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Basti News: नौकरी का झांसा देकर 2.10 लाख ठगे, प्राथमिकी दर्ज
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झंझरी(गाेंडा)। सीएमओ बस्ती के नाम से फर्जी नियुक्तिपत्र जारी कर 2.10 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की तहरीर पर नगर कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सिविल लाइंस कोठी निवासी अजय कुमार ने पुलिस को तहरीर दी। इसमें बताया कि वह टीवी केबल का कार्य करते हैं। आवास विकास में एलआईसी बिल्डिंग के सामने उनका कार्यालय है, जहां प्रतीक कुमार निवासी बूढ़ादेवर से उनकी पहचान हुई थी। प्रतीक ने जिला अस्पताल में संविदा पर नौकरी दिलाने का झांसा दिया। इसके एवज में उसने अलग-अलग माध्यमों से करीब 1.90 लाख रुपये वसूल लिए।
इसके बाद सीएमओ बस्ती के नाम से ‘सेवा प्रदाता/स्टोर कीपर’ पद का फर्जी नियुक्ति पत्र भी दे दिया। पीड़ित का आरोप है कि नियुक्ति पत्र देने के बावजूद आरोपी कभी कार्यस्थल पर नहीं ले गया और लगातार टालमटोल करता रहा। दबाव बनाने पर आरोपी ने एक अन्य व्यक्ति की सहमति का हवाला देकर जल्द नियुक्ति दिलाने का भरोसा दिया। इसके तहत 11 जून 2025 को एक अन्य व्यक्ति के नाम से फर्जी शपथ पत्र और सहमति पत्र भी उपलब्ध कराया गया। इसके अलावा 21 जून 2025 को फर्जी मेडिकल प्रमाणपत्र दिया गया और प्रशिक्षण के नाम पर 20 हजार रुपये वसूले गए। इसके बावजूद नौकरी नहीं दिलाई। प्रभारी निरीक्षक विंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
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सिविल लाइंस कोठी निवासी अजय कुमार ने पुलिस को तहरीर दी। इसमें बताया कि वह टीवी केबल का कार्य करते हैं। आवास विकास में एलआईसी बिल्डिंग के सामने उनका कार्यालय है, जहां प्रतीक कुमार निवासी बूढ़ादेवर से उनकी पहचान हुई थी। प्रतीक ने जिला अस्पताल में संविदा पर नौकरी दिलाने का झांसा दिया। इसके एवज में उसने अलग-अलग माध्यमों से करीब 1.90 लाख रुपये वसूल लिए।
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इसके बाद सीएमओ बस्ती के नाम से ‘सेवा प्रदाता/स्टोर कीपर’ पद का फर्जी नियुक्ति पत्र भी दे दिया। पीड़ित का आरोप है कि नियुक्ति पत्र देने के बावजूद आरोपी कभी कार्यस्थल पर नहीं ले गया और लगातार टालमटोल करता रहा। दबाव बनाने पर आरोपी ने एक अन्य व्यक्ति की सहमति का हवाला देकर जल्द नियुक्ति दिलाने का भरोसा दिया। इसके तहत 11 जून 2025 को एक अन्य व्यक्ति के नाम से फर्जी शपथ पत्र और सहमति पत्र भी उपलब्ध कराया गया। इसके अलावा 21 जून 2025 को फर्जी मेडिकल प्रमाणपत्र दिया गया और प्रशिक्षण के नाम पर 20 हजार रुपये वसूले गए। इसके बावजूद नौकरी नहीं दिलाई। प्रभारी निरीक्षक विंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
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