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Bareilly News: कुर्मांचल व मुंशीनगर में जलभराव, लोगों ने पांच घंटे तक बंद रखा पीलीभीत बाईपास
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बरेली। कुर्मांचल नगर व मुंशीनगर में जलभराव की समस्या को लेकर रविवार की सुबह आक्रोशित लोगों ने जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। पीलीभीत बाईपास-एयरपोर्ट हाईवे पर जाम लगा दिया। महिलाओं ने नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जाम की सूचना पर प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों के साथ पुलिस पहुंची। अफसरों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग नहीं माने। जब मशीन लगाकर पानी निकाला गया तो लोगों ने जाम खोल दिया। इस दौरान पांच घंटे तक जाम लगा रहा।
कुर्मांचल नगर व मुंशीनगर के लोग रविवार को सुबह आठ बजे परिवार की महिलाओं के साथ डेलापीर से एअरफोर्स की ओर जाने वाले मार्ग पर एकत्र हुए। इसके बाद नौ बजे रोड पर खंभा डालकर जाम लगा दिया। महिलाएं ढोलक बचाकर नारेबाजी करने लगीं। जाम में सैकड़ों वाहन फंस गए। इस वाहन वैकल्पिक मार्ग से निकाले गए। जाम लगाने वाले क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि निकासी के इंतजाम न होने से जलभराव हो जाता है। घर से बाहर गंदा पानी भरा होने से आना जाना मुश्किल हो गया है। कई बार छोटे बच्चे समय गिरकर घायल भी हो चुके हैं। मुंशीनगर के लोगों ने कहा कि पानी के निकासी के लिए गली के बाहर नाला बनाया जाए। जाम लगने पर नगर निगम के अधिकारी पहुंचे। आश्वासन देकर लोगों को समझाने की काफी कोशिश की। क्षेत्रीय लोगों ने कहा-जब तक परेशानी का समाधान नहीं किया जाएगा वे नही जाएंगे। इस पर नगर निगम ने जल निकासी के लिए पंप लगवाया तब लोग दोपहर दो बजे सड़क से हटे।
1000 से अधिक परिवार हो रहे परेशान
10 वर्ष से भी ज्यादा समय से बारिश में हो रहा जलभराव
07 दिन पहले नाला चोक होने से शुरू हुआ था जलभराव
प्रदर्शन के दौरान बेहोश हुई महिला
बरेली। प्रदर्शन के दौरान तमाम महिलाएं सड़क पर थीं। भजन कीर्तन के साथ बार-बार कह रहीं थीं समाधान करो या हमें जेल भेज दो। तेवर तीखे थे। गर्मी और भीड़-भाड़ के माहौल में एक बुजुर्ग महिला बेहोश हो गई तो कुछ देर के लिए लोग सकते में आ गए। साथ की महिलाओं ने पानी पिलाया। छाया की तब कुछ देर बाद उसकी हालत में सुधार आया।
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डिवाइडर हटाएं या फिर रास्ता दिया जाए
लोगों ने मांग उठाई कि मुंशीनगर गेट के बाहर से मुख्य मार्ग से डिवाइडर हटाया जाए या फिर कट बनाकर रास्ता दिया जाए। ताकि सड़क पार करने में लोगों को आसानी हो जाए। जल्दबाजी में डिवाइडर पार करते समय गाड़ियों की चपेट में आने से घायल भी हो चुके हैं।
बिना ड्रेनेज सिस्टम के यह काॅलोनिया बसी हैंं। जल निगम की निर्माण शाखा के मुख्य अभियंता से एक गहरा नाला बनाने के लिए एस्टीमेट मांगा गया है। जो नाला चोक है उसे खुलवा रहे हैं। अस्थायी तौर पर जलनिकासी के लिए पंप लगवाया गया है। नए नाले के निर्माण के लिए एस्टीमेट बनने पर शासन से बजट मांगा जाएगा। - सर्वेश कुमार गुप्ता , अपर नगर आयुक्त
बार-बार आश्वासन पर समस्या का समाधान नहीं हुआ। मजबूरन आंदोलन करना पड़ा। आज भी आश्वासन दिया गया। कुछ देर पानी की निकासी हुई अब पहले जैसा हाल हो गया है। - दीवानी चंद, सेवानिवृत सैन्यकर्मी
नए नाले नहीं बनाए जो पहले से बने थे वे चोक हो गए। गंदा पानी सड़कों पर भरने लगा। जब निकलने में दिक्कत आई तो सड़क पर उतरना पड़ा। - पकंज कुमार जोशी, नागरिक
जलभराव की समस्या वर्षों पुरानी है। नगर निगम के अधिकारियों के सामने इस समस्या को उठाया जा चुका है, लेकिन समाधान नहीं निकल सका। - संजीव नेगी, नागरिक
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कुर्मांचल नगर व मुंशीनगर के लोग रविवार को सुबह आठ बजे परिवार की महिलाओं के साथ डेलापीर से एअरफोर्स की ओर जाने वाले मार्ग पर एकत्र हुए। इसके बाद नौ बजे रोड पर खंभा डालकर जाम लगा दिया। महिलाएं ढोलक बचाकर नारेबाजी करने लगीं। जाम में सैकड़ों वाहन फंस गए। इस वाहन वैकल्पिक मार्ग से निकाले गए। जाम लगाने वाले क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि निकासी के इंतजाम न होने से जलभराव हो जाता है। घर से बाहर गंदा पानी भरा होने से आना जाना मुश्किल हो गया है। कई बार छोटे बच्चे समय गिरकर घायल भी हो चुके हैं। मुंशीनगर के लोगों ने कहा कि पानी के निकासी के लिए गली के बाहर नाला बनाया जाए। जाम लगने पर नगर निगम के अधिकारी पहुंचे। आश्वासन देकर लोगों को समझाने की काफी कोशिश की। क्षेत्रीय लोगों ने कहा-जब तक परेशानी का समाधान नहीं किया जाएगा वे नही जाएंगे। इस पर नगर निगम ने जल निकासी के लिए पंप लगवाया तब लोग दोपहर दो बजे सड़क से हटे।
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1000 से अधिक परिवार हो रहे परेशान
10 वर्ष से भी ज्यादा समय से बारिश में हो रहा जलभराव
07 दिन पहले नाला चोक होने से शुरू हुआ था जलभराव
प्रदर्शन के दौरान बेहोश हुई महिला
बरेली। प्रदर्शन के दौरान तमाम महिलाएं सड़क पर थीं। भजन कीर्तन के साथ बार-बार कह रहीं थीं समाधान करो या हमें जेल भेज दो। तेवर तीखे थे। गर्मी और भीड़-भाड़ के माहौल में एक बुजुर्ग महिला बेहोश हो गई तो कुछ देर के लिए लोग सकते में आ गए। साथ की महिलाओं ने पानी पिलाया। छाया की तब कुछ देर बाद उसकी हालत में सुधार आया।
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डिवाइडर हटाएं या फिर रास्ता दिया जाए
लोगों ने मांग उठाई कि मुंशीनगर गेट के बाहर से मुख्य मार्ग से डिवाइडर हटाया जाए या फिर कट बनाकर रास्ता दिया जाए। ताकि सड़क पार करने में लोगों को आसानी हो जाए। जल्दबाजी में डिवाइडर पार करते समय गाड़ियों की चपेट में आने से घायल भी हो चुके हैं।
बिना ड्रेनेज सिस्टम के यह काॅलोनिया बसी हैंं। जल निगम की निर्माण शाखा के मुख्य अभियंता से एक गहरा नाला बनाने के लिए एस्टीमेट मांगा गया है। जो नाला चोक है उसे खुलवा रहे हैं। अस्थायी तौर पर जलनिकासी के लिए पंप लगवाया गया है। नए नाले के निर्माण के लिए एस्टीमेट बनने पर शासन से बजट मांगा जाएगा। - सर्वेश कुमार गुप्ता , अपर नगर आयुक्त
बार-बार आश्वासन पर समस्या का समाधान नहीं हुआ। मजबूरन आंदोलन करना पड़ा। आज भी आश्वासन दिया गया। कुछ देर पानी की निकासी हुई अब पहले जैसा हाल हो गया है। - दीवानी चंद, सेवानिवृत सैन्यकर्मी
नए नाले नहीं बनाए जो पहले से बने थे वे चोक हो गए। गंदा पानी सड़कों पर भरने लगा। जब निकलने में दिक्कत आई तो सड़क पर उतरना पड़ा। - पकंज कुमार जोशी, नागरिक
जलभराव की समस्या वर्षों पुरानी है। नगर निगम के अधिकारियों के सामने इस समस्या को उठाया जा चुका है, लेकिन समाधान नहीं निकल सका। - संजीव नेगी, नागरिक