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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Woman offered Arghya to the setting sun on the third day of Chhath Puja 2023 in Bareilly

Chhath Puja 2023: व्रती महिलाओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को दिया अर्घ्य, सरोवरों के तट पर हुआ दीपदान

Sun, 19 Nov 2023 09:39 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Sun, 19 Nov 2023 09:39 PM IST
सार

रुहेलखंड विश्वविद्यालय में बने सरोवर के किनारे रविवार को मेले जैसा माहौल रहा। छठ पूजा के तीसरे दिन व्रती महिलाओं ने डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया। सोमवार को उदीयमान सूर्य (उगते सूर्य)  अर्घ्य देकर अपने व्रत का समापन करेंगी। 

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Woman offered Arghya to the setting sun on the third day of Chhath Puja 2023 in Bareilly
chhath puja 2023 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बरेली में लोक आस्था के पर्व छठ के तीसरे दिन व्रती महिलाओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर दीपदान किया। छठी मइया के गीत गुनगुनाते हुए संतान के सुदीर्घ जीवन एवं सुख-समृद्धि की कामना की। सोमवार को उदीयमान सूर्य (उगते सूर्य) को अर्घ्य देकर व्रत का समापन करेंगी।

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रविवार को दोपहर बाद से ही छठ घाटों की रौनक बढ़ने लगी थी। सिर पर पूजन सामग्री की टोकरी रखे हुए परिजनों के साथ व्रती महिलाएं पूजा स्थल पर पहुंचीं। कई परिवार बैंड बाजे के साथ छठ घाट पर पहुंचे। यहां पहुंचने के बाद महिलाओं ने छठ वेदी की सफाई की। उसके चारों ओर पूजन सामग्री को करीने से सजाया। इसके बाद पानी में खड़ी होकर सूर्यदेव के अस्ताचलगामी होने की प्रतीक्षा की। इस दौरान छठी मइया के परंपरागत गीत गूंजते रहे।
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रुहेलखंड विश्वविद्यालय में बने सरोवर के किनारे मेले जैसा माहौल रहा। बच्चे नाचते-झूमते रहे। युवक-युवतियां परिजनों के साथ सेल्फी लेते नजर आए। इज्जतनगर स्थित मंदिर, धोपेश्वरनाथ मंदिर, रेलवे कॉलोनी, रामगंगा तट, तपेश्वरनाथ मंदिर में भी कुछ ऐसा ही दृश्य देखने को मिला। आस्थावान महिलाएं हाथ में प्रसाद का सूप लिए घंटों पानी में खड़ी रहीं। जैसे ही सूर्यदेव अस्त होने लगे, महिलाओं ने उनको अर्घ्य दिया। इसके बाद परिजनों के साथ वापस लौटीं।

चनबा बनाकर की गई पूजा
विश्वविद्यालय परिसर में बने तालाब में बेटे और बहू के साथ पूजा करने पहुंची गीता देवी ने बताया कि यहां पूजा करने के बाद गन्ने व अन्य फलों को लेकर वह घर जाएंगी। वहां गन्नों का चनबा बनाकर उसके नीचे प्रसाद व अन्य सामग्री रखकर पूजा की जाएगी। रातभर आसपास की महिलाएं मिलकर छठी मइया के गीत गाएंगी। फिर तड़के तीन बजे फलों और पूजन सामग्री की डाली लेकर तालाब पहुंचेंगी। 

सूर्योदय होने तक तालाब में ही खड़े रहेंगे। इसके बाद अर्घ्य दिया जाएगा। प्रसाद ग्रहण कर निर्जला व्रत का समापन करेंगी। ग्रीनपार्क, सनराइज कॉलोनी, जजेज कॉलोनी, शिव गार्डन, आनंद विहार के साथ ही दूर-दूर से महिलाएं पूजा करने के लिए विश्वविद्यालय पहुंचीं। यहां पूजा स्थल से पहले बैरिकेडिंग की गई थी।

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