Weather Update: बरेली में सुबह से शाम तक रिमझिम बारिश, उमस और गर्मी से मिली राहत
बरेली में शनिवार को दिनभर रिमझिम बारिश होती रही। बारिश की फुहारों में लोग भीगते नजर आए। बारिश से उमस और गर्मी से राहत मिली है। वहीं फसलों के लिए संजीवनी मिली है, जिससे किसानों के चेहरे खिल गए हैं।
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बरेली में दो दिन से बारिश का सिलसिला जारी है। शुक्रवार रात जमकर बारिश हुई, जिससे उमस और गर्मी से लोगों को राहत मिली। 13 मिमी बारिश से अधिकतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। शनिवार सुबह से शाम तक रुक-रुककर बारिश होती रही। मौसम विभाग ने सप्ताहभर तक हल्की-तेज बारिश का पूर्वानुमान जताया है।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ विशेषज्ञ अतुल कुमार के मुताबिक तीन दिन से शहर पर पश्चिमी विक्षोभ हावी था पर अनुकूल माहौल नहीं बनने से बारिश नहीं हो रही थी। मंगलवार रात हुई रिमझिम के बाद बुधवार और बृहस्पतिवार को बादल मंडराए पर बारिश नहीं हो सकी। बृहस्पतिवार देर रात घने बादल घिरने से न्यूनतम तापमान दो डिग्री गिरावट के बाद सामान्य से एक डिग्री कम 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
इधर, शुक्रवार सुबह घने बादल मंडराते रहे। दोपहर 12 बजे रिमझिम शुरू हुई और 10 मिनट बाद झमाझम बारिश होने लगी। सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। अधिकतम तापमान लुढ़ककर सामान्य से एक डिग्री नीचे पहुंच गया। नमी 96 फीसदी, हवा की गति सात किमी प्रति घंटे रही। शनिवार को दिनभर फुहार पड़ती रही।
वायरल बीमारियां बढ़ने की आशंका
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. वागीश वैश्य के मुताबिक बारिश के बाद जगह-जगह जलभराव, कीचड़ और गंदगी होगी। हवा में नमी बढ़ेगी। ऐसे में जरा सी अनदेखी बीमार बना सकती है। जलभराव से मच्छरजनित रोग बढ़ने, गंदगी से त्वचा, पेट संबंधी बीमारियों की आशंका रहती है। बच्चों और बुजुर्गों को बारिश में भीगने से बचने, फास्ट फूड और खुले में रखी खाद्य सामग्री से परहेज करने का सुझाव दिया है।
फसलों पर बरसा ‘अमृत’
कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. रंजीत सिंह के मुताबिक अभी धान, दलहन, तिलहन की फसल तैयार हो रही है। ऐसे में खेतों में पानी की जरूरत बारिश से पूरी हो रही है। सिंचाई से किसानों को राहत होगी। सब्जियों की लतावर्गीय फसलें जलभराव से खराब हो सकती है। इसलिए किसानों को जलनिकासी की व्यवस्था करनी चाहिए। फसलों में सड़न होने पर कीटनाशक का छिड़काव जरूर करें।