{"_id":"69e91f9874bc0e80fe0fc4e6","slug":"woman-chased-by-monkeys-falls-to-her-death-bareilly-news-c-400-1-ala1001-3976-2026-04-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: बंदरों ने महिला को दौड़ाया, गिरने से मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: बंदरों ने महिला को दौड़ाया, गिरने से मौत
Thu, 23 Apr 2026 12:50 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Thu, 23 Apr 2026 12:50 AM IST
विज्ञापन
भमोरा में छत पर सूखे कपड़े लेने महिला को बंदरों ने मंगलवार शाम दौड़ा दिया। जान बचाने के प्रयास में महिला छत से गिर गई। उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
विकासखंड आलमपुर जाफराबाद की ग्राम पंचायत झिंझरी निवासी नरसिंह के बताया कि उनकी पत्नी नन्ही देवी (40) रोजाना की तरह मंगलवार शाम सूखे कपड़े लेने के लिए छत पर गई थीं। इस दौरान बंदरों के झुंड ने उनको दौड़ा दिया। घबराकर वह सीढ़ियों की ओर भागीं। संतुलन बिगड़ने से वह गिर गईं। इससे नन्ही गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सूचना पर ग्राम प्रधान उमेश यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रशासन से बंदरों को पकड़वाने के लिए अभियान चलाने की मांग उठाई है। नन्ही की मौत से उनकी तीन बेटियां और तीन बेटे रो-रोकर बेहाल हैं। ग्रामीणों में रोष है।
बंदरों के हमले में घायल हो चुके हैं कई लोग
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव झिंझरी में लंबे समय से बंदरों का आतंक है। यह पहला हादसा नहीं है। पिछले एक साल में छह से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। बंदरों के हमले या दौड़ाने पर नरेश के बेटे गोविंद का कूल्हा टूट गया। हरसहाय के बेटे आदेश के दोनों पैरों की हड्डियां टूट गईं। राजेश्वर के बेटे अखिलेश के भी पैर की हड्डी टूट गई। जगमोहन के बेटे शोभित के हाथ और तारीफ सिंह के पत्नी लीलावती की कमर की हड्डी टूट चुकी है। इससे ग्रामीण दहशत में हैं। लोग छत पर जाने से घबराते हैं। कई लोगों ने छत पर जाना बंद या बहुत कम कर दिया है।
वर्जन,
ऐसी कई घटनाएं पहले हो चुकी हैं। मैंने वीडियो आलमपुर जाफराबाद, पशु चिकित्सालय बल्लिया डॉ. दिनेश कुमार और हल्का लेखपाल को मौखिक शिकायत की है। लेकिन अभी समस्या से निजात नहीं मिला है। - उमेश यादव, ग्राम प्रधान
विज्ञापन
विज्ञापन
विकासखंड आलमपुर जाफराबाद की ग्राम पंचायत झिंझरी निवासी नरसिंह के बताया कि उनकी पत्नी नन्ही देवी (40) रोजाना की तरह मंगलवार शाम सूखे कपड़े लेने के लिए छत पर गई थीं। इस दौरान बंदरों के झुंड ने उनको दौड़ा दिया। घबराकर वह सीढ़ियों की ओर भागीं। संतुलन बिगड़ने से वह गिर गईं। इससे नन्ही गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सूचना पर ग्राम प्रधान उमेश यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रशासन से बंदरों को पकड़वाने के लिए अभियान चलाने की मांग उठाई है। नन्ही की मौत से उनकी तीन बेटियां और तीन बेटे रो-रोकर बेहाल हैं। ग्रामीणों में रोष है।
बंदरों के हमले में घायल हो चुके हैं कई लोग
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव झिंझरी में लंबे समय से बंदरों का आतंक है। यह पहला हादसा नहीं है। पिछले एक साल में छह से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। बंदरों के हमले या दौड़ाने पर नरेश के बेटे गोविंद का कूल्हा टूट गया। हरसहाय के बेटे आदेश के दोनों पैरों की हड्डियां टूट गईं। राजेश्वर के बेटे अखिलेश के भी पैर की हड्डी टूट गई। जगमोहन के बेटे शोभित के हाथ और तारीफ सिंह के पत्नी लीलावती की कमर की हड्डी टूट चुकी है। इससे ग्रामीण दहशत में हैं। लोग छत पर जाने से घबराते हैं। कई लोगों ने छत पर जाना बंद या बहुत कम कर दिया है।
विज्ञापन
वर्जन,
ऐसी कई घटनाएं पहले हो चुकी हैं। मैंने वीडियो आलमपुर जाफराबाद, पशु चिकित्सालय बल्लिया डॉ. दिनेश कुमार और हल्का लेखपाल को मौखिक शिकायत की है। लेकिन अभी समस्या से निजात नहीं मिला है। - उमेश यादव, ग्राम प्रधान
विज्ञापन