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राहत के लिए गुस्सा, हाइवे पर जाम

Sat, 02 Sep 2017 11:28 PM IST
Updated Sat, 02 Sep 2017 11:28 PM IST
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राहत के लिए गुस्सा, हाइवे पर जाम
राहत के लिए गुस्सा, हाईवे पर जाम
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विक्रमजोत।
घाघरा की विपदा ने क्षेत्र के तीन गांवों को बेघर कर दिया है। इनकी सहायता के लिए कानपुर व्यापारी संघ की ओर से एक ट्रक राशन आदि भेजा गया। पांच दिन में भी वितरण नहीं होने से नाराज पीड़ितों ने शनिवार को फोरलेन पर जाम लगा दिया। पुलिस और संभ्रांतजनों के वितरण के आश्वासन पर मामला शांत हुआ।
कल्याणपुर, सहजौरा पाठक, भरथापुर आदि गांवों के बाढ़ पीड़ितों को जैसे जानकारी होती है। वे तत्काल राहत सामग्री के लिए दौड़ पड़ते हैं। भाजपा जिला अध्यक्ष पवन कसौधन के मुुताबिक भाजपा व्यापारी प्रकोष्ठ कानपुर की ओर से एक ट्रक राहत सामग्री विक्रमजोत पहुंची है। ट्रक को श्री वाल्मीकि इंटर कॉलेज में रखा गया है। इसमें आटा, चावल, तेल, लाई, चना, नमक, माचिस और कपडे़ के गट्ठर हैं। यह राहत सामग्री 29 अगस्त को बीडीओ विक्रमजोत के पास भेजी गई थी। ब्लॉक पर रखने की जगह नहीं होने से स्थानीय भाजपा नेताओं ने उक्त विद्यालय में रखवा दिया। आरोप है कि वितरण की जिम्मेदारी संभाले भाजपा कार्यकर्ताओं ने दूसरे दिन अपने चहेतों को बांटना शुरू कर दिया। इसी दौरान गैर बाढ़ पीड़ित क्षेत्र के लोग भी लूट-खसोट शुरू कर दी। स्कूल में कैंप कर रहे पीएसी जवानों के हस्तक्षेप पर लूट-खसोट रुकी। वितरण भी रोक दिया गया। शनिवार को जब एक पिकअप पर बाढ़ राहत सामग्री लादने की सूचना पहुंची तो करीब दो सौ महिलाएं पहुंच गईं। गुस्साई महिलाओं ने लखनऊ-गोरखपुर फोरलेन पर जाम लगा दिया। दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। आनन-फानन सक्रिय हुई चौकी पुलिस और संभ्रांतजनों ने समझा-बुझाकर जाम खत्म कराया।
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वितरण की जिम्मेदारी देख रहे क्षेत्रीय विधायक अजय सिंह के भाई कृष्ण कुमार का कहना है कि यह राहत सामग्री मेरे अनुरोध पर कानपुर से आई है। हम जिसे चाहेंगे हमारे कार्यकर्ता ही उसे बांटेंगे। इस पर प्रशासन का कोई हक नहीं है न उनकी सूची पर राशन बंटेगा। यहां के सभी लोगों को राशन मिल चुका है। अब बचा राशन वीडी बांध के अर्जुनपुर गांव में वितरित किया जाएगा।
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बाढ़ पीड़ितों में गुस्सा
सहजौरा पाठक की रायमूना, हीरा, यशोदा, सावित्री, ऊषा, मंजू देवी, ह्दयराम, हरीलाल, लालमणि, ऋषिकेश, माझालाल ने बताया कि उन्हें कुछ भी नहीं मिला है। जब भी कुछ बंटने के लिए आता है तो अगुआ लोग ही ले लेते हैं। चांदपुर निवासी रवि निषाद, पूजा निषाद, गुलाबा देवी, सुनन्दा, मुन्ना, सिताऊ, गुरु प्रसाद का कहना है कि हम लोग लगातार चार दिनों से उम्मीद में आते हैं कि आज राशन मिलेगा मगर दिन के बजाय रात में ही राशन बंट जाता है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने रातोंरात अपने खास खास लोगों को में बाढ़ राहत सामग्री बांट दी। शांती, रामरति, आशा, मीनाक्षी देवी, मंशादेवी, गंगाजली का कहना है कि चार दिनों से बंद कमरे में राशन चूहा और बंदर खा रहे हैं लेकिन हमारे लिए राशन खत्म हो गया।

डेढ़ किमी में कटान जारी

दुबौलिया।
घाघरा के खतरे के निशान से नीचे चले जाने से बांध से खतरा टल गया है। मगर नदी की धारा में अचानक परिवर्तन से कटान का अनुमान लगाना मुश्किल है। कभी दौ सौ मीटर पहले तो कभी पीछे कटान करना शुरू हो जाती है। शनिवार को धरमूपुर मुस्तहकम के खलवा के पास नदी ने कटान की।

घाघरा नदी की धारा चांदपुर, कटरिया बांध से होकर बह रही है, जो 10 से 15 मीटर गहरी है। बल्ली पायलिंग क्षतिग्रस्त हो चुकी है। बोल्डर को जाल में बांधकर नदी में डाला जा रहा है। ईंट की बोरी को मजदूर कटान एरिया में लगा रहे हैं। शनिवार को धरमूपुर मुस्तहकम के खलवा के पास नदी ने कटान की। चांदपुर दोनों स्परों पर दबाव बना हुआ है। स्पर के माध्यम से धारा को मोड़ने का प्रयास है। ताकि नदी का पानी सीधे बंधे से न टकराए। एसडीओ जीतेन्द्र कुमार ने बताया कि बंधे पर दिन-रात कार्य चल रहा है। हम लोग बंधे को बचाने के लिए सभी उपाय कर रहे हैं। धारा बंधे के समीप होने से कार्य करने में दिक्कत हो रही है।
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