Mahakumbh 2025: हादसे में लापता हुईं आंवला की श्यामलता घर पहुंची, कहा- डर और दहशत में बीते 39 घंटे
महाकुंभ में हुए हादसे के बाद बरेली के आंवला क्षेत्र की श्यामलता वहां पहुंच गई थीं। उन्होंने बताया कि बरेली की एक-दो महिलाएं संग में थीं, जो भीड़ में बिछड़ गईं। गिरने से उनकी आंख और एक हाथ में चोट आ गई थी।
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महाकुंभ हादसे में लापता हुईं बरेली के आंवला क्षेत्र के अखा गांव की श्यामलता शुक्रवार अपराह्न तीन बजे सकुशल घर लौट आईं। घर पहुंचकर परिजनों को हादसे का आंखों देखा बताया। बोलीं- 28 जनवरी को रात 11 बजे वह स्नान के लिए आगे बढ़ रही थीं। अचानक धक्का लगने से गिर गईं। एक सिपाही ने उन्हें उठाया। फिर चीख-पुकार मच गई। लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरते रहे। कई कुचल गए। चारों ओर मौत का हाहाकार सुनाई पड़ रहा था।
श्यामलता ने बताया कि बरेली की एक-दो महिलाएं संग में थीं, जो भीड़ में बिछड़ गईं। गिरने से उनकी आंख और एक हाथ में चोट आ गई थी। अंगुली से खून निकल रहा था। उस समय रात के 11.27 बजे थे। मोबाइल फोन की घंटी बजने पर कॉल रिसीव तो की, लेकिन दहशत के माहौल में आवाज नहीं निकल सकी। सिपाही ने साधु के तंबू में पहुंचाया। ओढ़ने और बिछाने के लिए कुछ नहीं था। घर से लाए गए कंबल के सहारे रात काटी।
30 जनवरी को प्रयागराज से निकलीं
श्यामलता के मुताबिक, 29 जनवरी की सुबह तक लाशें उठ चुकी थीं। घायल अस्पतालों में भेजे जा चुके थे। किसी तरह खुद को संभाला। मोबाइल फोन डिस्चार्ज हो गया था। इसलिए घर संपर्क नहीं कर सकी। थकान हावी हो रही थी, इसलिए आराम किया और 30 जनवरी को अपराह्न तीन बजे मेला स्थल से बाहर निकली। रेलवे स्टेशन दस-बारह किलोमीटर दूर था। एक रिक्शा मिला। तीन-चार किलोमीटर बाद ही पुलिस ने उसे भी रोक दिया।
श्यामलता पैदल स्टेशन पहुंचीं। रात 11 बजे पुलिसवालों ने अयोध्या की ट्रेन में बैठा दिया।। 31 जनवरी की सुबह 5.40 वहां से बरेली के लिए ट्रेन मिली। ट्रेन में बैठकर घर कॉल की। पति वीरेंद्र कुमार को बताया कि वह ट्रेन में हैं और शाम तक पहुंच जाएंगी। घर पहुंचने पर जान में जान आई।
पति बोले- ईश्वर ने सुन ली प्रार्थना
श्यामलता के पति वीरेंद्र कुमार ने पत्नी की तलाश में मदद करने वाले मीडियाकर्मियों और अधिकारियों का आभार जताया। बोले, ईश्वर ने उनकी प्रार्थना सुन ली।श्यामलता की तलाश में घर से निकला उनका बेटा वेदप्रकाश शुक्रवार को सुबह लखनऊ तक पहुंच गया था, लेकिन जब उनके आने की खबर मिली तो वह बरेली लौट आया।