Bareilly News: पहले पिलाई शराब... फिर काट डाला गला, जंगल में मिला युवक का शव, सात लोगों पर रिपोर्ट दर्ज
अलीगंज थाना क्षेत्र में एक युवक की हत्या कर दी गई। रविवार को उसका शव जंगल में पड़ा मिला। युवक का गला काटा गया था। पास में पकौड़ी पड़ी थीं। आशंका है कि शराब पिलाकर युवक की हत्या की गई है।
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बरेली के अलीगंज थाना क्षेत्र के गांव रफियाबाद के जंगल में दुली कुंडा के किनारे 30 वर्षीय युवक का गला कटा शव पड़ा मिला। उसकी धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या की गई। सूचना पर पुलिस अफसर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए। मृतक की पत्नी ने तहरीर देकर थाने में सात लोगों के विरुद्ध नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है।
मृतक के पास से एक मोबाइल और हेडफोन बरामद हुआ है। घटनास्थल से करीब 100 मीटर दूर गेहूं के खेत में सफेद रंग की जैकेट खून से लथपथ मिली है। मृतक की पहचान प्रभात दिवाकर पुत्र बाबूराम निवासी थाना भमोरा के गांव चंपतपुर के रूप में हुई है।
मौके पर पड़ी मिली पकौड़ी
रविवार करीब साढ़े 11 बजे कुछ किसान रफियाबाद के जंगल में अपने खेतों की तरफ गए थे। उन्हें मूल रूप से हरियाणा के शिवसिंह के खेत के पास दुली कुंडा के किनारे खून से लथपथ शव दिखाई पड़ा। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस का मानना है कि हत्यारों की संख्या तीन या इससे अधिक रही होगी। मौके पर पकौड़ी बिखरी पड़ी मिलीं।
अंदाजा लगाया जा रहा है कि युवक को शराब पिलाकर मारा गया है। फॉरेंसिक टीम के मुताबिक शव करीब 70 फीसदी जकड़ा हुआ मिला। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि घटना को रविवार सुबह 9-10 बजे के आसपास अंजाम दिया गया है।
सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
मौके पर आंवला सीओ डॉ. दीपशिखा सिंह, अलीगंज थानाध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह और विशारतगंज कोतवाल शितांशु शर्मा पुलिस बल के साथ पहुंचे। एसओ अलीगंज ने बताया कि मृतक की पत्नी सरोज की तहरीर के मुताबिक सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
शराब पीने का आदी था प्रभात
बड़े भाई भरत ने बताया कि प्रभात राजमिस्त्री था। शराब पीने का आदी था, इसलिए घरवालों ने उसे अलग कर दिया था। इसी कारण अक्सर घर में विवाद होता था। इसी वजह से उसकी पत्नी सरोज 13 महीने से चारों बेटों को लेकर अपने मायके बल्लिया में रह रही थी।
बहन के इलाज के लिए पिता को दे रहा था 40 हजार रुपये
भरत ने बताया कि उसकी छह बहनें हैं, जिनमें तीन की शादी हो चुकी है, जबकि तीन अविवाहित हैं। तीन भाइयों में प्रभात सबसे छोटा था। एक बहन को निमोनिया हो गया था। उसका इलाज बरेली के निजी अस्पताल में चल रहा है।
शनिवार शाम करीब सात बजे प्रभात 40 हजार रुपये पिता को देने पहुंचा, लेकिन भरत ने पिता को उससे पैसे लेने के लिए इन्कार कर दिया। क्योंकि दोनों में अक्सर विवाद होता रहता था। परिजनों का कहना है कि 40 हजार रुपये उसके पास ही थे, आखिर वो पैसे कहां गए। इसका पता कुछ नहीं लग सका है।