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कूड़े के ढेर में मौन क्यों बैठा है प्रशासन और नगर निगम 

Fri, 16 Dec 2016 02:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली Updated Fri, 16 Dec 2016 02:29 AM IST
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Why is silence sitting in a pile of garbage and municipal administration
Why is silence sitting in a pile of garbage and municipal administration - फोटो : बरेली, अमर उजाला
यह मसला आज का नहीं है। कूड़े के निस्तारण को लेकर पिछले चार सालों से शहर के लोग दर्द झेल रहे हैं। बाकरगंज का ट्रंचिंग ग्राउंड अपनी मियाद पूरी कर चुका है। बभिया में जो नया ट्रंचिंग ग्राउंड ढूंढा गया है वह भी रामगंगा नदी के पास होने के चलते पहले ही मानक के विपरीत लग रहा है। स्थानीय ग्रामीणाें की आपत्ति की वजह से नगर निगम द्वारा इसे ही ट्रंचिंग ग्राउंड बताने के बाद भी डीएम के पास यह फाइल पिछले दो माह से लटकी पड़ी है। नाराजगी को देखते हुए डीएम भी इस पर निर्णय लेने से कतरा रहे हैं, वहीं निगम अब इसके अलावा कोई दूसरी जमीन ढूंढने में अपने हाथ खड़ा कर रहा है। जगह विवादित होने की वजह से डीएम ने अब इस पर आपत्ति मांगी है। लिहाजा एनजीटी के आदेश के बाद इनमें कोई करंट दौड़ेगा कि नहीं यह देखना बाकी है, लेकिन फिलहाल कूड़े की सबसे बड़ी समस्या पर प्रशासन से लेकर नगर निगम के अधिकारी और जनता के प्रतिनिधि चुप्पी साधे हैं। केवल इतना ही नहीं, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट चलाने का मामला भी अभी तक इनकी लापरवाही से अदालत में ही फंसा पड़ा है। 
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बाकरगंज कूड़ा फेंकने लायक नहीं बचा 
बाकरगंज कूड़ा फेंकने लायक नहीं बचा है। याचिका में इसे भी आधार बनाया गया है। डंपिंग ग्राउंड संबंधी मानकों की माने तो एक ही स्थान पर 30 साल से अधिक कूड़ा डंप नहीं कर सकते हैं। तकरीबन 27 साल से यहां कूड़ा डाल रहे हैं। एक साइंटिफिक सेनेंट्री लैंड फिल साइट यानी कूड़ा निस्तारण स्थल को अगर विधिवत रूप से बनाया जाए तो इसमें कूड़े से भूमिगत जल दूषित न हो, इसके इंतजाम होते हैं। अगर बाकरगंज में कूड़ा फेंकना बंद होता है तो यहां कैंपिंग करके पूरे क्षेत्र को डवलप किया जाएगा। 
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लापरवाही भी खूब हुई 
यह 1936 में निगम को रजऊ परसपुर पर सॉलिड वेस्ट के लिए जमीन मिली थी। निगम 1989 तक वहां कूड़ा डालता रहा लेकिन इसके बाद यह स्थान बदलकर बाकरगंज पर आ गया। महायोजना 2021 में निगम को चार स्थान दिए गए। इसमें पीलीभीत बाईपास-रिठौरा, मुरादाबाद मार्ग-पिपरिया अहतमाली, सरायतल्फी- बायो मेडिकल वेस्ट के पास और बदायूं रोड-भगवानपुर ठकुरान शामिल हैं। रिपोर्ट पीसीबी को भेजनी थी लेकिन यह मामला भी लटका रहा। अब इन चाराें जगह पर आबादी है।
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लीचेड ट्रीटमेंट प्लांट भी नहीं बन रहा 
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट शुरू करने से पहले लीचेड ट्रीटमेंट प्लांट शुरू करना जरूरी है। निगम की ओर से लगातार कोशिश की गई, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नियमाें का हवाला देकर हर कोशिश पर पानी फेरा। निगम अधिकारियाें का कहना है कि बोर्ड को पत्र लिखकर प्लांट के लिए सुझाव भी मांगे गए, लेकिन कोई पहल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से नहीं हुई।   
मौजूदा स्थिति
2011 जनगणना अनुसार साढ़े 9 लाख शहर की आबादी
बाकरगंज के 14 एकड़ में फेंका जा रहा है कूड़ा 
रोजाना 350 मीट्रिक टन निकलता है कूड़ा 
यहां कूड़ा डालने को जगह नहीं बची है 
20 एकड़ की जमीन कूड़ा डंप करने को चाहिए 
बभिया में जमीन मिली लेकिन विरोध है
डीएम ने अब 19 दिसंबर तक आपत्ति मांगी है 

ट्रंचिंग ग्राउंड को चाहिए ऐसी जमीन
100 मीटर तक नदी या बहता पानी न हो
500 मीटर तक धार्मिक स्थल न हो
500 मीटर तक शैक्षणिक संस्थान न हो 
10 किमी तक पुरातात्विक स्थल न हो
10 किमी तक राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा स्थल न हो 
(नोट- यह मानक सॉलिड वेस्ट रूल 2000 के मुताबिक हैं।)

याचिका में चार बिंदु उठाए गए हैं। बाकरगंज में साइंटिफिक तरीके से कूड़ा नहीं फेंका जा रहा है। इसकी लाइफ खत्म हो चुकी है। कूड़ा जलाया जा रहा है जिससे आसपास के लोग बीमारी से ग्रसित हैं। यहां की हवा और पानी भी प्रदूषित हो चुकी है। अवकाश के बाद कोर्ट खुलते ही 5 जनवरी को सुनवाई होगी।
गौरव बंसल, वकील, नई दिल्ली

लगातार शिकायत की गई लेकिन न तो प्रशासन सुन रहा था और न ही निगम की ओर से कोई कार्रवाई की जा रही थी। ऊपर से नगर आयुक्त और मेयर झगड़ने पर ऊतारू हो जाते थे। बाकरगंज में कूड़ा फेंकने से यहां का पानी खराब हो चुका है। लोग बीमार हो रहे हैं।
नदीम शम्सी, सचिव, समाज सेवा समिति 

ट्रंचिंग ग्राउंड को लेकर आपत्ति मांगी गई है। पेशकार रामसेवक के यहां लिखित, मौखिक और डाक से 19 दिसंबर तक आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। कोर्ट का जो भी आदेश होगा उसका पालन किया जाएगा। 

पंकज यादव, डीएम 

नए ट्रंचिंग ग्राउंड को लेकर कार्यवाही चल रही है। बभिया ही एकमात्र जमीन मिली है। कमेटी ने डीएम कार्यालय में रेट तय करके भेज दिए हैं। अब वहां से अनुमोदन होना बाकी है। 
शीलधर सिंह यादव, नगर आयुक्त 
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