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नौ क्षेत्र पंचायतों के कार्यो पर आडिट ने उठाए सवाल
Updated Mon, 14 Aug 2017 11:04 PM IST
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नौ क्षेत्र पंचायतों के कार्यों पर ऑडिट ने उठाए सवाल
बस्ती।
जिला लेखा परीक्षा अधिकारी सहकारी समितियां एवं पंचायतें के बार-बार आपत्ति और लिखने के बाद भी जिले की नौ क्षेत्र पंचायतें पिछले कई सालों से कराए गए कार्यों का ऑडिट नहीं करा रही हैं। इसके चलते सरकारी धन के गोलमाल की आशंका बनी हुई है।
ऑडिट टीम की मानें तो सल्टौआ, बस्ती सदर, दुबौलिया, विक्रमजोत, कुदरहा, बनकटी, हर्रैया, बहादुरपुर और रामनगर क्षेत्र पंचायतें पिछले कई साल क्षेत्र में कराए गए कार्यों का ऑडिट नहीं करा रही हैं। जबकि इसके बारे में कई बार सीडीओ और बीडीओ को लिखा जा चुका है। टीम के एक सदस्य का कहना है कि जिन क्षेत्र पंचायत द्वारा ऑडिट नहीं कराई जा रही है, वहां पर बड़े पैमाने में सरकारी धन के गोलमाल की आशंका है। बताया कि गोलमाल का खुलासा न हो इस डर से ऑडिट नहीं कराया जा रहा है। जबकि शासनादेश के तहत हर साल जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायतों को ऑडिट कराना होता है। बताया कि ऑडिट न कराना भी आर्थिक अपराध की श्रेणी में आता है।
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बस्ती।
जिला लेखा परीक्षा अधिकारी सहकारी समितियां एवं पंचायतें के बार-बार आपत्ति और लिखने के बाद भी जिले की नौ क्षेत्र पंचायतें पिछले कई सालों से कराए गए कार्यों का ऑडिट नहीं करा रही हैं। इसके चलते सरकारी धन के गोलमाल की आशंका बनी हुई है।
ऑडिट टीम की मानें तो सल्टौआ, बस्ती सदर, दुबौलिया, विक्रमजोत, कुदरहा, बनकटी, हर्रैया, बहादुरपुर और रामनगर क्षेत्र पंचायतें पिछले कई साल क्षेत्र में कराए गए कार्यों का ऑडिट नहीं करा रही हैं। जबकि इसके बारे में कई बार सीडीओ और बीडीओ को लिखा जा चुका है। टीम के एक सदस्य का कहना है कि जिन क्षेत्र पंचायत द्वारा ऑडिट नहीं कराई जा रही है, वहां पर बड़े पैमाने में सरकारी धन के गोलमाल की आशंका है। बताया कि गोलमाल का खुलासा न हो इस डर से ऑडिट नहीं कराया जा रहा है। जबकि शासनादेश के तहत हर साल जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायतों को ऑडिट कराना होता है। बताया कि ऑडिट न कराना भी आर्थिक अपराध की श्रेणी में आता है।
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