{"_id":"66ad8c3ad4a4a2550b026e67","slug":"will-not-give-even-an-inch-of-land-for-gyanvapi-and-shahi-eidgah-shahabuddin-bareilly-news-c-4-lko1018-451567-2024-08-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"ज्ञानवापी और शाही ईदगाह की एक इंच जमीन भी नहीं देंगे : शहाबुद्दीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ज्ञानवापी और शाही ईदगाह की एक इंच जमीन भी नहीं देंगे : शहाबुद्दीन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद और शाही ईदगाह मथुरा की एक ईंट तो दूर की बात, हम एक इंच जमीन भी नहीं देंगे। जहां तक बातचीत की बात है, तो हम इसके लिए तैयार हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से भी बात करने में हमें कोई गुरेज नहीं है।
शाही ईदगाह के संबंध में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले से मुसलमानों को बहुत मायूसी हुई है। उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट से शाही ईदगाह का फैसला हमारे हक में होगा। उन्होंने कहा कि मुसलमान कानून और कोर्ट का सम्मान करते हैं, मगर अभी जो फैसला आया है, इससे भारत के मुसलमानों को ऐसा महसूस हो रहा है कि कहीं अयोध्या की बाबरी मस्जिद की तरह ही शाही ईदगाह मथुरा का भी हश्र न हो जाए।
मौलाना ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अगर हिंदू-मुस्लिम पक्ष को बिठाकर बात करने की पहल करते हैं तो और भी बेहतर होगा। भाईचारे का जिम्मा सिर्फ मुसलमानों का ही नहीं, हिंदू पक्ष की भी जिम्मेदारी बनती है। हिंदू हमारे बड़े भाई हैं। उनको दरियादिली दिखाते हुए दोनों मस्जिदों पर दायर किए गए मुकदमे वापस ले लेने चाहिए। हम उनको गले लगाकर मोहब्बत और प्यार का पैगाम देंगे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
शाही ईदगाह के संबंध में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले से मुसलमानों को बहुत मायूसी हुई है। उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट से शाही ईदगाह का फैसला हमारे हक में होगा। उन्होंने कहा कि मुसलमान कानून और कोर्ट का सम्मान करते हैं, मगर अभी जो फैसला आया है, इससे भारत के मुसलमानों को ऐसा महसूस हो रहा है कि कहीं अयोध्या की बाबरी मस्जिद की तरह ही शाही ईदगाह मथुरा का भी हश्र न हो जाए।
विज्ञापन
मौलाना ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अगर हिंदू-मुस्लिम पक्ष को बिठाकर बात करने की पहल करते हैं तो और भी बेहतर होगा। भाईचारे का जिम्मा सिर्फ मुसलमानों का ही नहीं, हिंदू पक्ष की भी जिम्मेदारी बनती है। हिंदू हमारे बड़े भाई हैं। उनको दरियादिली दिखाते हुए दोनों मस्जिदों पर दायर किए गए मुकदमे वापस ले लेने चाहिए। हम उनको गले लगाकर मोहब्बत और प्यार का पैगाम देंगे। संवाद
विज्ञापन