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Basti News: 25 प्रशिक्षुओं को मिला 10 दिवसीय मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण
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बस्ती। नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या से संबद्ध कृषि विज्ञान केंद्र बस्ती में शुक्रवार को मशरूम उत्पादन तकनीक पर आधारित पांच दिवसीय प्रशिक्षण का समापन हुआ। प्रशिक्षण में शामिल 25 प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र जारी किया गया।
रोजगारपरक प्रशिक्षण के अंतिम दिन जनपद के भूमि संरक्षण अधिकारी डॉ. राज मंगल चौधरी ने प्रशिक्षणर्थियों को संबोधित करते कहां कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने और युवाओं, किसानों तथा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में केंद्र की पहल सराहनीय है। विभिन्न ब्लॉक से शामिल हुए 25 प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिया गया। केंद्र के प्रभारी अधिकारी डॉ. पीके मिश्रा ने बताया कि मशरूम उत्पादन आज के समय में कम पूंजी, कम स्थान और कम समय में अधिक लाभ देने वाला अत्यंत संभावनाशील उद्यम है।
हर्रैया, कप्तानगंज, बस्ती सदर, दुबौलिया ब्लॉक इसका हब बनते जा रहा है। डॉ. प्रेम शंकर ने कहा कि मशरूम उत्पादन एक अत्यंत संवेदनशील लेकिन लाभकारी उद्यम है, जिसमें स्वच्छता, रोग प्रबंधन एवं वैज्ञानिक सावधानियाँ अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि मशरूम उत्पादन की सफलता का आधार उन्नत एवं शुद्ध किस्मों के स्पॉन का चयन है।
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गुणवत्तायुक्त स्पॉन से न केवल उत्पादन बढ़ता है, बल्कि रोगों की संभावना भी कम होती है। डॉ. अंजलि वर्मा ने कहा कि मशरूम न केवल आयवर्धन का सशक्त साधन है, बल्कि यह पोषण सुरक्षा की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। हरिओम मिश्रा आदि मौजूद रहे। संवाद
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रोजगारपरक प्रशिक्षण के अंतिम दिन जनपद के भूमि संरक्षण अधिकारी डॉ. राज मंगल चौधरी ने प्रशिक्षणर्थियों को संबोधित करते कहां कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने और युवाओं, किसानों तथा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में केंद्र की पहल सराहनीय है। विभिन्न ब्लॉक से शामिल हुए 25 प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिया गया। केंद्र के प्रभारी अधिकारी डॉ. पीके मिश्रा ने बताया कि मशरूम उत्पादन आज के समय में कम पूंजी, कम स्थान और कम समय में अधिक लाभ देने वाला अत्यंत संभावनाशील उद्यम है।
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हर्रैया, कप्तानगंज, बस्ती सदर, दुबौलिया ब्लॉक इसका हब बनते जा रहा है। डॉ. प्रेम शंकर ने कहा कि मशरूम उत्पादन एक अत्यंत संवेदनशील लेकिन लाभकारी उद्यम है, जिसमें स्वच्छता, रोग प्रबंधन एवं वैज्ञानिक सावधानियाँ अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि मशरूम उत्पादन की सफलता का आधार उन्नत एवं शुद्ध किस्मों के स्पॉन का चयन है।
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गुणवत्तायुक्त स्पॉन से न केवल उत्पादन बढ़ता है, बल्कि रोगों की संभावना भी कम होती है। डॉ. अंजलि वर्मा ने कहा कि मशरूम न केवल आयवर्धन का सशक्त साधन है, बल्कि यह पोषण सुरक्षा की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। हरिओम मिश्रा आदि मौजूद रहे। संवाद