{"_id":"5988afe74f1c1b012b8b46f3","slug":"81502130151-basti-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जांच आदेश तक सिमटकर रह जाती प्रशासन की कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जांच आदेश तक सिमटकर रह जाती प्रशासन की कार्रवाई
Updated Mon, 07 Aug 2017 11:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बस्ती। नगरपालिका में अनियमित कार्यों को लेकर प्रशासन कितना संवेदनशील है, इसका पता पिछले तीन जांच आदेश के हश्र को देखकर लगाया जा सकता है। सरकारी धन का गोलमाल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात तो दूर जांच के आदेश पर अमल के बारे में भी पता नहीं है।
शिकायकर्ताओं की मानें तो जांच आदेश तमाशा बनकर रह गया। मामले को शांत करने का अफसरों का एक आसान हथियार जांच आदेश करना है लेकिन जांच कब तक होगा, इसका पता नहीं चलता। प्रशासन गंभीर मामलों की शिकायतों पर जांच बैठा दे रहा है, जिससे लोगों की आस बंध जाती हैं, लेकिन उसका रिजल्ट कब तक आएगा। इसका पता नहीं चल पाता। नगर पालिका के अनियमित कार्यो के लिए पिछले दिन डीएम ने तीन जांच कमेटी बनाई। कमेटी बनाए दो माह से अधिक हो गए मगर अभी तक जांच की प्रक्रिया ही नहीं शुरू हुई।
बदला जांच अधिकारी, रिपोर्ट का पता नहीं
पहला मामला दो माह से अधिक हुए व्यापारी संघ के जिलाध्यक्ष आंनद राजपाल की अगुवाई में डीएम को 15 कार्यों की सूची जांच के लिए दी थी। इस पर डीएम ने छह कार्यों की जांच का आदेश एक्सईएन पीडब्लूडी प्रांतीय खंड को दिया, प्रांतीय खंड ने उस सहायक अभियंता को जांच अधिकरी बना दिया, जिसे डीएम ने पालिका में सहायक अभियंता नियुक्ति किया, जबकि आरोप पालिका के सहायक अभियंता पर ही है। जांच तो पूरी नहीं हुई अलबत्ता एक्सईएन का तबादला अवश्य हो गया, और अब पता चला कि डीएम ने सहायक अभियंता के स्थान पर दूसरे को जांच अधिकारी बना दिया।
विज्ञापन
अभी तक नहीं आया परिणाम
दूसरी जांच टीम 23 जून 2017 को एसडीएम सदर की अध्यक्षता में बनाई गई, इसमें भी एक्सईएन पीडब्लूडी प्रांतीय खंड और अवर अभियंता पीडब्लूडी निर्माण खंड को रखा गया। यह जांच टीम संजय और प्रमोद सहित अन्य कारोबारियों के शिकायत पर बनाई गई, शिकायत में रोडवेज पुलिया से लेकर जिला अस्पताल तक के दोनों पटिरियों पर लगाए गए इंटरलाकिंग के घटिया गुणवत्ता को लेकर की गई। इसका हर्ष भी पहले वाली की तरह शिकायत की तरह हुआ।
पत्रावली नहीं दे रहे ईओ
तीसरी जांच एडीएम को दो माह पहले दी गई, इसमें हनुमानगढ़ी के बगल में जलकल परिसर में पालिका द्वारा अनियमित तरीके से निर्माण कराए जा रहे दुकानों को लेकर की गई। यह शिकायत एक पत्रकार द्वारा की गई, एडीएम भगवान शरण का कहना है पालिका के ईओ से पत्रावली मांगी जा रही है, मगर वह उपलब्ध ही नहीं करा रहे हैं, जिसके चलते जांच नहीं हो पा रही है। यही हाल डूडा के जांच की भी है।
विज्ञापन
शिकायकर्ताओं की मानें तो जांच आदेश तमाशा बनकर रह गया। मामले को शांत करने का अफसरों का एक आसान हथियार जांच आदेश करना है लेकिन जांच कब तक होगा, इसका पता नहीं चलता। प्रशासन गंभीर मामलों की शिकायतों पर जांच बैठा दे रहा है, जिससे लोगों की आस बंध जाती हैं, लेकिन उसका रिजल्ट कब तक आएगा। इसका पता नहीं चल पाता। नगर पालिका के अनियमित कार्यो के लिए पिछले दिन डीएम ने तीन जांच कमेटी बनाई। कमेटी बनाए दो माह से अधिक हो गए मगर अभी तक जांच की प्रक्रिया ही नहीं शुरू हुई।
विज्ञापन
बदला जांच अधिकारी, रिपोर्ट का पता नहीं
पहला मामला दो माह से अधिक हुए व्यापारी संघ के जिलाध्यक्ष आंनद राजपाल की अगुवाई में डीएम को 15 कार्यों की सूची जांच के लिए दी थी। इस पर डीएम ने छह कार्यों की जांच का आदेश एक्सईएन पीडब्लूडी प्रांतीय खंड को दिया, प्रांतीय खंड ने उस सहायक अभियंता को जांच अधिकरी बना दिया, जिसे डीएम ने पालिका में सहायक अभियंता नियुक्ति किया, जबकि आरोप पालिका के सहायक अभियंता पर ही है। जांच तो पूरी नहीं हुई अलबत्ता एक्सईएन का तबादला अवश्य हो गया, और अब पता चला कि डीएम ने सहायक अभियंता के स्थान पर दूसरे को जांच अधिकारी बना दिया।
विज्ञापन
अभी तक नहीं आया परिणाम
दूसरी जांच टीम 23 जून 2017 को एसडीएम सदर की अध्यक्षता में बनाई गई, इसमें भी एक्सईएन पीडब्लूडी प्रांतीय खंड और अवर अभियंता पीडब्लूडी निर्माण खंड को रखा गया। यह जांच टीम संजय और प्रमोद सहित अन्य कारोबारियों के शिकायत पर बनाई गई, शिकायत में रोडवेज पुलिया से लेकर जिला अस्पताल तक के दोनों पटिरियों पर लगाए गए इंटरलाकिंग के घटिया गुणवत्ता को लेकर की गई। इसका हर्ष भी पहले वाली की तरह शिकायत की तरह हुआ।
पत्रावली नहीं दे रहे ईओ
तीसरी जांच एडीएम को दो माह पहले दी गई, इसमें हनुमानगढ़ी के बगल में जलकल परिसर में पालिका द्वारा अनियमित तरीके से निर्माण कराए जा रहे दुकानों को लेकर की गई। यह शिकायत एक पत्रकार द्वारा की गई, एडीएम भगवान शरण का कहना है पालिका के ईओ से पत्रावली मांगी जा रही है, मगर वह उपलब्ध ही नहीं करा रहे हैं, जिसके चलते जांच नहीं हो पा रही है। यही हाल डूडा के जांच की भी है।