{"_id":"6560f7de760dad843503ed24","slug":"viral-diseases-increased-consumption-of-immune-drugs-bareilly-news-c-4-bly1005-292792-2023-11-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: वायरल बीमारियों ने बढ़ाई रोग प्रतिरोधक दवाओं की खपत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: वायरल बीमारियों ने बढ़ाई रोग प्रतिरोधक दवाओं की खपत
विज्ञापन
बरेली। मलेरिया, डेंगू, टाइफाइड के प्रकोप के बाद अब वायरल बीमारियों का ग्राफ बढ़ रहा है। लिहाजा, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली दवाओं व आयुर्वेदिक औषधियों की बिक्री दो गुना तक बढ़ गई है।
दवा कारोबारियों के मुताबिक नवंबर की शुरुआत से ही तापमान में गिरावट दर्ज होने लगी थी। मलेरिया के मामले अक्तूबर में ही थमने लगे थे और डेंगू का प्रकोप दिवाली के बाद नियंत्रित होने लगा। इधर, बदलते तापमान की वजह से सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार, नजला, शरीर में दर्द, कमजोरी, थकान, आंखों का लाल होना, गैस, बदहजमी, दस्त आदि वायरल बीमारियों के मरीज बढ़े हैं। इसकी चपेट में बच्चे और बुजुर्ग ज्यादा हैं। उनके लिए आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक व अंग्रेजी दवाओं की मांग और बाजार में खपत बढ़ गई है।
जिला और तीन सौ बेड अस्पताल की ओपीडी में भी हर दिन वायरल मरीजों की तादाद बढ़ती जा रही है। यहां हर दिन पहुंचने वाले मरीजों में 30 फीसदी वायरल के मरीज होते हैं। साप्ताहिक आरोग्य मेले में भी यह संख्या हजार के आसपास दर्ज हो रही है।
विज्ञापन
केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष दुर्गेश खटवानी के मुताबिक सामान्य दिनों में वायरल बीमारियों से संबंधित दवाओं का कारोबार 10-12 लाख रुपये प्रतिदिन का होता है जो अब 20 लाख रुपये तक पहुंच रहा है। इसमें मल्टीविटामिन, ओमेगा फैटी-3, केसरी कल्प, स्वर्ण भस्म, च्यवनप्राश, रोशन बादाम तेल, कैरिया पपाया, लिवर, एंटीबाॅयोटिक दवाओं की मांग ज्यादा है।
एंटीबॉयोटिक सिफेक्सिन के एक टेबलेट की कीमत 9.70 रुपये से बढ़कर 10.90 रुपये हो गई है। प्लेटलेट्स बढ़ाने वाली कैरीया पपाया की एक टेबलेट का दाम 37 से बढ़कर 41.30 रुपये, यूरिन इंफेक्शन की अल्फूजोमिन 22.90 से 25.30 रुपये, गैस की पेंटाप्राजोल 10.60 से 12.53 रुपये, बच्चों के रोने पर दिया जाने वाला सिरप ट्राइक्लोफास 97 से 120 रुपये, एलर्जी की ट्यूब 67 से 113 रुपये, भाप की इप्राटोरियम रेसप्लूस आठ से 22 रुपये, एमॉक्सिसिलिन 17 से 19 रुपये हो गया है।
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. पवन कपाही के मुताबिक परामर्श के बिना अंग्रेजी दवाओं के सेवन से दुष्प्रभाव की आशंका रहती है। आयुर्वेदिक व होम्योपैथिक दवाओं के सेवन से भी बचना चाहिए। दवाओं पर निर्भरता खत्म कर एहतियात बरतें और खुद को सेहतमंद बनाएं। पौष्टिक खानपान, नियमित व्यायाम व योग जरूरी हैं।
- खांसने, छींकने के दौरान रूमाल से नाक, मुंह ढकें।
- जब मौका मिले, हाथ जरूर धाेएं। सैनिटाइज करें।
- दिन में हल्के गर्म कपड़े पहनें। रात में कवर रहें।
- सुबह उठकर, रात में सोने से पूर्व गुनगुना पानी पीएं।
- ताजे फल, हरी सब्जियां खाएं। फास्ट फूड से बचें।
- ठंडे पेय पदार्थ का सेवन न करें।
- सर्द-गर्म होने पर भाप लें। बिना परामर्श दवा न खाएं।
विज्ञापन
दवा कारोबारियों के मुताबिक नवंबर की शुरुआत से ही तापमान में गिरावट दर्ज होने लगी थी। मलेरिया के मामले अक्तूबर में ही थमने लगे थे और डेंगू का प्रकोप दिवाली के बाद नियंत्रित होने लगा। इधर, बदलते तापमान की वजह से सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार, नजला, शरीर में दर्द, कमजोरी, थकान, आंखों का लाल होना, गैस, बदहजमी, दस्त आदि वायरल बीमारियों के मरीज बढ़े हैं। इसकी चपेट में बच्चे और बुजुर्ग ज्यादा हैं। उनके लिए आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक व अंग्रेजी दवाओं की मांग और बाजार में खपत बढ़ गई है।
विज्ञापन
जिला और तीन सौ बेड अस्पताल की ओपीडी में भी हर दिन वायरल मरीजों की तादाद बढ़ती जा रही है। यहां हर दिन पहुंचने वाले मरीजों में 30 फीसदी वायरल के मरीज होते हैं। साप्ताहिक आरोग्य मेले में भी यह संख्या हजार के आसपास दर्ज हो रही है।
विज्ञापन
केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष दुर्गेश खटवानी के मुताबिक सामान्य दिनों में वायरल बीमारियों से संबंधित दवाओं का कारोबार 10-12 लाख रुपये प्रतिदिन का होता है जो अब 20 लाख रुपये तक पहुंच रहा है। इसमें मल्टीविटामिन, ओमेगा फैटी-3, केसरी कल्प, स्वर्ण भस्म, च्यवनप्राश, रोशन बादाम तेल, कैरिया पपाया, लिवर, एंटीबाॅयोटिक दवाओं की मांग ज्यादा है।
एंटीबॉयोटिक सिफेक्सिन के एक टेबलेट की कीमत 9.70 रुपये से बढ़कर 10.90 रुपये हो गई है। प्लेटलेट्स बढ़ाने वाली कैरीया पपाया की एक टेबलेट का दाम 37 से बढ़कर 41.30 रुपये, यूरिन इंफेक्शन की अल्फूजोमिन 22.90 से 25.30 रुपये, गैस की पेंटाप्राजोल 10.60 से 12.53 रुपये, बच्चों के रोने पर दिया जाने वाला सिरप ट्राइक्लोफास 97 से 120 रुपये, एलर्जी की ट्यूब 67 से 113 रुपये, भाप की इप्राटोरियम रेसप्लूस आठ से 22 रुपये, एमॉक्सिसिलिन 17 से 19 रुपये हो गया है।
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. पवन कपाही के मुताबिक परामर्श के बिना अंग्रेजी दवाओं के सेवन से दुष्प्रभाव की आशंका रहती है। आयुर्वेदिक व होम्योपैथिक दवाओं के सेवन से भी बचना चाहिए। दवाओं पर निर्भरता खत्म कर एहतियात बरतें और खुद को सेहतमंद बनाएं। पौष्टिक खानपान, नियमित व्यायाम व योग जरूरी हैं।
- खांसने, छींकने के दौरान रूमाल से नाक, मुंह ढकें।
- जब मौका मिले, हाथ जरूर धाेएं। सैनिटाइज करें।
- दिन में हल्के गर्म कपड़े पहनें। रात में कवर रहें।
- सुबह उठकर, रात में सोने से पूर्व गुनगुना पानी पीएं।
- ताजे फल, हरी सब्जियां खाएं। फास्ट फूड से बचें।
- ठंडे पेय पदार्थ का सेवन न करें।
- सर्द-गर्म होने पर भाप लें। बिना परामर्श दवा न खाएं।