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Basti News: जमीन के अभाव में अटकी हेलीपैड निर्माण की योजना
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बस्ती। जिले के सभी 14 ब्लॉक मुख्यालयों पर स्थायी हेलीपैड बनाने की योजना जमीन की तलाश में अटक गई है। छह माह पहले तैयार की गई कार्ययोजना के बावजूद अब तक किसी भी ब्लॉक में निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि चिह्नित नहीं हो सकी है। कहीं 11 केवी हाईटेंशन बिजली के तार तो कहीं आबादी की मौजूदगी के कारण जमीन का चयन नहीं हो पा रहा है। ऐसे में आपातकालीन स्थिति और वीआईपी मूवमेंट के लिए स्थायी हेलीपैड बनाने की योजना आगे नहीं बढ़ सकी है।
वर्तमान में जिले के किसी भी विकासखंड मुख्यालय पर स्थायी हेलीपैड की सुविधा नहीं है। जरूरत पड़ने पर अस्थायी हेलीपैड तैयार करना पड़ता है, जिसमें समय और सरकारी धन दोनों खर्च होते हैं। इसी समस्या को देखते हुए सभी ब्लॉकों में अलग-अलग हेलीपैड बनाने की योजना तैयार की गई थी। प्रत्येक हेलीपैड के निर्माण पर करीब 85 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। लोक निर्माण विभाग को इसके लिए उपयुक्त सरकारी भूमि तलाशनी है।
पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता की ओर से भूमि उपलब्ध कराने के लिए संबंधित एसडीएम को पत्राचार किया गया है। हालांकि, अभी तक जमीन मिलने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। अधीक्षण अभियंता कर्मवीर सिंह ने बताया कि प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता को सभी ब्लॉकों में हेलीपैड निर्माण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। जिला और तहसील प्रशासन के समन्वय से सरकारी भूमि चिह्नित की जानी है। जमीन उपलब्ध होने के बाद लोक निर्माण विभाग शासन को प्रस्ताव भेजेगा। बजट स्वीकृत होने पर निर्माण शुरू कराया जाएगा।
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मुख्य सड़क के पास होगी जमीन की तलाश
हेलीपैड का निर्माण ब्लॉक मुख्यालय के नजदीक और मुख्य सड़क से सटी सरकारी भूमि पर कराया जाना है। चयनित स्थल पर ऊंचे पेड़, बिजली के तार और अन्य बाधाएं नहीं होनी चाहिए। लोक निर्माण विभाग की ओर से हेलीपैड तक पहुंचने के लिए रास्ता भी बनाया जाएगा। साथ ही स्थल को कंक्रीट की चहारदीवारी से सुरक्षित किया जाएगा। मुख्य अभियंता पीडब्ल्यूडी आनंद कुमार ने बताया कि भूमि चिह्नित होने के बाद निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
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वर्तमान में जिले के किसी भी विकासखंड मुख्यालय पर स्थायी हेलीपैड की सुविधा नहीं है। जरूरत पड़ने पर अस्थायी हेलीपैड तैयार करना पड़ता है, जिसमें समय और सरकारी धन दोनों खर्च होते हैं। इसी समस्या को देखते हुए सभी ब्लॉकों में अलग-अलग हेलीपैड बनाने की योजना तैयार की गई थी। प्रत्येक हेलीपैड के निर्माण पर करीब 85 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। लोक निर्माण विभाग को इसके लिए उपयुक्त सरकारी भूमि तलाशनी है।
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पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता की ओर से भूमि उपलब्ध कराने के लिए संबंधित एसडीएम को पत्राचार किया गया है। हालांकि, अभी तक जमीन मिलने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। अधीक्षण अभियंता कर्मवीर सिंह ने बताया कि प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता को सभी ब्लॉकों में हेलीपैड निर्माण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। जिला और तहसील प्रशासन के समन्वय से सरकारी भूमि चिह्नित की जानी है। जमीन उपलब्ध होने के बाद लोक निर्माण विभाग शासन को प्रस्ताव भेजेगा। बजट स्वीकृत होने पर निर्माण शुरू कराया जाएगा।
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मुख्य सड़क के पास होगी जमीन की तलाश
हेलीपैड का निर्माण ब्लॉक मुख्यालय के नजदीक और मुख्य सड़क से सटी सरकारी भूमि पर कराया जाना है। चयनित स्थल पर ऊंचे पेड़, बिजली के तार और अन्य बाधाएं नहीं होनी चाहिए। लोक निर्माण विभाग की ओर से हेलीपैड तक पहुंचने के लिए रास्ता भी बनाया जाएगा। साथ ही स्थल को कंक्रीट की चहारदीवारी से सुरक्षित किया जाएगा। मुख्य अभियंता पीडब्ल्यूडी आनंद कुमार ने बताया कि भूमि चिह्नित होने के बाद निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।