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प्रधान और सेक्रेटरी पर दो लाख गबन करने का आरोप
Updated Sat, 29 Jul 2017 11:26 PM IST
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बस्ती। काम कराया नहीं और खाते से निकाल लिया दो लाख तीन हजार रुपये से अधिक। इसे सरकारी धन का गबन मानते हुए डीपीआरओ गोपालजी ओझा प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी ने कार्रवाई करने से पहले जबाव देने के लिए दो दिन का समय दिया है। मामला बहादुरपुर ब्लॉक के ग्राम बेईली का है।
इस माह ग्राम निधि प्रथम के खाते से धन निकालकर गबन करने के 12 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें 50 लाख से अधिक के धन का बंदरबांट करने के आरोप में प्रधान और सेक्रेटरी के विरुद्ध कार्रवाई के लिए नोटिस जारी हुआ। अधिकारियों और ग्रामीणों की माने तो ग्राम निधि प्रथम के धन को प्रधान और सेक्रेटरी निजी धन के रुप में उपयोग कर रहे हैं। डीपीआरओ गोपाजी ओझा ने बताया कि ग्राम बेईली में प्रधान कौशलेंद्र और ग्राम पंचायत अधिकारी कुसुमलता सिंह ने मिलकर 20 अप्रैल 17 और 29 मई 2017 के बीच विभिन्न तिथियों में दो लाख तीन हजार 787 रुपये निकाल लिए। बताया कि वित्तीय वर्ष 2017-18 में ग्राम पंचायत की कार्ययोजना आनलाइन फीड कराने से पहले ही धन निकाल लिया गया। कहा कि इससे पता चलता है कि प्रधान और सेक्रेटरी ने मनमाने तरीके से कार्य करते हुए सरकारी धनराशि का दुरुपयोग किया। जो कि गबन की श्रेणी में आता है। बताया कि इसी तरह वित्तीय वर्ष 2016-17 में प्राप्त धन के सापेक्ष व्यय किए धनराशि को आनलाइन बाउचर फीड नहीं कराया। यह भी सरकारी धन के गबन की श्रेणी में आता है। बताया कि इसके लिए प्रधान और सेक्रेटरी को जवाब देने के लिए दो दिन का समय दिया गया, उसके बाद मुकदमा दर्ज कराने के साथ दोनों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इसमें प्रधान का अधिकार तक छीना जा सकता और सेक्रेटरी निलंबित तक किए जा सकते हैं।
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इस माह ग्राम निधि प्रथम के खाते से धन निकालकर गबन करने के 12 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें 50 लाख से अधिक के धन का बंदरबांट करने के आरोप में प्रधान और सेक्रेटरी के विरुद्ध कार्रवाई के लिए नोटिस जारी हुआ। अधिकारियों और ग्रामीणों की माने तो ग्राम निधि प्रथम के धन को प्रधान और सेक्रेटरी निजी धन के रुप में उपयोग कर रहे हैं। डीपीआरओ गोपाजी ओझा ने बताया कि ग्राम बेईली में प्रधान कौशलेंद्र और ग्राम पंचायत अधिकारी कुसुमलता सिंह ने मिलकर 20 अप्रैल 17 और 29 मई 2017 के बीच विभिन्न तिथियों में दो लाख तीन हजार 787 रुपये निकाल लिए। बताया कि वित्तीय वर्ष 2017-18 में ग्राम पंचायत की कार्ययोजना आनलाइन फीड कराने से पहले ही धन निकाल लिया गया। कहा कि इससे पता चलता है कि प्रधान और सेक्रेटरी ने मनमाने तरीके से कार्य करते हुए सरकारी धनराशि का दुरुपयोग किया। जो कि गबन की श्रेणी में आता है। बताया कि इसी तरह वित्तीय वर्ष 2016-17 में प्राप्त धन के सापेक्ष व्यय किए धनराशि को आनलाइन बाउचर फीड नहीं कराया। यह भी सरकारी धन के गबन की श्रेणी में आता है। बताया कि इसके लिए प्रधान और सेक्रेटरी को जवाब देने के लिए दो दिन का समय दिया गया, उसके बाद मुकदमा दर्ज कराने के साथ दोनों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इसमें प्रधान का अधिकार तक छीना जा सकता और सेक्रेटरी निलंबित तक किए जा सकते हैं।
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