह अपना अस्तित्व खोता जा रहा है। अस्पताल भवन की रूपरेखा तो पीजीआई की तर्ज पर है। संसाधन भी भरपूर हैं।
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पिछले दिनों केंद्र सरकार ने अपने जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की। जमीन भी अस्पताल के निकट लिया गया मगर उसकी संबद्धता जिला अस्पताल से तय की गई है। ऐसे में लोगों का मोह ओपेक चिकित्सालय से भंग होने लगा। दूरी और जर्जर सड़क मार्ग के चलते मरीज इस अस्पताल तक जाने से बचते हैं। मगर अब अस्पताल को नई जिंदगी देने की पहल तेज हो गई है। नवागत सीएमएस डॉ. एसके श्रीवास्तव ने एक माह पूर्व यहां का चार्ज लिया। इसके बाद सबसे पहले उन्होंने अस्पताल की भव्यता और संसाधनों को देखते हुए शासन से पत्राचार कर अस्पताल को व्यवस्थित करने को लिखा। इसी बीच उन्हें यह भी पता चला कि कैली के निकट ही मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाना है। इन स्थितियों को संज्ञान में लेकर उन्होंने शासन को पत्र लिखा कि ओपेक चिकित्सालय को ही मेडिकल कॉलेज से संबद्ध कर दिया जाए। कारण यह कि संसाधनों, भूमि और भवन के दृष्टि कोण से अस्पताल सुसज्जित है। मेडिकल कॉलेज की संबद्धता लाभकारी होगी। इस पत्र का अभी शासन संज्ञान ले कि दो दिन पूर्व जिले के दौरे पर आईं प्रमुख सचिव बाल विकास एवं महिला कल्याण रेणुका कुमार ने भी अस्पताल का निरीक्षण कर उसकी स्थिति जानी। जाते-जाते वह कैली प्रशासन को आश्वस्त कर गईं कि अपने स्तर से शासन में इस प्रस्ताव को हरी झंडी दिए जाने का प्रयास करेंगी।
ओपेक चिकित्सालय कैली के सीएमएस डॉ. एसके श्रीवास्तव ने पुष्टि करते हुए कहा कि यदि कैली की संबद्धता मेडिकल कॉलेज से हो जाएगी तो इसका स्वरूप बदल जाएगा। अस्पताल में डॉक्टरों की कमी तो दूर हो ही जाएगी। साथ ही मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों को भी कार्य करने का अवसर मिलेगा।