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कांकरटोला में कौन कराना चाहता है फसाद !
बरेली
Updated Wed, 28 Oct 2015 02:27 AM IST
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बरेली। कांकरटोला क्षेत्र के मोहल्ला चक महमूद के मंदिरों में बार बार मांस फेंक ने के पीछे कौन है? ये साजिश यहां कम संख्या में रह रहे हिंदुओं को डरा कर औने- पौने में घर बेच कर जाने के लिए मजबूर करने के लिए है या फिर मुसलमानों के सिर दंगे की तोहमत मढ़ने के लिए? ये दोनों ही सवाल अहम हैं और वैमनस्य कराने वालों तक पहुंचने के लिए उनके उत्तर जरूरी हैं लेकिम अब तक पुलिस और एलआईयू जवाब लाने में फेल साबित हुई है।
मीरा की पैठ क्षेत्र में भी यही सवाल थे और हालात से साबित किया कि यहां माहौल बिगाड़ने वाले दोनों ही तरह के लोग सक्रिय थे। पहले भी शहर में फसाद की कोशिश के मामले सामने आते रहे हैं और उसके बाद सियासी दल सक्रिय हो जाते हैं, उससे जाहिर होता है कि इसके पीछे कहीं न कहीं ऐसे असामाजिक तत्व हैं, जो लोगों को उकसाकर अपना सियासी मकसद पूरा करना चाहते हैं।
मिश्रित आबादी वाले चकमहमूद मोहल्ले में जहां शिव मंदिर है, उसके आसपास आठ-नौ मकान हैं। मंदिर गेट के सामने डॉ.कफील का मकान है और उनके दाईं ओर हरिशंकर रहते हैं। वही मंदिर की चाबी अपने पास रखते हैं। करीब आठ-10 साल पहले कफील ने यह मकान राजू से खरीदा था। वह बताते हैं कि इस तरह की खुराफातों से अब मोहल्ले में रहने का मन नहीं करता। बोले- लेकिन जिसने भी खुराफात करके माहौल बिगाड़ने की कोशिश की है, उसका पता लगना जरूरी है। हरिशंकर बताते हैं कि इस तरह की खुराफात हाल के कुछ समय में ही हुई हैं, पहले कभी ऐसा नहीं हुआ। बोले- अब ऐसे माहौल में पड़ोसी भी यहां रहना नहीं चाहते। कब क्या हो जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। रानी बताती हैं कि सोमवार को रात करीब आठ बजे मुहल्ले की महिलाएं मंदिर में भजन करने पहुंची थीं, तो देखा वहां मांस का टुकड़ा पड़ा हुआ था। बोलीं- तीन दिन पहले भी किसी खुराफाती ने ऐसा किया था लेकिन दुबारा खुराफात से लगता है कि खुराफातियों के इरादे ठीक नहीं हैं। इसके बाद जिस तरह से लोगों में दहशत और आशंका पैदा हो गई है, ऐसा ही माहौल बनाना भी खुराफातियों का मकसद हो सकता है ताकि मोहल्ले वाले अपने मकान बेच कर कहीं और रहने जा सकें। गीता बताती हैं कि दंगे-फसाद के डर से आसपास के कई लोग पहले भी मकान बेचकर जा चुके हैं । मंगलवार को शिव मंदिर के मोहल्ले में सन्नाटा पसरा हुआ था, जैसे एक दिन पहले यहां कुछ हुआ ही नहीं हो। पुलिस ने यहां कैमरा लगाने की बात कही थी, मुहल्ले वालों को लगता है कि इसके बाद शायद फिर खुराफात न हो पाए।
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अज्ञात के खिलाफ मुकदमा
सोमवार रात कांकरटोला के चकमहमूद शिव मंदिर में मांस फेंककर माहौल खराब करने के अज्ञात आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने उसका नाम पता तलाशने के लिए मुखबिरों का सहारा लिया है। कांकर टोला चौकी के कुछ दूर आगे दुर्गा मंदिर पर भी शनिवार को मांस का टुकड़ा फेंका गया था, जिसे पुलिस ने उठवाकर मामला शांत करा दिया था।
शांति समिति की बैठक करेंगे
इंस्पेक्टर मुहम्मद कासिम का कहना है कि अब जल्द ही शांति समिति की बैठक करेंगे। जिसमें दोनों समुदाय के लोगों को बुलाकर बात करी जाएगी। खुराफाती के बारे में पता लगाने को लोगों से भी सहयोग मांगा जा रहा है। जानकारी देने वाले का नाम पता बिल्कुल गोपनीय रखा जाएगा। इस बीच रात में मिश्रित आबादी वाले इलाकों में पिकेट ड्यूटी भी बढ़ा दी गई है।
कफील ने लगाई मरकरी लाइट
शिव मंदिर के सामने स्थित डॉ.कफील ने अपने घर के बाहर मरकरी लाइट लगाई है। जिससे सामने स्थित मंदिर में भी उजाला रहेगा और मंदिर में आने जाने वाला व्यक्ति दूर से ही दिख जाएगा।
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मीरा की पैठ क्षेत्र में भी यही सवाल थे और हालात से साबित किया कि यहां माहौल बिगाड़ने वाले दोनों ही तरह के लोग सक्रिय थे। पहले भी शहर में फसाद की कोशिश के मामले सामने आते रहे हैं और उसके बाद सियासी दल सक्रिय हो जाते हैं, उससे जाहिर होता है कि इसके पीछे कहीं न कहीं ऐसे असामाजिक तत्व हैं, जो लोगों को उकसाकर अपना सियासी मकसद पूरा करना चाहते हैं।
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मिश्रित आबादी वाले चकमहमूद मोहल्ले में जहां शिव मंदिर है, उसके आसपास आठ-नौ मकान हैं। मंदिर गेट के सामने डॉ.कफील का मकान है और उनके दाईं ओर हरिशंकर रहते हैं। वही मंदिर की चाबी अपने पास रखते हैं। करीब आठ-10 साल पहले कफील ने यह मकान राजू से खरीदा था। वह बताते हैं कि इस तरह की खुराफातों से अब मोहल्ले में रहने का मन नहीं करता। बोले- लेकिन जिसने भी खुराफात करके माहौल बिगाड़ने की कोशिश की है, उसका पता लगना जरूरी है। हरिशंकर बताते हैं कि इस तरह की खुराफात हाल के कुछ समय में ही हुई हैं, पहले कभी ऐसा नहीं हुआ। बोले- अब ऐसे माहौल में पड़ोसी भी यहां रहना नहीं चाहते। कब क्या हो जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। रानी बताती हैं कि सोमवार को रात करीब आठ बजे मुहल्ले की महिलाएं मंदिर में भजन करने पहुंची थीं, तो देखा वहां मांस का टुकड़ा पड़ा हुआ था। बोलीं- तीन दिन पहले भी किसी खुराफाती ने ऐसा किया था लेकिन दुबारा खुराफात से लगता है कि खुराफातियों के इरादे ठीक नहीं हैं। इसके बाद जिस तरह से लोगों में दहशत और आशंका पैदा हो गई है, ऐसा ही माहौल बनाना भी खुराफातियों का मकसद हो सकता है ताकि मोहल्ले वाले अपने मकान बेच कर कहीं और रहने जा सकें। गीता बताती हैं कि दंगे-फसाद के डर से आसपास के कई लोग पहले भी मकान बेचकर जा चुके हैं । मंगलवार को शिव मंदिर के मोहल्ले में सन्नाटा पसरा हुआ था, जैसे एक दिन पहले यहां कुछ हुआ ही नहीं हो। पुलिस ने यहां कैमरा लगाने की बात कही थी, मुहल्ले वालों को लगता है कि इसके बाद शायद फिर खुराफात न हो पाए।
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अज्ञात के खिलाफ मुकदमा
सोमवार रात कांकरटोला के चकमहमूद शिव मंदिर में मांस फेंककर माहौल खराब करने के अज्ञात आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने उसका नाम पता तलाशने के लिए मुखबिरों का सहारा लिया है। कांकर टोला चौकी के कुछ दूर आगे दुर्गा मंदिर पर भी शनिवार को मांस का टुकड़ा फेंका गया था, जिसे पुलिस ने उठवाकर मामला शांत करा दिया था।
शांति समिति की बैठक करेंगे
इंस्पेक्टर मुहम्मद कासिम का कहना है कि अब जल्द ही शांति समिति की बैठक करेंगे। जिसमें दोनों समुदाय के लोगों को बुलाकर बात करी जाएगी। खुराफाती के बारे में पता लगाने को लोगों से भी सहयोग मांगा जा रहा है। जानकारी देने वाले का नाम पता बिल्कुल गोपनीय रखा जाएगा। इस बीच रात में मिश्रित आबादी वाले इलाकों में पिकेट ड्यूटी भी बढ़ा दी गई है।
कफील ने लगाई मरकरी लाइट
शिव मंदिर के सामने स्थित डॉ.कफील ने अपने घर के बाहर मरकरी लाइट लगाई है। जिससे सामने स्थित मंदिर में भी उजाला रहेगा और मंदिर में आने जाने वाला व्यक्ति दूर से ही दिख जाएगा।