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बाढ़-वीडी बांध पर तेज हुई कटान
Updated Sun, 27 Aug 2017 12:47 AM IST
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दुबौलिया/विक्रमजोत (बस्ती)। कटरिया, चांदपुर, गौरा, सैफाबाद क्षेत्रों में वीडी बांध पर घाघरा कटान कर रही है। कृषि योग्य जमीन नदी में समा रही है।
चांदपुर, खलवा, धरमूपुर, एहतमाली में कटान के कारण लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। बल्ली, पाइलिंग से रोकने का प्रयास भी जारी है। नदी की धारा वीडी बांध से दो किमी प्रवाहित हो रही है। इससे बंधे और स्पर पर दबाव बना हुआ है, जबकि चांदपुर व पारा के स्पर बैठ रहे हैं। धरमूपुर एहतमाली, खजांची पुरवा, खलवा, पारा व साड़पुर ग्राम पंचायतों के किसानों की फसल बाढ़ में बर्बाद हो चुकी है। धान, परवल की फसल नष्ट होने से किसानों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को भी घाघरा का जलस्तर 93.35 सेमी पर स्थिर रहा जो खतरे के निशान 92.730 से 62 सेमी ऊपर है। तटीय क्षेत्रों में पानी भरा है, जिससे किनारों की मिट्टी गलने से कटान तेज हो रही है।
विक्रमजोत प्रतिनिधि के मुताबिक मौके पर निगरानी कर रहे बाढ़ प्रखंड के सहायक अभियंता फूलचंद्र सिंह ने बताया कि शारदा, गिरजा, बनबसा बैराजों से लगातार पानी छोड़े जाने से जलस्तर में कमी नहीं आ रही है। ठोकरों के कहीं बैठने या क्षतिग्रस्त होने पर मरमम्त कार्य हो रहा है।ईट व झांवे का स्टोर बढ़ा लिया गया है जिससे अचानक कटान पर सुरक्षा की जा सके।
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भरथापुर कालीमंदिर को खतरा
भरथापुर में काली मंदिर के किनारे मुख्यधारा पहुंच गई है जो कभी भी धारा में समाहित कर सकती है। सहजौरा पाठक अभी भी चारों ओर पानी से घिरा है। जहां लोगों के आने जाने के लिए नाव ही एक मात्र साधन है। फिलहाल सात सरकारी नाव भी लगाई गई है। आपदा से निपटने के लिए पीएसी के गोताखोरों की एक टीम भी तैनात है।
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दुबौलिया क्षेत्र में नहीं मिली सहायता
टेढ़वा गांव के 22 परिवारों को अभी तक कोई सहायता नहीं मिल सकी है क्योंकि पानी से घिरे होने के बाद भी तहसील प्रशासन ने बाढ़ पीड़ित गांव नहीं घोषित किया है। लोग करीब 25 दिन से नाव से आ-जा रहे हैं। गांव के लोगसाड़पुर के शंकर यादव की नाव से काम चला रहे हैं। गांव चन्द्गभान, मोहित, भीम सेन, राम कोमल, भगीरथी, छोटे लाल, राम मूतिॅ, रामदास ने बताया कि अभी तक कोई सहायता नहीं मिली है। प्रधान प्रतिनिधि बरसांव राम जीत यादव ने बताया कि तहसीलदार से शिकायत के बाद भी गांव वालों कोई मदद नहीं दी जा रही है।
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विधायक ने बांटी राहत सामग्री
कलवारी। शनिवार शाम क्षेत्रीय विधयक रवि सोनकर ने बाढ़ राहत चौकी प्राथमिक विद्यालय वैष्णोपुर में जितुआपुर व विजौरा के लोगों में राहत सामग्री बांटी। विधायक ने जितुआपुर के 86 तथा विजौरा के 67 लोगों को 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, 10 किलो आलू, पांच किलो लाई, दो किलो भुना चना, दो किलो दाल, नमक एक पैकेट, हल्दी, मिर्च, धनिया, मोमत्ती, माचिस, विस्किट, रिफाईन एक लीटर दिया। बृहस्पतिवार को बंटने वाली राहत सामग्री विधायक के न पहुंचने के कारण शनिवार को बांटी गई। नायब तहसीलदार अमर चंद्र वर्मा, राजस्वनिरीक्षक राघवराम यादव, हरेन्द्र सिह, अशोक तिवारी, रमेश, संतोष उर्फ गुड्डू सिंह, बब्लू पांडे, लल्लू गिरी, विजय प्रताप सिंह, सुनील, दिलीप, श्रुतिकुमार, संकटा सिंह, सुरेश सिंह, शिवकुमार दूबे सहित लोग उपस्थित रहे।
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चांदपुर, खलवा, धरमूपुर, एहतमाली में कटान के कारण लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। बल्ली, पाइलिंग से रोकने का प्रयास भी जारी है। नदी की धारा वीडी बांध से दो किमी प्रवाहित हो रही है। इससे बंधे और स्पर पर दबाव बना हुआ है, जबकि चांदपुर व पारा के स्पर बैठ रहे हैं। धरमूपुर एहतमाली, खजांची पुरवा, खलवा, पारा व साड़पुर ग्राम पंचायतों के किसानों की फसल बाढ़ में बर्बाद हो चुकी है। धान, परवल की फसल नष्ट होने से किसानों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को भी घाघरा का जलस्तर 93.35 सेमी पर स्थिर रहा जो खतरे के निशान 92.730 से 62 सेमी ऊपर है। तटीय क्षेत्रों में पानी भरा है, जिससे किनारों की मिट्टी गलने से कटान तेज हो रही है।
विक्रमजोत प्रतिनिधि के मुताबिक मौके पर निगरानी कर रहे बाढ़ प्रखंड के सहायक अभियंता फूलचंद्र सिंह ने बताया कि शारदा, गिरजा, बनबसा बैराजों से लगातार पानी छोड़े जाने से जलस्तर में कमी नहीं आ रही है। ठोकरों के कहीं बैठने या क्षतिग्रस्त होने पर मरमम्त कार्य हो रहा है।ईट व झांवे का स्टोर बढ़ा लिया गया है जिससे अचानक कटान पर सुरक्षा की जा सके।
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भरथापुर कालीमंदिर को खतरा
भरथापुर में काली मंदिर के किनारे मुख्यधारा पहुंच गई है जो कभी भी धारा में समाहित कर सकती है। सहजौरा पाठक अभी भी चारों ओर पानी से घिरा है। जहां लोगों के आने जाने के लिए नाव ही एक मात्र साधन है। फिलहाल सात सरकारी नाव भी लगाई गई है। आपदा से निपटने के लिए पीएसी के गोताखोरों की एक टीम भी तैनात है।
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दुबौलिया क्षेत्र में नहीं मिली सहायता
टेढ़वा गांव के 22 परिवारों को अभी तक कोई सहायता नहीं मिल सकी है क्योंकि पानी से घिरे होने के बाद भी तहसील प्रशासन ने बाढ़ पीड़ित गांव नहीं घोषित किया है। लोग करीब 25 दिन से नाव से आ-जा रहे हैं। गांव के लोगसाड़पुर के शंकर यादव की नाव से काम चला रहे हैं। गांव चन्द्गभान, मोहित, भीम सेन, राम कोमल, भगीरथी, छोटे लाल, राम मूतिॅ, रामदास ने बताया कि अभी तक कोई सहायता नहीं मिली है। प्रधान प्रतिनिधि बरसांव राम जीत यादव ने बताया कि तहसीलदार से शिकायत के बाद भी गांव वालों कोई मदद नहीं दी जा रही है।
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विधायक ने बांटी राहत सामग्री
कलवारी। शनिवार शाम क्षेत्रीय विधयक रवि सोनकर ने बाढ़ राहत चौकी प्राथमिक विद्यालय वैष्णोपुर में जितुआपुर व विजौरा के लोगों में राहत सामग्री बांटी। विधायक ने जितुआपुर के 86 तथा विजौरा के 67 लोगों को 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, 10 किलो आलू, पांच किलो लाई, दो किलो भुना चना, दो किलो दाल, नमक एक पैकेट, हल्दी, मिर्च, धनिया, मोमत्ती, माचिस, विस्किट, रिफाईन एक लीटर दिया। बृहस्पतिवार को बंटने वाली राहत सामग्री विधायक के न पहुंचने के कारण शनिवार को बांटी गई। नायब तहसीलदार अमर चंद्र वर्मा, राजस्वनिरीक्षक राघवराम यादव, हरेन्द्र सिह, अशोक तिवारी, रमेश, संतोष उर्फ गुड्डू सिंह, बब्लू पांडे, लल्लू गिरी, विजय प्रताप सिंह, सुनील, दिलीप, श्रुतिकुमार, संकटा सिंह, सुरेश सिंह, शिवकुमार दूबे सहित लोग उपस्थित रहे।