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गेहूं बुआई में देर से उत्पादन होगा प्रभावित
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गेहूं बुआई में देर से उत्पादन होगा प्रभावित
गन्ना पर्ची बनी किसानों के लिए परेशानी का कारण
अमर उजाला ब्यूरो
बनकटी। दिन रात मेहनत करके किसानों ने जैसे तैसे गन्ने की फसल तो तैयार कर लिया, लेकिन अब उनके सामने चीनी मिलों को गन्ना आपूर्ति का संकट पैदा हो गया है। पर्ची न मिलने से खेत में गन्ना में ही पड़ा हुआ है। ऐसे में गेेहूं की बुआई पिछड़ गई है। देर से बुआई गेहूं का उत्पादन प्रभावित करेगी।
प्रदेश सरकार ने गन्ना समितियों में बदलाव कर सर्वे व गन्ना पर्ची का काम समितियों को सौंप दिया। इस नई व्यवस्था में तमाम तकनीकी दिक्कतों के चलते किसानों को पर्ची नहीं मिल पा रही है। इसके चलते वह समितियों के चक्कर लगा रहे हैं। किसान सदानंद मिश्र, विष्णु देव पांडेय, रामचंद्र तिवारी ने बताया कि रैनिया, खरवनिया, घुघसा, बिरतिया, बानपुर, देईसाड़, सुरसा, पैलवा, कपशौना आदि गांवों में शुरूआत में एक दो पर्चियां आई हैं। उसके बाद एक माह बीतने को है और एक भी पर्ची नहीं आई। किसानों का गन्ना खेत में पड़ा है। जिससे गेहूं की बुआई नहीं हो पा रही है। किसान जीत बहादुर यादव, रामप्रसाद, राम उग्रह, उदय राज, रामनरेश, तीरथ राज, रामप्रसाद, चेतराम यादव, राम रूप, राम नारायण, कांता यादव, राम रूप चौधरी आदि ने कहा कि उन लोगों को आज तक एक भी गन्ना पर्ची नहीं मिली। ऐसे में गेहूं की बुआई अब नहीं हो पाएगी। पहले गन्ना मिल पर्चियां उपलब्ध कराती थीं, तब पर्ची आसानी से मिल जाती थी। मगर अब समितियां मनमाने ढंग से पर्चियों का वितरण कर रही हैं। इससे समस्या सामने आ रही है।
मुंडेरवा समिति के सचिव एसएन चौधरी ने बताया कि जिन गांवों के किसानों को पर्चियां नहीं मिल रही हैं, उन गांवों की सूची देख कर एक दो दिन में पर्ची उपलब्ध करा दी जाएगी।
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गन्ना पर्ची बनी किसानों के लिए परेशानी का कारण
अमर उजाला ब्यूरो
बनकटी। दिन रात मेहनत करके किसानों ने जैसे तैसे गन्ने की फसल तो तैयार कर लिया, लेकिन अब उनके सामने चीनी मिलों को गन्ना आपूर्ति का संकट पैदा हो गया है। पर्ची न मिलने से खेत में गन्ना में ही पड़ा हुआ है। ऐसे में गेेहूं की बुआई पिछड़ गई है। देर से बुआई गेहूं का उत्पादन प्रभावित करेगी।
प्रदेश सरकार ने गन्ना समितियों में बदलाव कर सर्वे व गन्ना पर्ची का काम समितियों को सौंप दिया। इस नई व्यवस्था में तमाम तकनीकी दिक्कतों के चलते किसानों को पर्ची नहीं मिल पा रही है। इसके चलते वह समितियों के चक्कर लगा रहे हैं। किसान सदानंद मिश्र, विष्णु देव पांडेय, रामचंद्र तिवारी ने बताया कि रैनिया, खरवनिया, घुघसा, बिरतिया, बानपुर, देईसाड़, सुरसा, पैलवा, कपशौना आदि गांवों में शुरूआत में एक दो पर्चियां आई हैं। उसके बाद एक माह बीतने को है और एक भी पर्ची नहीं आई। किसानों का गन्ना खेत में पड़ा है। जिससे गेहूं की बुआई नहीं हो पा रही है। किसान जीत बहादुर यादव, रामप्रसाद, राम उग्रह, उदय राज, रामनरेश, तीरथ राज, रामप्रसाद, चेतराम यादव, राम रूप, राम नारायण, कांता यादव, राम रूप चौधरी आदि ने कहा कि उन लोगों को आज तक एक भी गन्ना पर्ची नहीं मिली। ऐसे में गेहूं की बुआई अब नहीं हो पाएगी। पहले गन्ना मिल पर्चियां उपलब्ध कराती थीं, तब पर्ची आसानी से मिल जाती थी। मगर अब समितियां मनमाने ढंग से पर्चियों का वितरण कर रही हैं। इससे समस्या सामने आ रही है।
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मुंडेरवा समिति के सचिव एसएन चौधरी ने बताया कि जिन गांवों के किसानों को पर्चियां नहीं मिल रही हैं, उन गांवों की सूची देख कर एक दो दिन में पर्ची उपलब्ध करा दी जाएगी।
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