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बभनगांवा वासियों को रास्ते की दरकार, सुनलो सरकार
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बभनगांवा मोहल्ले में सुविधाओं की दरकार
जल निकासी न होने से जमा रहता है गंदा पानी
बदहाल सड़कों पर वाहन खाते हैं हिचकोले
बिना ढक्कन की नालियों से उठती है दुर्गंध
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। शहर के बीचोंबीच बसा मोहल्ला बभनगांवा रहनुमाओं की राह देख रहा है। यहां न तो जल निकासी के लिए उचित व्यवस्था है और न ही बेहतर सफाई के प्रबंध। संकरी गलियों से होकर गुजरना यहां के वाशिंदों की मजबूरी है। गलियां भी इतनी सरकारी हैं कि साइकिल भी बामुश्किल निकल पाती है। वार्ड वासियों ने समस्या को लेकर कई बार आवाज भी उठाई, लेकिन हालात नहीं बदले।
लगभग आठ हजार की आबादी वाले इस मोहल्ले का प्रवेश द्वार टाउन क्लब के बगल से है। इस मार्ग पर पक्की सड़क तो दूर इंटरलॉकिंग तक नहीं लगी हुई है। अब्दुल कलाम स्कूल के बगल से वार्ड में प्रवेश करने के लिए इतनी संकरी गली है कि साइकिल तो दूर आदमी भी आसनी से नहीं निकल सकता है। यही हाल अन्य रास्तों का भी है। कहीं इंटरलॉकिंग धंस गई है तो कहीं कच्चा मार्ग है। इससे बरसात के दिनों में जलजमाव हो जाने से लोगों को गंदे पानी के बीच से होकर आना जाना पड़ता है। नालियों की सफाई व इनपर ढक्कन न होने से दुर्गंध उठती है। यहां बिना नाक पर रुमाल रखे नहीं गुजरा जा सकता। आर्य कन्या स्कूल के बगल की गली में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, इन्हीं देखने से ऐसा लगता है मानों कई दिनों से सफाई ही नहीं की गई है। लेकिन जिम्मेदारों की नजर इस पर नहीं पड़ रही है। बैरिहवां तिराहे से वार्ड के भीतर प्रवेश करने वाली पक्की सड़क जगह-जगह से टूट गई है। इस सड़क से गुजरने वाले वाहन हिचकोले खाते रहते हैं। जिसे लेकर वार्डवासियों में गुस्सा भी है। इस संबंध में बभनगावां के सभासद मोहम्मद इद्रीश कहते हैं कि समस्याएं तो हैं। कहने को नौ सफाई कर्मी हैं लेकिन आते तीन चार ही हैं। वार्ड बड़ा होने से मोहल्लेवार कूड़ा उठाया जाता है। शिकायत पर भी हम पहुंचते हैं। जहां तक रही सड़क और नालियों की बात तो इसका प्रस्ताव भी दे दिया है। बजट मिलते ही कार्य शुरू करा दिया जाएगा। इस संबंध में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी डॉ मणिभूषण त्रिपाठी कहते हैं वार्ड का निरीक्षण कर कमियों को दूर किया जाएगा। कहते हैं कि किसी तरह की समस्या होने पर शहर का कोई भी व्यक्ति उनसे सीधा संपर्क कर सकता है।
मोहल्ले वालों ने बताई पीड़ा
वार्ड में रहने वाली गुड़िया का कहना है कि सफाई कर्मियों के जब जी में आता है, वे आते हैं और खानापूरी कर चले जाते हैं। कहती हैं कि नियमित सफाई नहीं होती है। बनारसी कहते हैं कि वार्ड में सबसे बड़ी समस्या सड़क की है, बताते हैं कि हर बरसात में दिक्क्त हो जाती है। कहते हैं कि कई बार वे मोहल्ले वालों के साथ आंदोलन भी कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मोहित गौड़ ने कहा कि चुनाव आने पर लोग बड़े-बड़े वादे करते हैं, जिसके बाद सब भूल जाते हैं। बताते हैं कि काली मंदिर के बगल से होकर गुजरी हुई नाली टूट गई है। जिसका गंदा पानी सड़क पर पसरा हुआ है, लेकिन जिम्मेदार बेखबर हैं। विन्ध्यवासिनी व राजवंती कहती हैं कि वार्ड में स्वच्छता की स्थिति बेहद ही बदतर है, कहती हैं कि नालियों की न तो नियमित सफाई होती है, और न ही समय पर कूड़ा उठता है। कहती हैं कि जहां तक टेंपो जाता है वहीं की सफाई होती हैं, बाकी गलियों के भीतर कूड़ों को वैसे ही छोड़ दिया जाता है।
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बभनगांवा मोहल्ले में सुविधाओं की दरकार
जल निकासी न होने से जमा रहता है गंदा पानी
बदहाल सड़कों पर वाहन खाते हैं हिचकोले
बिना ढक्कन की नालियों से उठती है दुर्गंध
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। शहर के बीचोंबीच बसा मोहल्ला बभनगांवा रहनुमाओं की राह देख रहा है। यहां न तो जल निकासी के लिए उचित व्यवस्था है और न ही बेहतर सफाई के प्रबंध। संकरी गलियों से होकर गुजरना यहां के वाशिंदों की मजबूरी है। गलियां भी इतनी सरकारी हैं कि साइकिल भी बामुश्किल निकल पाती है। वार्ड वासियों ने समस्या को लेकर कई बार आवाज भी उठाई, लेकिन हालात नहीं बदले।
लगभग आठ हजार की आबादी वाले इस मोहल्ले का प्रवेश द्वार टाउन क्लब के बगल से है। इस मार्ग पर पक्की सड़क तो दूर इंटरलॉकिंग तक नहीं लगी हुई है। अब्दुल कलाम स्कूल के बगल से वार्ड में प्रवेश करने के लिए इतनी संकरी गली है कि साइकिल तो दूर आदमी भी आसनी से नहीं निकल सकता है। यही हाल अन्य रास्तों का भी है। कहीं इंटरलॉकिंग धंस गई है तो कहीं कच्चा मार्ग है। इससे बरसात के दिनों में जलजमाव हो जाने से लोगों को गंदे पानी के बीच से होकर आना जाना पड़ता है। नालियों की सफाई व इनपर ढक्कन न होने से दुर्गंध उठती है। यहां बिना नाक पर रुमाल रखे नहीं गुजरा जा सकता। आर्य कन्या स्कूल के बगल की गली में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, इन्हीं देखने से ऐसा लगता है मानों कई दिनों से सफाई ही नहीं की गई है। लेकिन जिम्मेदारों की नजर इस पर नहीं पड़ रही है। बैरिहवां तिराहे से वार्ड के भीतर प्रवेश करने वाली पक्की सड़क जगह-जगह से टूट गई है। इस सड़क से गुजरने वाले वाहन हिचकोले खाते रहते हैं। जिसे लेकर वार्डवासियों में गुस्सा भी है। इस संबंध में बभनगावां के सभासद मोहम्मद इद्रीश कहते हैं कि समस्याएं तो हैं। कहने को नौ सफाई कर्मी हैं लेकिन आते तीन चार ही हैं। वार्ड बड़ा होने से मोहल्लेवार कूड़ा उठाया जाता है। शिकायत पर भी हम पहुंचते हैं। जहां तक रही सड़क और नालियों की बात तो इसका प्रस्ताव भी दे दिया है। बजट मिलते ही कार्य शुरू करा दिया जाएगा। इस संबंध में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी डॉ मणिभूषण त्रिपाठी कहते हैं वार्ड का निरीक्षण कर कमियों को दूर किया जाएगा। कहते हैं कि किसी तरह की समस्या होने पर शहर का कोई भी व्यक्ति उनसे सीधा संपर्क कर सकता है।
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मोहल्ले वालों ने बताई पीड़ा
वार्ड में रहने वाली गुड़िया का कहना है कि सफाई कर्मियों के जब जी में आता है, वे आते हैं और खानापूरी कर चले जाते हैं। कहती हैं कि नियमित सफाई नहीं होती है। बनारसी कहते हैं कि वार्ड में सबसे बड़ी समस्या सड़क की है, बताते हैं कि हर बरसात में दिक्क्त हो जाती है। कहते हैं कि कई बार वे मोहल्ले वालों के साथ आंदोलन भी कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मोहित गौड़ ने कहा कि चुनाव आने पर लोग बड़े-बड़े वादे करते हैं, जिसके बाद सब भूल जाते हैं। बताते हैं कि काली मंदिर के बगल से होकर गुजरी हुई नाली टूट गई है। जिसका गंदा पानी सड़क पर पसरा हुआ है, लेकिन जिम्मेदार बेखबर हैं। विन्ध्यवासिनी व राजवंती कहती हैं कि वार्ड में स्वच्छता की स्थिति बेहद ही बदतर है, कहती हैं कि नालियों की न तो नियमित सफाई होती है, और न ही समय पर कूड़ा उठता है। कहती हैं कि जहां तक टेंपो जाता है वहीं की सफाई होती हैं, बाकी गलियों के भीतर कूड़ों को वैसे ही छोड़ दिया जाता है।
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