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महिला हॉकी खिलाड़ियों ने कहा, हमें खेलने दो
बरेली।
Updated Fri, 10 Feb 2017 01:01 AM IST
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Women hockey players said, we play two
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
अमृतसर में होने वाली अंतर विश्वविद्यालय प्रतियोगिताओं के लिए महिला हॉकी टीम को भेजने से इनकार करने पर खिलाड़ियों ने गुरुवार को रुहेलखंड विश्वविद्यालय में जमकर हंगामा किया। क्रीड़ा सचिव प्रोफेसर एके जेटली की गाड़ी रोक ली और टीम भेजने की मांग की। हालांकि क्रीड़ा सचिव गाड़ी बैक करके चले गए। महिला खिलाड़ियों ने गुस्से में कुलसचिव कार्यालय और फिर आवास पर प्रदर्शन किया। उसके बाद कुलपति आवास पहुंचीं। हालांकि उनकी बात किसी ने भी नहीं सुनी। खिलाड़ी देर रात तक प्रदर्शन करते रहे।
महिला हॉकी टीम को पिछले दिनों ट्रायल के दौरान की क्रीड़ा सचिव ने फेल कर दिया था और टीम न भेजने का निर्णय लिया गया। जबकि महिला हॉकी खिलाड़ियों का कहना था कि लड़कों की टीम ने भी बेहतर प्रदर्शन नहीं किया, लेकिन उनको भेजा गया। महिला हॉकी का मैच 11 फरवरी को होना है। गुरुवार को पूरी टीम विश्वविद्यालय पहुंच गई और क्रीड़ा सचिव से टीम भेजने की मांग की। इस दौरान खिलाड़ियों और क्रीड़ा सचिव में काफी नोकझोंक भी हो गई। खिलाड़ियों का आरोप था कि गार्ड ने उनको अंदर जाने से रोका और धक्का दिया। खिलाड़ी काफी देर क्रीड़ा सचिव को घेरे रहे। बाद में वह अपनी कार से जाने लगे। तभी सभी खिलाड़ियों ने कार को घेर लिया और कहा कि जबतक उनकी समस्या निस्तारित नहीं होती जाने नहीं दिया जाएगा। हालांकि क्रीड़ा सचिव कार बैक करके चले गए। बाद में खिलाड़ी कुलसचिव कार्यालय पहुंचे। वह नहीं मिले तो उनके आवास पर पहुंचे। यहां जमकर धरना प्रदर्शन किया। एबीवीपी के राहुल चौहान, हर्षित समेत तमाम छात्रनेता भी पहुंच गए। बाद में कुलपति आवास पर जमकर हंगामा किया, लेकिन खिलाड़ियों की बात सुनने कोई नहीं आया। खिलाड़ी देर रात तक विश्वविद्यालय में हंगामा करते रहे। वहीं कुलसचिव साहब लाल मौर्या ने कहा कि टीम भेजने का निर्णय क्रीड़ा सचिव ही करेंगे। उनसे कोई मतलब नहीं। वहीं क्रीड़ा सचिव ने कहा कि टीम भेजने के लायक नहीं है। इसलिए टीम नहीं भेजी गई।
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महिला हॉकी टीम को पिछले दिनों ट्रायल के दौरान की क्रीड़ा सचिव ने फेल कर दिया था और टीम न भेजने का निर्णय लिया गया। जबकि महिला हॉकी खिलाड़ियों का कहना था कि लड़कों की टीम ने भी बेहतर प्रदर्शन नहीं किया, लेकिन उनको भेजा गया। महिला हॉकी का मैच 11 फरवरी को होना है। गुरुवार को पूरी टीम विश्वविद्यालय पहुंच गई और क्रीड़ा सचिव से टीम भेजने की मांग की। इस दौरान खिलाड़ियों और क्रीड़ा सचिव में काफी नोकझोंक भी हो गई। खिलाड़ियों का आरोप था कि गार्ड ने उनको अंदर जाने से रोका और धक्का दिया। खिलाड़ी काफी देर क्रीड़ा सचिव को घेरे रहे। बाद में वह अपनी कार से जाने लगे। तभी सभी खिलाड़ियों ने कार को घेर लिया और कहा कि जबतक उनकी समस्या निस्तारित नहीं होती जाने नहीं दिया जाएगा। हालांकि क्रीड़ा सचिव कार बैक करके चले गए। बाद में खिलाड़ी कुलसचिव कार्यालय पहुंचे। वह नहीं मिले तो उनके आवास पर पहुंचे। यहां जमकर धरना प्रदर्शन किया। एबीवीपी के राहुल चौहान, हर्षित समेत तमाम छात्रनेता भी पहुंच गए। बाद में कुलपति आवास पर जमकर हंगामा किया, लेकिन खिलाड़ियों की बात सुनने कोई नहीं आया। खिलाड़ी देर रात तक विश्वविद्यालय में हंगामा करते रहे। वहीं कुलसचिव साहब लाल मौर्या ने कहा कि टीम भेजने का निर्णय क्रीड़ा सचिव ही करेंगे। उनसे कोई मतलब नहीं। वहीं क्रीड़ा सचिव ने कहा कि टीम भेजने के लायक नहीं है। इसलिए टीम नहीं भेजी गई।
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