{"_id":"6a99be50a6f2d540df0341c4","slug":"water-level-rises-in-kichha-boundary-wall-of-jal-jeevan-mission-tank-collapses-into-the-river-bareilly-news-c-4-bly1015-959637-2026-09-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: किच्छा का बढ़ा जलस्तर, जल जीवन मिशन के टैंक की चहारदीवारी नदी में समाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: किच्छा का बढ़ा जलस्तर, जल जीवन मिशन के टैंक की चहारदीवारी नदी में समाई
Fri, 04 Sep 2026 12:07 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Fri, 04 Sep 2026 12:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शेरगढ़। किच्छा नदी का जलस्तर बढ़ने से बैरमनगर में बने जल जीवन मिशन के टैंक की चहारदीवारी बृहस्पतिवार की दोपहर नदी में समा गई। जानकारी होने पर अधिकारियों ने परिसर में रखे उपकरणों को हटवाया। जल निगम का दावा है कि नदी का किनारा होने के चलते टंकी का निर्माण एक साल पहले ही बंद करा दिया गया था। वर्तमान स्थिति को देखते हुए अब दूसरी जगह भूमि चिह्नित कर टैंक बनवाया जाएगा।
बैरमनगर में किच्छा नदी के किनारे जल जीवन मिशन से 3.97 करोड़ की लागत से ओवरहेड टैंक व पाइप लाइन बिछाकर कनेक्शन देने का काम किया जा रहा है। यह कार्य 2022-23 से चल रहा है। आम दिनों में नदी का जलस्तर छह से सात फीट रहता है। मंगलवार रात गोला बैराज से नदी में पानी छोड़े जाने के कारण भूमि की कटान होने लगी। बृहस्पतिवार अपराह्न तीन बजे तक जल जीवन मिशन के टैंक की चहारदीवारी का एक हिस्सा नदी में समा गया। चार मीटर तक भूमि भी नदी में चली गई। सूचना पर जिम्मेदारों ने परियोजना स्थल पर लगे जनरेटर, सौर ऊर्जा पैनल, पंप, डोमर, स्काडा सिस्टम सहित अन्य महत्वपूर्ण उपकरणों को हटवा दिया।
स्थल चयन को लेकर उठ रहे सवाल
अब परियोजना के स्थल चयन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। गांव निवासी राधेश्याम कश्यप व पूर्व प्रधान के प्रतिनिधि जलील अहमद, अमित कश्यप, राधेश्याम दिवाकर, उमेश गुप्ता, लालता प्रसाद आदि ने बताया कि प्रतिवर्ष नदी में बाढ़ आने के कारण भूमि की कटान होती है। इतनी महत्वपूर्ण परियोजना के लिए सुरक्षित स्थान का चयन क्यों नहीं किया गया?
विज्ञापन
वर्जन
आधी टंकी एक साल पहले ही बनकर तैयार हो गई थी, जिसको रोका गया है। हालांकि, पाइप लाइन बिछाने व कनेक्शन देने का काम चल रहा है। ट्यूबवेल के सहारे पाइप लाइन के जरिये लोगों के घरों तक पानी पहुंचाया जा रहा है। अब नई जगह चिह्नित कर पानी की टंकी बनाई जाएगी। - आकांक्षा सिंह, अधिशासी अभियंता, जल निगम ग्रामीण
विज्ञापन
बैरमनगर में किच्छा नदी के किनारे जल जीवन मिशन से 3.97 करोड़ की लागत से ओवरहेड टैंक व पाइप लाइन बिछाकर कनेक्शन देने का काम किया जा रहा है। यह कार्य 2022-23 से चल रहा है। आम दिनों में नदी का जलस्तर छह से सात फीट रहता है। मंगलवार रात गोला बैराज से नदी में पानी छोड़े जाने के कारण भूमि की कटान होने लगी। बृहस्पतिवार अपराह्न तीन बजे तक जल जीवन मिशन के टैंक की चहारदीवारी का एक हिस्सा नदी में समा गया। चार मीटर तक भूमि भी नदी में चली गई। सूचना पर जिम्मेदारों ने परियोजना स्थल पर लगे जनरेटर, सौर ऊर्जा पैनल, पंप, डोमर, स्काडा सिस्टम सहित अन्य महत्वपूर्ण उपकरणों को हटवा दिया।
विज्ञापन
स्थल चयन को लेकर उठ रहे सवाल
अब परियोजना के स्थल चयन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। गांव निवासी राधेश्याम कश्यप व पूर्व प्रधान के प्रतिनिधि जलील अहमद, अमित कश्यप, राधेश्याम दिवाकर, उमेश गुप्ता, लालता प्रसाद आदि ने बताया कि प्रतिवर्ष नदी में बाढ़ आने के कारण भूमि की कटान होती है। इतनी महत्वपूर्ण परियोजना के लिए सुरक्षित स्थान का चयन क्यों नहीं किया गया?
विज्ञापन
वर्जन
आधी टंकी एक साल पहले ही बनकर तैयार हो गई थी, जिसको रोका गया है। हालांकि, पाइप लाइन बिछाने व कनेक्शन देने का काम चल रहा है। ट्यूबवेल के सहारे पाइप लाइन के जरिये लोगों के घरों तक पानी पहुंचाया जा रहा है। अब नई जगह चिह्नित कर पानी की टंकी बनाई जाएगी। - आकांक्षा सिंह, अधिशासी अभियंता, जल निगम ग्रामीण