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बोल बम के नारों से गूंजे शिवालय
Updated Mon, 30 Jul 2018 11:57 PM IST
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बोल बम के नारों से गूंजे शिवालय
सावन के पहले सोमवार को शिवमंदिरों में भीड़
बारिश के बीच भक्त जलाभिषेक के लिए पहुंचे
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। सावन के पवित्र महीने के पहले सोमवार को शिवालयों में सुबह से ही बोल बम के नारे गूंजने लगे। हल्की बारिश के बीच शिव मंदिरों में जलाभिषेक सुबह छह बजे से ही शुरू हो गया। शहर से करीब पांच किलोमीटर दूरी स्थित बाबा भद्रेश्वरनाथ धाम में दिनभर भक्तों के पहुंचने का सिलसिला बना रहा।
पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक सावन महीना और उस में भी सोमवार भगवान शिव को काफी प्रिय है। शिवभक्त सुबह ही स्नान के पश्चात आराध्य के जलाभिषेक के लिए निकल पड़ते हैं। यह नजारा भद्रेश्वरनाथ धाम से लेकर शहर के अन्य मंदिरों में सोमवार को दिखा। कंपनी बाग हो या मुंडेरवा क्षेत्र स्थित देवरिया माफी अथवा करण मंदिर हर जगह हर-हर महादेव के नारे लगते रहे। लोग आस्था के मुताबिक जलाभिषेक और विद्वान पंडितों से रुद्राभिषेक कराते रहे। बारिश के कारण मंदिर नहीं पहुंच पाने वाले शिवभक्त घरों में ही विल्ब पत्र, भांग, धतूरा आदि पूजन सामग्री से श्रद्धा निवेदित की।
भद्रेश्वरधाम में लगा मेला
बाबा भद्रेश्वरनाथ में बारिश के बीच भी पूजन सामग्री से लेकर मिठाई, चाय, पकौड़े की दुकान सजी रही। हर सोमवार यहां भारी भीड़ होती है लेकिन सावन के सोमवार को नजारा अलग ही होता है। करीब दो दर्जन पूजन सामग्री की दुकानों के अलावा शृंगार की दुकानें और खाने-पीने की दुकानें भी सजी थीं। बच्चों के खिलौने तथा घरेलू सामान की भी दुकानें थीं। नाग का दर्शन कराने वाले भी कम नहीं थे।
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कांवड़यात्रा के लिए गांजा तस्कर भी जुटे
विक्रमजोत/महराजगंज। हाईवे पर टोल प्लाजा के पास पकड़ी गई गांजे की खेप पहली नहीं है। मार्च से अब तक दो बार बड़ी खेप पकड़ी जा चुकी है। सीओ का कहना है कि धंधेबाज जल्द गिरफ्त में होंगे।
सावन में कांवड़ यात्रा के लिए प्रशासन पुख्ता इंतजाम में लगा है। यहां तक कि फोरलेन भी बंद कर दिया जाता है। नशे के सौदागर भी गांजे की बिक्री की तैयारी कर चुके हैं। छावनी थाना क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे आधा दर्जन स्थानों पर गांजा की खुलेआम दुकानदारी चर्चा में रहती है। श्रद्धालु इसे बाबा भोलेनाथ का प्रसाद समझ कर सेवन करते हैं। क्षेत्र में महज दो तीन ही भांग की सरकारी दुकान है। कावंड़ियों के भेष में तस्कर जेब में पुड़िया रख कर चलते-फिरते दुकान बन जाते हैं। 50 से 250 रुपये तक की इस पुड़िया को खरीदने के लिए फैजाबाद, गोंडा और अयोध्या से लोग विक्रमजोत आते हैं। कस्बे के अलावा केशवपुर, पटखापुर, रमघटिया, छावनी के रामरेखानदी के किनारे सहित टोलप्लाजा के समीप ढाबों पर खरीदार देखे जा सकते हैं। शनिवार को गांजा तस्करी के बड़ी खेप 681 किलोग्राम चौकड़ी टोल प्लाजा के पास नारकोटिक्स विभाग ने पकड़ी भी। टीम में शामिल रहे इंस्पेक्टर अतुल द्विवेदी, नरेंद्र सिंह तथा रोहित श्रीवास्तव की मानें तो गांजा कूचबिहार भेजा जा रहा था। बिहार और पूर्वांचल के कई जिलों में कांवड़ मेले में कांवड़ियों में गांजा बेचने की तैयारी चल रही थी। जिले में भी तस्करों से जुड़े कई लोग काम कर रहे हैं। जिनके अपने कैरियर हैं। हर्रैया, कप्तानगंज, नगर, दुबौलिया सहित कई थाना क्षेत्रों में स्थानीय गांजा तस्कर पकड़े जा चुके हैं। कांवड़ मेले में गांजा बेचने को लेकर हाईवे पर अभी से ही तस्कर स्थान चिह्नित किए जा रहे हैं। सीओ हर्रैया राहुल पांडेय ने बताया कि गांजा तस्करों को पकड़ने के लिए नारकोटिक्स विभाग की टीम के साथ स्थानीय पुलिस भी लगाई गई है। जल्द ही धंधे से जुड़े लोगों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बाबा भारीनाथ पर भक्तों का तांता
गौर। सावन के सोमवार में भगवान शिव की पूजा फलदायी माना गया है। इसी परंपरा के तहत शिव मंदिरों में पहले सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। शिव मंदिर केसरई एवं भारीनाथ पर भक्तों का तांता लगा रहा। हैगौर क्षेत्र के केसरई निवासी सुधा यादव कहती हैं कि पूरे साल में सावन मास का खास इंतजार रहता है। इस माह में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है। साथ ही रुद्राभिषेक की पूजा को काफी महत्व माना गया है। कहती हैं कि सावन में पड़ने वाले हर सोमवार के दिन व्रत रखती हैं। उर्जाडुहवा की विजयलक्ष्मी जायसवाल कहती हैं कि सोमवार के दिन भगवान शिव का व्रत रखने से कष्ट दूर होते हैं। सौभाग्य की प्राप्ति होती है। भगवान शंकर की शक्ति आरोग्य भी बनाती है। बताया कि पूजा में गाय का दूध शिवलिंग पर चढ़ाती हूं। पुरुषोत्तमपुर गांव की पूर्णिमा पांडेय कहती हैं कि भगवान शंकर की विविध रूपों की पूजा करने से मन में शांति मिलती है। वैसे तो त्योहार से सबके जीवन में खुशियां आती हैं। मगर सावन में भगवान शंकर का दर्शन करने से नारी समाज को आध्यात्मिक शक्ति मिलती है। कहा कि बचपन से ही शिव जी की पूजा करती आ रही हूं। बागेश्वर नगर की शैल जायसवाल कहती हैं कि भगवान शिव की पूजा सच्चे मन से की जाती है। सावन माह को लेकर मन में खासा उत्साह रहता है। शहर से लेकर गांव तक छोटे बड़े शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिलती है।
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बोल बम के नारों से गूंजे शिवालय
सावन के पहले सोमवार को शिवमंदिरों में भीड़
बारिश के बीच भक्त जलाभिषेक के लिए पहुंचे
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। सावन के पवित्र महीने के पहले सोमवार को शिवालयों में सुबह से ही बोल बम के नारे गूंजने लगे। हल्की बारिश के बीच शिव मंदिरों में जलाभिषेक सुबह छह बजे से ही शुरू हो गया। शहर से करीब पांच किलोमीटर दूरी स्थित बाबा भद्रेश्वरनाथ धाम में दिनभर भक्तों के पहुंचने का सिलसिला बना रहा।
पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक सावन महीना और उस में भी सोमवार भगवान शिव को काफी प्रिय है। शिवभक्त सुबह ही स्नान के पश्चात आराध्य के जलाभिषेक के लिए निकल पड़ते हैं। यह नजारा भद्रेश्वरनाथ धाम से लेकर शहर के अन्य मंदिरों में सोमवार को दिखा। कंपनी बाग हो या मुंडेरवा क्षेत्र स्थित देवरिया माफी अथवा करण मंदिर हर जगह हर-हर महादेव के नारे लगते रहे। लोग आस्था के मुताबिक जलाभिषेक और विद्वान पंडितों से रुद्राभिषेक कराते रहे। बारिश के कारण मंदिर नहीं पहुंच पाने वाले शिवभक्त घरों में ही विल्ब पत्र, भांग, धतूरा आदि पूजन सामग्री से श्रद्धा निवेदित की।
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भद्रेश्वरधाम में लगा मेला
बाबा भद्रेश्वरनाथ में बारिश के बीच भी पूजन सामग्री से लेकर मिठाई, चाय, पकौड़े की दुकान सजी रही। हर सोमवार यहां भारी भीड़ होती है लेकिन सावन के सोमवार को नजारा अलग ही होता है। करीब दो दर्जन पूजन सामग्री की दुकानों के अलावा शृंगार की दुकानें और खाने-पीने की दुकानें भी सजी थीं। बच्चों के खिलौने तथा घरेलू सामान की भी दुकानें थीं। नाग का दर्शन कराने वाले भी कम नहीं थे।
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कांवड़यात्रा के लिए गांजा तस्कर भी जुटे
विक्रमजोत/महराजगंज। हाईवे पर टोल प्लाजा के पास पकड़ी गई गांजे की खेप पहली नहीं है। मार्च से अब तक दो बार बड़ी खेप पकड़ी जा चुकी है। सीओ का कहना है कि धंधेबाज जल्द गिरफ्त में होंगे।
सावन में कांवड़ यात्रा के लिए प्रशासन पुख्ता इंतजाम में लगा है। यहां तक कि फोरलेन भी बंद कर दिया जाता है। नशे के सौदागर भी गांजे की बिक्री की तैयारी कर चुके हैं। छावनी थाना क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे आधा दर्जन स्थानों पर गांजा की खुलेआम दुकानदारी चर्चा में रहती है। श्रद्धालु इसे बाबा भोलेनाथ का प्रसाद समझ कर सेवन करते हैं। क्षेत्र में महज दो तीन ही भांग की सरकारी दुकान है। कावंड़ियों के भेष में तस्कर जेब में पुड़िया रख कर चलते-फिरते दुकान बन जाते हैं। 50 से 250 रुपये तक की इस पुड़िया को खरीदने के लिए फैजाबाद, गोंडा और अयोध्या से लोग विक्रमजोत आते हैं। कस्बे के अलावा केशवपुर, पटखापुर, रमघटिया, छावनी के रामरेखानदी के किनारे सहित टोलप्लाजा के समीप ढाबों पर खरीदार देखे जा सकते हैं। शनिवार को गांजा तस्करी के बड़ी खेप 681 किलोग्राम चौकड़ी टोल प्लाजा के पास नारकोटिक्स विभाग ने पकड़ी भी। टीम में शामिल रहे इंस्पेक्टर अतुल द्विवेदी, नरेंद्र सिंह तथा रोहित श्रीवास्तव की मानें तो गांजा कूचबिहार भेजा जा रहा था। बिहार और पूर्वांचल के कई जिलों में कांवड़ मेले में कांवड़ियों में गांजा बेचने की तैयारी चल रही थी। जिले में भी तस्करों से जुड़े कई लोग काम कर रहे हैं। जिनके अपने कैरियर हैं। हर्रैया, कप्तानगंज, नगर, दुबौलिया सहित कई थाना क्षेत्रों में स्थानीय गांजा तस्कर पकड़े जा चुके हैं। कांवड़ मेले में गांजा बेचने को लेकर हाईवे पर अभी से ही तस्कर स्थान चिह्नित किए जा रहे हैं। सीओ हर्रैया राहुल पांडेय ने बताया कि गांजा तस्करों को पकड़ने के लिए नारकोटिक्स विभाग की टीम के साथ स्थानीय पुलिस भी लगाई गई है। जल्द ही धंधे से जुड़े लोगों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बाबा भारीनाथ पर भक्तों का तांता
गौर। सावन के सोमवार में भगवान शिव की पूजा फलदायी माना गया है। इसी परंपरा के तहत शिव मंदिरों में पहले सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। शिव मंदिर केसरई एवं भारीनाथ पर भक्तों का तांता लगा रहा। हैगौर क्षेत्र के केसरई निवासी सुधा यादव कहती हैं कि पूरे साल में सावन मास का खास इंतजार रहता है। इस माह में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है। साथ ही रुद्राभिषेक की पूजा को काफी महत्व माना गया है। कहती हैं कि सावन में पड़ने वाले हर सोमवार के दिन व्रत रखती हैं। उर्जाडुहवा की विजयलक्ष्मी जायसवाल कहती हैं कि सोमवार के दिन भगवान शिव का व्रत रखने से कष्ट दूर होते हैं। सौभाग्य की प्राप्ति होती है। भगवान शंकर की शक्ति आरोग्य भी बनाती है। बताया कि पूजा में गाय का दूध शिवलिंग पर चढ़ाती हूं। पुरुषोत्तमपुर गांव की पूर्णिमा पांडेय कहती हैं कि भगवान शंकर की विविध रूपों की पूजा करने से मन में शांति मिलती है। वैसे तो त्योहार से सबके जीवन में खुशियां आती हैं। मगर सावन में भगवान शंकर का दर्शन करने से नारी समाज को आध्यात्मिक शक्ति मिलती है। कहा कि बचपन से ही शिव जी की पूजा करती आ रही हूं। बागेश्वर नगर की शैल जायसवाल कहती हैं कि भगवान शिव की पूजा सच्चे मन से की जाती है। सावन माह को लेकर मन में खासा उत्साह रहता है। शहर से लेकर गांव तक छोटे बड़े शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिलती है।