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Bareilly News: कोटे पर बांटा जा रहा कीड़ायुक्त खाद्यान्न
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बरेली। कोटे (उचित दर की दुकानों) पर कीड़ायुक्त खाद्यान्न बांटा जा रहा है। मंडलायुक्त के निर्देश पर कोटे की दुकानों से लिए गए 16 नमूनों की जांच में इसकी पुष्टि हुई है। छह नमूने अधोमानक पाए गए हैं, जबकि छह में कीड़े मिलने की पुष्टि हुई है। जिन नमूनों में कीड़े मिले हैं, खाद्य विभाग ने उनको स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित माना है। इस लिहाज से करीब 75 फीसदी लोगों को घटिया राशन बांट दिया गया।
लखनऊ स्थित गवर्नमेंट पब्लिक एनालिस्ट लैब की रिपोर्ट के अनुसार जांच के लिए भेजे गए 16 नमूनों में नौ गेहूं के रहे। जांच में गेहूं का तीन नमूने अधोमानक और दो असुरक्षित मिला है। चावल के सात नमूनों में चार असुरक्षित और तीन अधोमानक मिले। असुरक्षित पाए गए खाद्यान्न में जीवित अथवा मृत अवस्था में कीड़े मिलने की बात रिपोर्ट में कही गई है।
जिम्मेदार इस मामले को दबाए बैठे थे। कमिश्नर से शिकायत के बाद मामला खुला। बीते माह सिविल कोर्ट के एक अधिवक्ता ने मंडलायुक्त को शिकायती पत्र सौंपकर आरोप लगाया था कि निर्देश के बावजूद जिला अभिहित अधिकारी कोटे के खाद्यान्न की जांच नहीं करा रहे। कमिश्नर के निर्देश पर जिलाधिकारी ने एडीएम वित्त एवं राजस्व से जांच कराई तो हकीकत सामने आई।
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अलग-अलग दुकानों से लिए गए नमूने
एडीएम वित्त एवं राजस्व संतोष बहादुर सिंह ने नौ जुलाई को जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंपी है। इसमें कहा है कि सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार बीते वर्ष चार विधिक नमूने लिए गए थे। इसमें चारों मानक के अनुरूप नहीं मिले। इसके बाद फिर अलग-अलग दुकानों से 12 नमूने लिए गए। इनमें से आठ मानक के अनुरूप नहीं थे।
कहां-कहां से लिए गए थे नमूने
स्टेट वेयरहाउस परसाखेड़ा रोड नंबर चार से लिए गए गेहूं और चावल के एक-एक नमूने अधोमानक मिले। अर्बन कोऑपरेटिव बैंक के पास से लिया गया गेहूं का नमूना पास और चावल का अधोमानक और असुरक्षित मिला। परतापुर जीवनसहाय से लिया गया चावल का नमूना अधोमानक मिला। शाहाबाद से लिया गया गेहूं का नमूना पास रहा। पंजाबपुरा से लिया गया गेहूं का नमूना असुरक्षित और अधोमानक, चावल का असुरक्षित मिला। रजऊ परसपुर से लिया गया चावल का नमूना अधोमानक, गेहूं का पास रहा। मीरगंज से लिया गेहूं का नमूना पास रहा। ठिरिया बाबोजान नबावगंज से लिया गया चावल का नमूना असुरक्षित मिला। शुक्रवार को मिली रिपोर्ट के मुताबिक खड़ौआ सीबीगंज से लिया गया गेहूं का नमूना अधोमानक रहा। किला से लिया गया चावल का नमूना अधोमानक रहा। गंगापुर से लिया गया गेहूं का नमूना अधोमाानक रहा। प्रेमनगर से लिया गया गेहूं का नमूना असुरक्षित निकला। ब्यूरो
कोटे से लिए गए गेहूं, चावल के नमूनों की जांच में 12 मानक के अनुरूप नहीं पाए गए। नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। दिशा-निर्देश के तहत कोटे की दुकानों से नमूने भरकर जांच कराई जा रही है। - अपूर्व श्रीवास्तव, सहायक आयुक्त द्वितीय, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन
खाद्यान्न एफसीआई से कोटेदार के पास पहुंचता है। जो उपलब्ध कराया जाता है, वही वितरित होता है। अगर गेहूं, चावल का नमूना संदिग्ध था तो एफएसओ को वितरण रोकने के लिए जरूरी कार्रवाई करनी चाहिए थी। - नीरज सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी
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लखनऊ स्थित गवर्नमेंट पब्लिक एनालिस्ट लैब की रिपोर्ट के अनुसार जांच के लिए भेजे गए 16 नमूनों में नौ गेहूं के रहे। जांच में गेहूं का तीन नमूने अधोमानक और दो असुरक्षित मिला है। चावल के सात नमूनों में चार असुरक्षित और तीन अधोमानक मिले। असुरक्षित पाए गए खाद्यान्न में जीवित अथवा मृत अवस्था में कीड़े मिलने की बात रिपोर्ट में कही गई है।
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जिम्मेदार इस मामले को दबाए बैठे थे। कमिश्नर से शिकायत के बाद मामला खुला। बीते माह सिविल कोर्ट के एक अधिवक्ता ने मंडलायुक्त को शिकायती पत्र सौंपकर आरोप लगाया था कि निर्देश के बावजूद जिला अभिहित अधिकारी कोटे के खाद्यान्न की जांच नहीं करा रहे। कमिश्नर के निर्देश पर जिलाधिकारी ने एडीएम वित्त एवं राजस्व से जांच कराई तो हकीकत सामने आई।
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अलग-अलग दुकानों से लिए गए नमूने
एडीएम वित्त एवं राजस्व संतोष बहादुर सिंह ने नौ जुलाई को जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंपी है। इसमें कहा है कि सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार बीते वर्ष चार विधिक नमूने लिए गए थे। इसमें चारों मानक के अनुरूप नहीं मिले। इसके बाद फिर अलग-अलग दुकानों से 12 नमूने लिए गए। इनमें से आठ मानक के अनुरूप नहीं थे।
कहां-कहां से लिए गए थे नमूने
स्टेट वेयरहाउस परसाखेड़ा रोड नंबर चार से लिए गए गेहूं और चावल के एक-एक नमूने अधोमानक मिले। अर्बन कोऑपरेटिव बैंक के पास से लिया गया गेहूं का नमूना पास और चावल का अधोमानक और असुरक्षित मिला। परतापुर जीवनसहाय से लिया गया चावल का नमूना अधोमानक मिला। शाहाबाद से लिया गया गेहूं का नमूना पास रहा। पंजाबपुरा से लिया गया गेहूं का नमूना असुरक्षित और अधोमानक, चावल का असुरक्षित मिला। रजऊ परसपुर से लिया गया चावल का नमूना अधोमानक, गेहूं का पास रहा। मीरगंज से लिया गेहूं का नमूना पास रहा। ठिरिया बाबोजान नबावगंज से लिया गया चावल का नमूना असुरक्षित मिला। शुक्रवार को मिली रिपोर्ट के मुताबिक खड़ौआ सीबीगंज से लिया गया गेहूं का नमूना अधोमानक रहा। किला से लिया गया चावल का नमूना अधोमानक रहा। गंगापुर से लिया गया गेहूं का नमूना अधोमाानक रहा। प्रेमनगर से लिया गया गेहूं का नमूना असुरक्षित निकला। ब्यूरो
कोटे से लिए गए गेहूं, चावल के नमूनों की जांच में 12 मानक के अनुरूप नहीं पाए गए। नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। दिशा-निर्देश के तहत कोटे की दुकानों से नमूने भरकर जांच कराई जा रही है। - अपूर्व श्रीवास्तव, सहायक आयुक्त द्वितीय, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन
खाद्यान्न एफसीआई से कोटेदार के पास पहुंचता है। जो उपलब्ध कराया जाता है, वही वितरित होता है। अगर गेहूं, चावल का नमूना संदिग्ध था तो एफएसओ को वितरण रोकने के लिए जरूरी कार्रवाई करनी चाहिए थी। - नीरज सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी