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चांदपुर के निकट ठोकर का नोज कटा, खतरे में बंधा
Updated Thu, 05 Jul 2018 11:22 PM IST
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दुबौलिया क्षेत्र के तटबंध कटरिया-चांदपुर पर कटान करती घाघरा।
- फोटो : अमर उजाला
चांदपुर के निकट ठोकर का नोज कटा, खतरे में बांध
कटरिया-चांदपुर में बंधे से सीधे टकरा रही घाघरा
कई गांवों पर मंडरा रहा डूबने का खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
दुबौलिया। जनपद के अति संवेदनशील तटबंध कटरिया-चांदपुर पर संकट मंडराने लगा है। घाघरा का जलस्तर बढ़ने से दो किमी क्षेत्र में धारा का दबाव सीधे तटबंध पर पड़ रहा है। मंगलवार से जल स्तर में बढोतरी दर्ज की गई थी, तब से जलस्तर बढ़ रहा है। बृहस्पतिवार सुबह चांदपुर गांव के पास स्थित ठोकर का नोज तीन मीटर कटकर नदी में समा गया। इसके चलते बंधे पर खतरा बढ़ गया है, जिससे कई गांवों पर बाढ़ का संकट है।
कटरिया-चांदपुर स्थित तटबंध पर लंबे समय से कार्य चल रहा है, मगर बाढ़ खंड यहां केवल मिट्टी व ईंट के रोड़े से बंधा बचाने का कार्य कर रहा है। जहां बोल्डर की जरूरत है, वहां बाढ़ खंड मिट्टी से काम चला रहा है। ऐसे में घाघरा का पानी बढ़ा तो कई गांवों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।
घाघरा का पानी बढ़ने से बुधवार दोपहर तक बनाए गए सभी बेस पानी मे डूब गए। देर शाम अधिकांश जगहों पर बना बेस भी कटने लगा। रात ग्यारह बजे के करीब चांदपुर गांव के निकट बना ठोकर का नोज बैठने लगा, बृहस्पतिवार सुबह ठोकर का नोज करीब तीन मीटर कट कर पानी में समा गया। बंधे पर कटान की सूचना पर सुबह पहुंचे ग्रामीणों ने मिट्टी का काम करने से मना कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि इस तटबंध को मिट्टी के भरोसे नहीं बचाया जा सकता है। तटबंध पर काम बंद होने की सूचना पर थानाध्यक्ष पंकज गुप्ता व बाढ़ खंड एसडीओ जितेंद्र कुमार कार्य स्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर मरम्मत का कार्य शुरू कराया। अधिशासी अभियंता डीके त्रिपाठी का कहना है बोल्डर की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है। जल्द ही बोल्डर आना शुरू हो जाएगा। तटबंध पर मरम्मत का कार्य तेजी से चल रहा है। नदी का जलस्तर ठहर गया है, जिससे स्थिति सामान्य हो जाएगी।
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दहशतजदा ग्रामीण सड़क पर
घाघरा के पानी का तटबंध पर दबाव बढ़ रहा है और बाढ़ खंड के पास बोल्डर नहीं है की सूचना पर दर्जनों की संख्या में ग्रामीण सड़क पर आ गए। दहशतजदा ग्रामीण विभागीय व्यवस्था के विरोध में बांस बल्ली रखकर जाम लगाने का प्रयास करने लगे। इसी बीच सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों पर दबाव बनाकर जाम हटवा दिया।
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कटरिया-चांदपुर में बंधे से सीधे टकरा रही घाघरा
कई गांवों पर मंडरा रहा डूबने का खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
दुबौलिया। जनपद के अति संवेदनशील तटबंध कटरिया-चांदपुर पर संकट मंडराने लगा है। घाघरा का जलस्तर बढ़ने से दो किमी क्षेत्र में धारा का दबाव सीधे तटबंध पर पड़ रहा है। मंगलवार से जल स्तर में बढोतरी दर्ज की गई थी, तब से जलस्तर बढ़ रहा है। बृहस्पतिवार सुबह चांदपुर गांव के पास स्थित ठोकर का नोज तीन मीटर कटकर नदी में समा गया। इसके चलते बंधे पर खतरा बढ़ गया है, जिससे कई गांवों पर बाढ़ का संकट है।
कटरिया-चांदपुर स्थित तटबंध पर लंबे समय से कार्य चल रहा है, मगर बाढ़ खंड यहां केवल मिट्टी व ईंट के रोड़े से बंधा बचाने का कार्य कर रहा है। जहां बोल्डर की जरूरत है, वहां बाढ़ खंड मिट्टी से काम चला रहा है। ऐसे में घाघरा का पानी बढ़ा तो कई गांवों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।
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घाघरा का पानी बढ़ने से बुधवार दोपहर तक बनाए गए सभी बेस पानी मे डूब गए। देर शाम अधिकांश जगहों पर बना बेस भी कटने लगा। रात ग्यारह बजे के करीब चांदपुर गांव के निकट बना ठोकर का नोज बैठने लगा, बृहस्पतिवार सुबह ठोकर का नोज करीब तीन मीटर कट कर पानी में समा गया। बंधे पर कटान की सूचना पर सुबह पहुंचे ग्रामीणों ने मिट्टी का काम करने से मना कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि इस तटबंध को मिट्टी के भरोसे नहीं बचाया जा सकता है। तटबंध पर काम बंद होने की सूचना पर थानाध्यक्ष पंकज गुप्ता व बाढ़ खंड एसडीओ जितेंद्र कुमार कार्य स्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर मरम्मत का कार्य शुरू कराया। अधिशासी अभियंता डीके त्रिपाठी का कहना है बोल्डर की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है। जल्द ही बोल्डर आना शुरू हो जाएगा। तटबंध पर मरम्मत का कार्य तेजी से चल रहा है। नदी का जलस्तर ठहर गया है, जिससे स्थिति सामान्य हो जाएगी।
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दहशतजदा ग्रामीण सड़क पर
घाघरा के पानी का तटबंध पर दबाव बढ़ रहा है और बाढ़ खंड के पास बोल्डर नहीं है की सूचना पर दर्जनों की संख्या में ग्रामीण सड़क पर आ गए। दहशतजदा ग्रामीण विभागीय व्यवस्था के विरोध में बांस बल्ली रखकर जाम लगाने का प्रयास करने लगे। इसी बीच सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों पर दबाव बनाकर जाम हटवा दिया।