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तूफान से पहले अलर्ट की आफत
Updated Tue, 08 May 2018 11:19 PM IST
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बस्ती। मौसम विज्ञानियों की भविष्यवाणी आगरा सहित कई स्थानों पर सच साबित होते देख तूफानी मौसम के अलर्ट की अहमियत बढ़ गई है। समाचार माध्यमों के जरिए कभी 24 घंटे में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी सुनकर लोग डरे हैं। ग्लोबल वार्मिंग का नफा-नुकसान बता रहे मौसम मर्मज्ञ आसन्न खतरे की गंभीरता बताते हैं तो किसानों के हलक सूखने लगते हैं। लेकिन सरकारी तंत्र को इससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। लोग अब कहने लगे हैं कि तूफान तो बाद में आएगा लेकिन अलर्ट का तूफान पहले ही आ चुका है।
उपग्रह के रडार से हवाओं की नब्ज भांपने में सक्षम मौसम विभाग के पूर्वनुमान को आधार बनाकर तमाम जिलों में अलर्ट के साथ साथ बचाव के उपाय और सुझाव जारी किए जा रहे हैं। जहां-तहां स्कूल कालेज भी बंद कर दिए गए हैं। लेकिन यहां आम आवाम को न तो बचाव के उपाय बता रहा न ही आपात स्थिति में जरूरत की चीजों का प्रबन्ध करने में दिलचस्पी दिखा रहा। डीएम सुशील कुमार मौर्य के अनुसार जिले के मौसम के बारे में संबंधित विभाग सतर्क है। यहां अभी खतरे जैसी बात नहीं है फिर भी प्रशासन पूरी तरह से सक्षम है।
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बूंदाबांदी के बीच तीन डिग्री गिर सकता है पारा
मौसम विज्ञानियों ने बस्ती मंडल सहित पूर्वी यूपी के कई जिलों में बूंदाबांदी का अनुमान व्यक्त किया है। आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय कुमार गंज फैजाबाद के पूर्व मौसम विभागाध्यक्ष डा. पद्माकर त्रिपाठी के अनुसार मध्य यूपी के पूर्वी एरिया में कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है। ऐसे में हवाओं की रफ्तार दो गुना हो सकती है। चूंकि अमीन से काफी ऊष्मा निकलकर नमी वाली हवाओं से लगातार टकरा रही हैं इसलिए बारिश की संभावना बनी हुई है।
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चर्चा का विषय बनी उदासीनता
मंगलवार को भी पश्चिमी और मध्य यूपी सहित तमाम क्षेत्रों में आंधी, ओलावृष्टि और बारिश की सूचनाएं आती रहीं। इस बीच कचहरी, रोडवेज-रेलवे स्टेशन पर लोग चर्चा करते सुने गए कि यहां प्रशासन मौसम के बारे में सूचनाएं नहीं दे पाता। निरंजनपुर के कपींद्र सिंह, बहादुरपुर के धौरहरा निवासी हरिनारायण सिंह मुन्ना, भुवनेश सिंह आदि के अनुसार सेटलाइट से छोटी-छोटी एरिया का आंकलन संभव है लेकिन यहां इसमें रुचि नहीं है।