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12 भू-माफियों के कब्जे में करोड़ों की जमीन
Updated Tue, 08 Aug 2017 11:59 PM IST
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बस्ती। सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वाले भू-माफियों और अतिक्रमणकारियों के विरुद्घ कार्रवाई करने में तहसील प्रशासन के पसीने छूट रहे हैं। चिन्हित 12 भू- माफियों के कब्जे में जहां करोड़ों रुपये की जमीन है, वहीं पर 1133 अतिक्रमणकारियों ने 80 हेक्टेअर से अधिक तालाब, पोखरा, खलिहान और बंजर की जमीना पर अतिक्रमण कर रखा है। हांलाकि प्रशासन ने जुलाई में एक दिन में छह लोगों पर केस दर्ज करा चुका है, इनमें चार भू-माफियों के विरुद्घ विधिक कार्रवाई हुई। एंटी भू-माफियों के नोडल अधिकारी एडीएम भगवान शरण कहते हैं भू-माफियों सहित अन्य अतिक्रमणकारियों के विरुद्घ कार्रवाई करने की रणनीति बन चुकी है और इसके लिए सभी एसडीएम को आदेश भी दिए जा चुके हैं।
शासन और प्रशासन के सामने सरकारी जमीनों पर भू-माफियों के विरुद्घ कार्रवाई करना चुनौती रहा है। कारण यह लोग धन और बल सहित राजनैतिक रूप से इतने मजबूत होते हैं, इन पर हाथ डालने के लिए प्रशासन को कई बार सोचना पड़ता है। एक अधिकारी का कहना है कि जब तक भू-माफियों को राजनैतिक तौर पर संरक्षण मिलता रहेगा, तब तक यह प्रशासन और आमजन के लिए सिर दर्द बने रहेंगे। हालांकि एंटी भू-माफिया का गठन होने के बाद अवश्य इनकी चिंता बढ़ गई हैं। शिकायतकर्ताओं की मांग हैं कि जब तक प्रशासन निरंतर भू-माफियों के विरुद्घ कार्रवाई नहीं करेगा, तब तक शासन और प्रशासन का मकसद पूरा नहीं होगा।
इन भू-माफियों के कब्जे में करोड़ों की जमीन
प्रशासन की ओर से भू-माफियों की जो सूची जारी की गई, उनमें सदर तहसील ग्राम बसिया निवासी सुखराम, यहीं के रामकरन, ग्राम बेहिल के राम प्यारे व सुभावपुर के आज्ञाराम का नाम शामिल है। इसी तरह तहसील हर्रैया के ग्राम बसेवाराय के राधेश्याम, गणेश सिंह, भानपुर तहसील के ग्राम मायाखुर्द के रामसुमेर व ग्राम तेन्दुहना के तुलसीराम, तहसील रूधौली के ग्राम खम्हरिया निवासी इंसान अली, बासू पुत्र भोलर व धरमपुरवा के राम सेवक का नाम शामिल है।
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इन पर हुई विधिक कार्रवाई
12 में से जिन चार भू-माफियों के विरुद्घ मुकदमा दर्ज कराया गया, उनमें भानपुर तहसील के ग्राम तेन्हना के तुलसीराम, रूधौली के ग्राम खम्हरिया के इंसान अली, सदर के ग्राम बेहिल के राम प्यारे व रामखेलावन व बसिया के सुखराम का नाम शामिल है। अन्य जिन दो अतिक्रमणकारियों के विरुद्घ मेकदमा दर्ज कराया गया उनमें हर्रैया के ग्राम सेमरामुस्तकहम के राम कुबेर व श्रीराम और इसी तहसील के ग्राम रानीपुर के कनिकराम व दिनेश कुमार शामिल है।
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शासन और प्रशासन के सामने सरकारी जमीनों पर भू-माफियों के विरुद्घ कार्रवाई करना चुनौती रहा है। कारण यह लोग धन और बल सहित राजनैतिक रूप से इतने मजबूत होते हैं, इन पर हाथ डालने के लिए प्रशासन को कई बार सोचना पड़ता है। एक अधिकारी का कहना है कि जब तक भू-माफियों को राजनैतिक तौर पर संरक्षण मिलता रहेगा, तब तक यह प्रशासन और आमजन के लिए सिर दर्द बने रहेंगे। हालांकि एंटी भू-माफिया का गठन होने के बाद अवश्य इनकी चिंता बढ़ गई हैं। शिकायतकर्ताओं की मांग हैं कि जब तक प्रशासन निरंतर भू-माफियों के विरुद्घ कार्रवाई नहीं करेगा, तब तक शासन और प्रशासन का मकसद पूरा नहीं होगा।
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इन भू-माफियों के कब्जे में करोड़ों की जमीन
प्रशासन की ओर से भू-माफियों की जो सूची जारी की गई, उनमें सदर तहसील ग्राम बसिया निवासी सुखराम, यहीं के रामकरन, ग्राम बेहिल के राम प्यारे व सुभावपुर के आज्ञाराम का नाम शामिल है। इसी तरह तहसील हर्रैया के ग्राम बसेवाराय के राधेश्याम, गणेश सिंह, भानपुर तहसील के ग्राम मायाखुर्द के रामसुमेर व ग्राम तेन्दुहना के तुलसीराम, तहसील रूधौली के ग्राम खम्हरिया निवासी इंसान अली, बासू पुत्र भोलर व धरमपुरवा के राम सेवक का नाम शामिल है।
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इन पर हुई विधिक कार्रवाई
12 में से जिन चार भू-माफियों के विरुद्घ मुकदमा दर्ज कराया गया, उनमें भानपुर तहसील के ग्राम तेन्हना के तुलसीराम, रूधौली के ग्राम खम्हरिया के इंसान अली, सदर के ग्राम बेहिल के राम प्यारे व रामखेलावन व बसिया के सुखराम का नाम शामिल है। अन्य जिन दो अतिक्रमणकारियों के विरुद्घ मेकदमा दर्ज कराया गया उनमें हर्रैया के ग्राम सेमरामुस्तकहम के राम कुबेर व श्रीराम और इसी तहसील के ग्राम रानीपुर के कनिकराम व दिनेश कुमार शामिल है।