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बिजली कर्मचारियों के साथ अन्याय कर रही सरकार
Updated Sat, 21 Apr 2018 11:52 PM IST
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बस्ती। उप्र बिजली कर्मचारी संघ का धरना शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रहा।वक्ताओं ने सरकार पर कर्मियों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया। 22 मांगों को पूरी करने की मांग की।
केंद्रीय कमेटी के आह्वान पर दो दिवसीय धरना के अंतिम दिन अधीक्षण अभियन्ता कार्यालय पर कर्मचारी जुटे। अध्यक्षता कामरेड अशर्फीलाल ने जबकि संचालन जोनल मंत्री राम सहाय ने किया। खंड अध्यक्ष गजेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि विभाग में चतुर्थ श्रेणी से तृतीय श्रेणी पद पर प्रोन्नति कोटा पहले 33.33 था अब 10 प्रतिशत कर दिया गया है जो कर्मचारियों के साथ अन्याय है। राम सहाय ने कहा कि संविदाकारों की ओर से ईपीएफ मद में कटौती की धनराशि संविदा श्रमिकों के खाते में जमा नहीं हो रही इस मद की धनराशि पूरे प्रदेश में अधिकारियों की मिली भगत से गबन हो रही है। प्रोन्नति के मामले में विभाग दोहरी नीति अपना रहा है। अवर अभियंता से सहायक अभियंता पद प्रोन्नति हेतु एसीआर के माध्यम से कर दिया जाता है। जबकि टीजी-2 से अवर अभियन्ता पद पर प्रोन्नति करने पर साक्षात्कार पर 10 अंक हाई स्कूल पर 25 अंक आईटीआई पर 30 अंक सर्विस पर प्रतिवर्ष एक अंक अर्थात अधिकतम 35 अंक देकर प्रोन्नति का आदेश है। एक ही विभाग में दो प्रकार का आदेश करके कर्मचारियों के साथ अन्याय किया जा रहा है। कामरेड अशर्फीलाल ने कहा कि संविदा कम्रियों का सेवा नियमावली बनाई जाए। ठेका श्रमिक नियमन एवं उन्मूलन अधिनियम 1970 के अनुसार नियमित कर्मचारी का वेतन दिया जाए।धरना स्थल पर मुख्य रूप से प्रेम प्रकाश, प्रदीप कुमार पाण्डेय, शैलेश यादव, विनय कुमार, अनुराग चौधरी, राजेश, रामधनी, विश्राम, विरेंद्र कुमार पाण्डेय, विश्वनाथ लाल, राधेश्याम, प्रवीन कुमार आदि लोग मौजूद रहे।
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