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पहले दिन बंद रहे पीसीएफ के 81 केंद्र
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पहले दिन बंद रहे पीसीएफ के 81 केंद्र
122 में से 41 धान खरीद केंद्र सक्रिय, 5467 किसानों ने कराया है पंजीकरण
बस्ती। जिले में सोमवार से न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के तहत धान खरीद शुरू तो हो गई, लेकिन धान में नमी के कारण किसान केंद्रों पर नहीं पहुंचे। जिले में धान खरीद के लिए 122 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इनमें से पीसीएफ के 81 केंद्रों पर हड़ताल के कारण ताला लटका रहा। जबकि खाद्य रसद व पीसीयू के 41 केंद्र सक्रिय रहे। अब तक धान बेचने के लिए 5467 किसानों ने पंजीकरण कराया है।
पहले दिन केंद्रों पर अधिकांश किसान केवल जानकारी लेने पहुंचे। देर शाम तक किसी भी सेंटर पर खरीद की सूचना नहीं है। हालांकि हड़ताल के चलते समितियों के केंद्र बंद रहे। इन केंद्रों के मंगलवार से खुल जाने की उम्मीद एआर को-आपरेटिव प्रेम प्रकाश प्रजापति ने जताई है।
एक नवंबर से 28 फरवरी तक धान खरीद होनी है। खरीद के लिए 122 केंद्र बनाए गए हैं। इसमें खाद्य एवं रसद विभाग के 21, पीसीयू के 20 व 81 केंद्र पीसीएफ के हैं। खरीद का लक्ष्य 15100 एमटी है। खरीद को लेकर पहले दिन कोई खास उत्साह नजर नहीं आया।
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धान खरीद की तैयारियों का जायजा लेने डिप्टी आरएमओ गोरखनाथ पांडेय निकले। उन्होंने मंडी समिति के केंद्रों की स्थिति और तैयारियों की समीक्षा की। यहां निरीक्षक संजय जायसवाल ने दोनो सेंटरों का निरीक्षण करवाया। इसके बाद डिप्टी आरएमओ आगे चले गए। डिप्टी आरएमओ ने बताया कि जिले में हड़ताल के चलते पीसीएफ के सेंटर नहीं सक्रिय हो सके। जबकि खाद्य एवं रसद विभाग तथा पीसीयू के सेंटर संचालित कर दिए गए हैं।
केंद्र तैयार पर नमी के कारण खरीद नहीं
बहादुरपुर। शासन ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की खरीद एक नवंबर से शुरू करने के निर्देश दिए है। इसके लिए बहादुरपुर ब्लॉक क्षेत्र में बनाए गए क्रय केंद्र भी तैयार हैं, लेकिन अत्यधिक बारिश के कारण धान में नमी 17 प्रतिशत से अधिक होने के कारण खरीदारी शुरू नहीं हो पाई है। विपणन निरीक्षक संजय कुमार शुक्ल ने बताया कि पहले दिन एक-दो किसान पूछताछ करने आए थे, उन्हें धान सुखाने के लिए कहा गया है। क्योंकि उनके धान में 24 प्रतिशत है। मानक के अनुरूप धान आने पर खरीदारी शुरू कर दी जाएगी।
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122 में से 41 धान खरीद केंद्र सक्रिय, 5467 किसानों ने कराया है पंजीकरण
बस्ती। जिले में सोमवार से न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के तहत धान खरीद शुरू तो हो गई, लेकिन धान में नमी के कारण किसान केंद्रों पर नहीं पहुंचे। जिले में धान खरीद के लिए 122 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इनमें से पीसीएफ के 81 केंद्रों पर हड़ताल के कारण ताला लटका रहा। जबकि खाद्य रसद व पीसीयू के 41 केंद्र सक्रिय रहे। अब तक धान बेचने के लिए 5467 किसानों ने पंजीकरण कराया है।
पहले दिन केंद्रों पर अधिकांश किसान केवल जानकारी लेने पहुंचे। देर शाम तक किसी भी सेंटर पर खरीद की सूचना नहीं है। हालांकि हड़ताल के चलते समितियों के केंद्र बंद रहे। इन केंद्रों के मंगलवार से खुल जाने की उम्मीद एआर को-आपरेटिव प्रेम प्रकाश प्रजापति ने जताई है।
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एक नवंबर से 28 फरवरी तक धान खरीद होनी है। खरीद के लिए 122 केंद्र बनाए गए हैं। इसमें खाद्य एवं रसद विभाग के 21, पीसीयू के 20 व 81 केंद्र पीसीएफ के हैं। खरीद का लक्ष्य 15100 एमटी है। खरीद को लेकर पहले दिन कोई खास उत्साह नजर नहीं आया।
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धान खरीद की तैयारियों का जायजा लेने डिप्टी आरएमओ गोरखनाथ पांडेय निकले। उन्होंने मंडी समिति के केंद्रों की स्थिति और तैयारियों की समीक्षा की। यहां निरीक्षक संजय जायसवाल ने दोनो सेंटरों का निरीक्षण करवाया। इसके बाद डिप्टी आरएमओ आगे चले गए। डिप्टी आरएमओ ने बताया कि जिले में हड़ताल के चलते पीसीएफ के सेंटर नहीं सक्रिय हो सके। जबकि खाद्य एवं रसद विभाग तथा पीसीयू के सेंटर संचालित कर दिए गए हैं।
केंद्र तैयार पर नमी के कारण खरीद नहीं
बहादुरपुर। शासन ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की खरीद एक नवंबर से शुरू करने के निर्देश दिए है। इसके लिए बहादुरपुर ब्लॉक क्षेत्र में बनाए गए क्रय केंद्र भी तैयार हैं, लेकिन अत्यधिक बारिश के कारण धान में नमी 17 प्रतिशत से अधिक होने के कारण खरीदारी शुरू नहीं हो पाई है। विपणन निरीक्षक संजय कुमार शुक्ल ने बताया कि पहले दिन एक-दो किसान पूछताछ करने आए थे, उन्हें धान सुखाने के लिए कहा गया है। क्योंकि उनके धान में 24 प्रतिशत है। मानक के अनुरूप धान आने पर खरीदारी शुरू कर दी जाएगी।