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कर्बला में दफन किए गए अकीदत के फूल
Updated Fri, 21 Sep 2018 11:47 PM IST
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सजाया गया ताजिया
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बस्ती। हजरत इमाम हुसैन की कर्बला में शहादत की याद में शुक्रवार को पारंपरिक रिवाज के मुताबिक मातमी जुलूस निकाला गया। कड़ी चौकसी के बीच शहर व कस्बाई एरिया के ताजिया निकट के करबला में पहुंचा। जहां कौम की शान में जान न्योछावर करने की याद में अकीदतमंदों ने अकीदत के फूल सुपुर्दे खाक किया।
देर रात तक जिले के अलग-अलग थानाक्षेत्रों में बैठाई गई 1622 ताजिया निकट के करबला में दफन किए जाते रहे। कोतवाली क्षेत्र में 66, पुरानी बस्ती क्षेत्र में 63 ताजिया के अलावा परशुरामपुर में सबसे अधिक 275 और रुधौली थाना क्षेत्र में सबसे कम 21 ताजिया बैठाया गया। इसी क्रम में वाल्टरगंज में 90, हर्रैया क्षेत्र में 125, छावनी क्षेत्र में 48, पैकोलिया क्षेत्र में 41, गौर क्षेत्र में 129, कलवारी क्षेत्र में 61, नगर क्षेत्र में 137, कप्तानगंज में 107, दुबौलिया में 159, सोनहा में 120, मुंडेरवा में 100 और लालगंज थाना क्षेत्र में 72 ताजिया बैठाए गए थे।
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सुन्नी अनुयायियों ने सराय गल्ला मंडी दरिया खां मोड़ से पहला जुलूस निकला, जो गड़गोड़िया के जुलूस में मिलकर आईरे कंपनी, धर्मशाला रोड होते अस्पताल चौराहा कर्बला गया। दूसरा जुलूस दरिया खां मोड़ से कटरा पतेलवा, बडे़वन होते हुए मूड़घाट कर्बला में शांत हुआ।
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उधर, पुरानी बस्ती में घरसोहिया से रेलवे स्टेशन भठियार टोला, करुआ बाबा चौराहा, पठान टोला, राजा मैदान, किर्लोस्कर गली, मंगल बाजार, दक्षिण दरवाजा होते हुए अस्पताल चौराहे के कर्बला पहुंचा। वर्ष 2015 से पिछले मुहर्रम तक अस्पताल चौराहे के निकट दुर्गा पंडाल का एक गेट के कारण पुरानी बस्ती का ताजिया जुलूस नहीं निकाला जा सका था। लेकिन इस बार तिथियों में हेरफेर के कारण वह चुनौती खुद ब खुद टल गई थी। एहतियातन भारी संख्या में फोर्स लगाकर अधिकारियों ने खुद कमान संभाले रखा, जिससे कोई भी बात तिल का ताड़ नहीं बनी और प्रशासन आयोजन संपन्न कराने में कामयाब रहा।