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श्रमिकों को तोड़ने के लिए वीआरएस लागू

Sun, 11 Jan 2015 01:18 AM IST
बरेली
बरेली Updated Sun, 11 Jan 2015 01:18 AM IST
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vimko factry
विमको ने अघोषित तौर पर श्रमिकों की छंटनी और कारखाना बंद करने की योजना पर अमल करना शुरू कर दिया है। शनिवार सुबह प्रबंधन ने वीआरएस लागू करते हुए नोटिस चस्पा कर दिया है। इससे कर्मचारी भड़क गए और विरोध में नारेबाजी की। प्रबंधन ने श्रमिकों को वार्ता के लिए आमंत्रित कर वीआरएस के बारे में बताया लेकिन सहमति नहीं बन सकी।
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आईटीसी ने श्रमिकों को डराकर तोड़ने के लिए शनिवार को वीआरएस नोटिस जारी कर दिया। प्रबंधन ने कहा है कि 12 जनवरी तक योजना में शामिल होने वाले कर्मी को सवा लाख रुपये अतिरिक्त भुगतान मिलेगा। इसके बाद 15 जनवरी तक 75 हजार रुपये मिलेंगे। इस अवधि के बाद आने वाले आवेदनों पर कोई ऐलान नहीं किया गया है। प्रबंधन के इस कदम से भड़की विमको संघर्ष समिति ने कहा है कि इस मनमानी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गुस्साए श्रमिकों को प्रबंधन ने वार्ता के किए बुलाया। शाम तीन बजे तक चली बातचीत में कोई नतीजा नहीं निकला।
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समिति नेताओं ने चेतावनी दी कि प्रबंधन ‘फूट डालो राज करो’ की नीति से बाज आए। नेताओं ने कहा  कि सभी कर्मियों ने एकजुट होकर वीआरएस न लेने और कारखाना चालू रखने की मांग पर मतदान में रुख साफ कर दिया है। अब प्रबंधन इस मुद्दे पर भ्रम फैलाने और डराने का काम कर रहा है।  मुख्यालय से पहुंचे सुरेंद्र सैफानी, थामस मैथ्यू, स्थानीय मैनेजर अनिरुद्ध गुप्ता, एयू खान समिति नेता महेश उपाध्याय, ओमप्रकाश, मकसूद ह़ुसैन, केपी सोनी, राकेश कन्नौजिया,चंद्रपाल, भारत मौर्य आदि मौजूद रहे। इस दौरान कई बार प्रबंधन और श्रमिक नेताओं में नोकझोंक हुई।
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वीआरएस नोटिस चस्पा
प्रबंधन ने फैक्ट्री गेट पर वीआरएस योजना का नोटिस चस्पा कर दिया। योजना 15 जनवरी तक लागू होगी। प्रबंधन ने कहा है कि इससे बाद वीआरएस लेने वालों को अलग से पैसा नहीं दिया जाएगा।

परिसर में लगा कपड़ा बाजार
विमको परिसर में हर माह दस तारीख में कपड़ा बाजार लगता है क्योंकि इस दिन वेतन वितरण होता है। नए प्रबंधन आईटीसी ने वेतन तिथि सात कर दी, लेकिन बाजार तिथि नहीं बदली। 10 जनवरी को यहां पहले की तरह बाजार लगा।

सपा नेता सोमवार को सीएम से मिलेंगे
कारखाना बंद न होने देने के समर्थन में सपा नेता सक्रिय होने लगे हैं। सपा प्रदेश सचिव रिजवान बरकाती, जिला उपाध्यक्ष सतेंद्र यादव, जुल्फिकार खां, शोएब खां, प्रमोद कुमार आदि ने संघर्ष समिति नेताओं से मुलाकात कर जानकारी ली। सपा नेताओं ने ज्ञापन लेकर कहा कि इस मामले में वे सोमवार को मुख्यमंत्री से मिलेंगे।

आज काम बंद रहेगा
प्रबंधन ने रविवार को होने वाले उत्पादन कार्य पर रोक लगा दी है। इसलिए सभी सुपरवाइजर और टेक्निकल श्रेणी के स्टाफ को इस दिन काम पर नहीं लिया जाएगा और न ही कोई ओवरटाइम आदि मिलेगा।


कैसे होंगे हाथ पीले, कौन देगा स्कूल की फीस
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। विमको की ओर से वीआरएस योजना लागू कर दिए जाने के बाद कारखाना बंद होने की प्रबल संभावनाओं के चलते श्रमिक परिवारों की रातों की नींद हराम है। सबसे ज्यादा महिलाएं परेशान हैं। उन्हें चिंता होने लगी है कि फैक्ट्री बंद होती है तो बच्चों की फीस कौन देगा और लड़कियों के हाथ कैसे पीले होंगे। शनिवार को कई घरों में  खाना तक नहीं बना। दो दशकों से फैक्ट्री से जुड़े श्रमिकों के परिवार वालों के चेहरे की रौनक गायब है। पेश है उनका दर्द:

फोटो:::
कैसे करेंगे शादी
पिछले बीस वषों से पति कारखाने में काम कर रहे हैं। सब कुछ कटने के बाद बमुश्किल पांच हजार रुपये हाथ में आ रहे हैं। इस रकम से जैसे-तैसे गुजर कर ले रहे थे लेकिन जब फैक्ट्री बंद हो जाएगी तो कैसे रोजी-रोटी चलेगी और कैसे वह लड़की की शादी कर सकेंगे, यह चिंता सता रही है। - सूरजमुखी
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कौन देगा काम
रानीदेवी के परिवार में हर माह की दस तारीख को सात हजार रुपये आते हैं। इसी वेतन से पूरे माह घर चलता है। हर माह कर्जा लेना होता है। अब तक तो अगले महीने अदा करने की बात पर कर्ज मिलता था अब न कर्ज मिलेगा और न घर चलेगा। आखिर हमें काम भी कौन देगा? - रानीदेवी
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हम कहां जाएं
कोलकाता निवासी रूपा राय के पति वर्षों से विमको में सेवा कर रहे हैं। पिछले दो वर्षों से कारखाना बंद होने की खबरों से परिजन परेशान हैं। उनका कहना है कि तुरंत तो कोई जॉब मिलने से रहा। बेरोजगार हो गए तो फिर जाएंगे कहां? - रूपा राय

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कैसे पढ़ेंगे बच्चे
उर्मिला मिश्रा की बेटी अमिता बिशप कोनार्ड में पांचवीं कक्षा में है। मिश्रा परिवार ने अपनी बेटी के लिए सुनहरे सपने बुने थे। जब से वीआरएस और फैक्ट्री बंद होने की चर्चा शुरू हुई है तब से नन्हीं अमिता भी समझने लगी है कि परिवार संकट में है। उसे आशंका है कि अब कहीं पढ़ाई छूट न जाए। - उर्मिला मिश्रा
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