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जीपीएस सिस्टम से होगी अफसरों की निगरानी
Updated Mon, 25 Sep 2017 11:27 PM IST
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जीपीएस सिस्टम से होगी अफसरों की निगरानी
बस्ती।
पिछले कई दिनों से मनमाने तरीके से कारोबार करने वाले व्यापारियों के खिलाफ विभाग ने कार्रवाई शुरू करने का आदेश जारी किया है। बिना जीएसटी में पंजीकरण कराए अनियमित रूप से कारोबार कर टैक्स का चूना लगाने वाले लगभग चार हजार व्यापारियों पर शिकंजा कसा है।
बिना बिल के कारोबार करने वालों की धरपकड़ के लिए रास्ते में ही उन्हें पकड़ने की योजना बनी है। कार्रवाई हो इसके लिए अफसरों के वाहनों में जीपीएस लगाए गए हैं। लगभग तीन माह तक खामोश रहने वाले प्रवर्तन दल को विभाग ने कार्रवाई करने के लिए हरी झंडी दे दी है। इतना ही नहीं प्रवर्तन दल के अधिकारी सड़क पर निकलकर कार्रवाई कर रहे हैं कि नहीं? इसकी निगरानी के लिए उनके वाहनों पर जीपीएस लगाए गए हैं। शासन और जोनल स्तर पर इसकी मॉनीटरिंग भी शुरू हो गई है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक वाणिज्यकर विभाग में पंजीकृत व्यापारियों की संख्या लगभग 7559 है। इनमें अभी तक 3822 ने ही जीएसटी में पंजीकरण कराया, जबकि जीएसटी लागू हुए लगभग तीन माह होने को हैं। 3737 कारोबारियों ने अभी तक जीएसटी में न तो पंजीकरण और न व्यापार स्थगित रखने की कोई जानकारी ही दी। अधिकारियों का मानना है कि यह सभी हर माह माल की खरीद-फरोख्त भी कर रहे हैं। जीएसटी को देखते हुए तीन माह तक की छूट थी। एक अधिकारी का कहना है कि छूट का फायदा ऐसे व्यापारियों ने खूब उठाया। जिस तरह चाहा सड़क, रेलवे, कुरियर और ट्रांसपोर्ट के जरिए बिना टैक्स अदा किए सामान मंगाया और उसका कारोबार किया। एसटीएफ के नोडल सहायक आयुक्त आलोक कुमार तिवारी ने बताया कि जोनल के सभी प्रवर्तन दल से जुडे़ अफसरों के वाहनों में जीपीएस लगाए गए हैं। विभाग ने इन सभी को अनियमित रूप से कारोबार करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश जारी किया है। बताया कि नई व्यवस्था के तहत अब किसी भी कारोबारी के लिए अनियमित रूप से कारोबार करना आसान नहीं होगा। उन्हें या तो जीएसटी में पंजीकरण कराना होगा, वरना कार्रवाई करने के लिए तैयार रहें। जीपीएस लगने के बाद अधिकारी भी सड़क पर निकलने को मजबूर होंगे।
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बस्ती।
पिछले कई दिनों से मनमाने तरीके से कारोबार करने वाले व्यापारियों के खिलाफ विभाग ने कार्रवाई शुरू करने का आदेश जारी किया है। बिना जीएसटी में पंजीकरण कराए अनियमित रूप से कारोबार कर टैक्स का चूना लगाने वाले लगभग चार हजार व्यापारियों पर शिकंजा कसा है।
बिना बिल के कारोबार करने वालों की धरपकड़ के लिए रास्ते में ही उन्हें पकड़ने की योजना बनी है। कार्रवाई हो इसके लिए अफसरों के वाहनों में जीपीएस लगाए गए हैं। लगभग तीन माह तक खामोश रहने वाले प्रवर्तन दल को विभाग ने कार्रवाई करने के लिए हरी झंडी दे दी है। इतना ही नहीं प्रवर्तन दल के अधिकारी सड़क पर निकलकर कार्रवाई कर रहे हैं कि नहीं? इसकी निगरानी के लिए उनके वाहनों पर जीपीएस लगाए गए हैं। शासन और जोनल स्तर पर इसकी मॉनीटरिंग भी शुरू हो गई है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक वाणिज्यकर विभाग में पंजीकृत व्यापारियों की संख्या लगभग 7559 है। इनमें अभी तक 3822 ने ही जीएसटी में पंजीकरण कराया, जबकि जीएसटी लागू हुए लगभग तीन माह होने को हैं। 3737 कारोबारियों ने अभी तक जीएसटी में न तो पंजीकरण और न व्यापार स्थगित रखने की कोई जानकारी ही दी। अधिकारियों का मानना है कि यह सभी हर माह माल की खरीद-फरोख्त भी कर रहे हैं। जीएसटी को देखते हुए तीन माह तक की छूट थी। एक अधिकारी का कहना है कि छूट का फायदा ऐसे व्यापारियों ने खूब उठाया। जिस तरह चाहा सड़क, रेलवे, कुरियर और ट्रांसपोर्ट के जरिए बिना टैक्स अदा किए सामान मंगाया और उसका कारोबार किया। एसटीएफ के नोडल सहायक आयुक्त आलोक कुमार तिवारी ने बताया कि जोनल के सभी प्रवर्तन दल से जुडे़ अफसरों के वाहनों में जीपीएस लगाए गए हैं। विभाग ने इन सभी को अनियमित रूप से कारोबार करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश जारी किया है। बताया कि नई व्यवस्था के तहत अब किसी भी कारोबारी के लिए अनियमित रूप से कारोबार करना आसान नहीं होगा। उन्हें या तो जीएसटी में पंजीकरण कराना होगा, वरना कार्रवाई करने के लिए तैयार रहें। जीपीएस लगने के बाद अधिकारी भी सड़क पर निकलने को मजबूर होंगे।
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