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बीमार न कर दे महिला अस्पताल का कूड़ा
Updated Mon, 20 Aug 2018 11:28 PM IST
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बीमार न कर दे महिला अस्पताल का कूड़ा
नगर पालिका के लिए मुसीबत बना कूड़ा
कूड़ा निस्तारण में फेल है अस्पताल प्रशासन
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। सामान्य कूड़े का निस्तारण नगरपालिका की जिम्मेदारी है। मगर मेडिकल कचरा अस्पताल प्रशासन निस्तारित कराता है। यह निर्देश की बात है। यहां महिला अस्पताल का कूड़ा सड़क पर निस्तारित होता है वह भी सुबह नौ बजे, जब सफाईकर्मी शहर की सफाई कर चुके होते हैं।
सड़क पर पसर अस्पताल कचरे की गंदगी से लोग परेशान हो ही रहे हैं नगर पालिका के जिम्मेदार भी परेशान हैं। अस्पताल का कचरा सामान्य नहीं होता इससे बीमारी फैलने की आशंका बनी रहती है। शिकायतों के बाद नगर पालिका प्रशासन दिन में दो बार यहां से कूड़ा हटवाता है, मगर इस पर अस्पताल प्रशासन लगाम लगा पाने में नाकाम है। जिला महिला अस्पताल से निकलने वाला कूड़ा सड़क किनारे ही रख दिया जा रहा है। इस कूड़े से उठती सड़ांध ने लोगों को परेशान कर रखा है। आने-जाने वाले तो नाक बंद कर निकल जाते हैं, मगर यहां के दुकानदार व नागरिक इसके चलते परेशान हो गए हैं। पालिका प्रशासन को भी यह स्थिति नागवार गुजर रही है, मगर वह भी इसे रोकने में अक्षम है। सबसे ज्यादा परेशानी तब होती है, जब शाम को बारिश हो जाती है और छुट्टा जानवर इस कूड़े को फैला देते हैं। यहां के निवासी अमित श्रीवास्तव कहते हैं कि अस्पताल प्रशासन न जाने कौन सी जिद पाले बैठे है कि कूड़ा सड़क पर दिन में दो बार फेंकता है। एक सुबह नौ बजे तो दूसरा दोपहर में। पालिका इस कूड़े को एक ओर उठाती है तो दोपहर बाद फिर वही स्थिति पैदा हो जाती है। नागरिक दहशत में हैं कि कहीं इससे कोई बीमारी न फैल जाए। यहां के एक अन्य निवासी मोनू कहते हैं कि कूड़ा सुबह नौ बजे और फिर दोपहर दो बजे के बाद यहां डाला जाता है। कभी-कभार रात में भी अस्पताल के कर्मी यहां कूड़ा फेंक देते हैं। वैसे तो चाहिए कि वे अस्पताल का कूड़ा परिसर में कहीं डंप करें और फिर पालिका के सफाई वाहन में डलवा दें, मगर ऐसा नहीं हो रहा है। इससे बीमारी फैलने का भी खतरा है। अस्पताल के कूड़ेे से सड़ांध भी उठती है, मगर क्या किया जा सकता है।
यह मेडिकल कचरा नहीं: एसआईसी
महिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. एके सिंह ने कहा कि सड़क पर जो कूड़ा फेंका जा रहा है वह वास्तव में मेडिकल कचरा नहीं है। इसके लिए अस्पताल परिसर में एक कमरा बनाया गया है, जहां उसे रखा जाता है। फिर अनुबंधित ठेकेदार की गाड़ी उसे उठा ले जाती है। यह सही है कि अस्पताल में आने वाले मरीजों के फैलाए गए कूड़े को गेट पर रखा जाता है। इसका कारण सिर्फ वहां कूड़ादान न होना है। इसके लिए नगर पालिका को लिखा गया है।
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नगर पालिका के लिए मुसीबत बना कूड़ा
कूड़ा निस्तारण में फेल है अस्पताल प्रशासन
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। सामान्य कूड़े का निस्तारण नगरपालिका की जिम्मेदारी है। मगर मेडिकल कचरा अस्पताल प्रशासन निस्तारित कराता है। यह निर्देश की बात है। यहां महिला अस्पताल का कूड़ा सड़क पर निस्तारित होता है वह भी सुबह नौ बजे, जब सफाईकर्मी शहर की सफाई कर चुके होते हैं।
सड़क पर पसर अस्पताल कचरे की गंदगी से लोग परेशान हो ही रहे हैं नगर पालिका के जिम्मेदार भी परेशान हैं। अस्पताल का कचरा सामान्य नहीं होता इससे बीमारी फैलने की आशंका बनी रहती है। शिकायतों के बाद नगर पालिका प्रशासन दिन में दो बार यहां से कूड़ा हटवाता है, मगर इस पर अस्पताल प्रशासन लगाम लगा पाने में नाकाम है। जिला महिला अस्पताल से निकलने वाला कूड़ा सड़क किनारे ही रख दिया जा रहा है। इस कूड़े से उठती सड़ांध ने लोगों को परेशान कर रखा है। आने-जाने वाले तो नाक बंद कर निकल जाते हैं, मगर यहां के दुकानदार व नागरिक इसके चलते परेशान हो गए हैं। पालिका प्रशासन को भी यह स्थिति नागवार गुजर रही है, मगर वह भी इसे रोकने में अक्षम है। सबसे ज्यादा परेशानी तब होती है, जब शाम को बारिश हो जाती है और छुट्टा जानवर इस कूड़े को फैला देते हैं। यहां के निवासी अमित श्रीवास्तव कहते हैं कि अस्पताल प्रशासन न जाने कौन सी जिद पाले बैठे है कि कूड़ा सड़क पर दिन में दो बार फेंकता है। एक सुबह नौ बजे तो दूसरा दोपहर में। पालिका इस कूड़े को एक ओर उठाती है तो दोपहर बाद फिर वही स्थिति पैदा हो जाती है। नागरिक दहशत में हैं कि कहीं इससे कोई बीमारी न फैल जाए। यहां के एक अन्य निवासी मोनू कहते हैं कि कूड़ा सुबह नौ बजे और फिर दोपहर दो बजे के बाद यहां डाला जाता है। कभी-कभार रात में भी अस्पताल के कर्मी यहां कूड़ा फेंक देते हैं। वैसे तो चाहिए कि वे अस्पताल का कूड़ा परिसर में कहीं डंप करें और फिर पालिका के सफाई वाहन में डलवा दें, मगर ऐसा नहीं हो रहा है। इससे बीमारी फैलने का भी खतरा है। अस्पताल के कूड़ेे से सड़ांध भी उठती है, मगर क्या किया जा सकता है।
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यह मेडिकल कचरा नहीं: एसआईसी
महिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. एके सिंह ने कहा कि सड़क पर जो कूड़ा फेंका जा रहा है वह वास्तव में मेडिकल कचरा नहीं है। इसके लिए अस्पताल परिसर में एक कमरा बनाया गया है, जहां उसे रखा जाता है। फिर अनुबंधित ठेकेदार की गाड़ी उसे उठा ले जाती है। यह सही है कि अस्पताल में आने वाले मरीजों के फैलाए गए कूड़े को गेट पर रखा जाता है। इसका कारण सिर्फ वहां कूड़ादान न होना है। इसके लिए नगर पालिका को लिखा गया है।
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