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मनरेगा में फर्जीवाड़ा: बरेली में मुस्लिम युवकों के जॉब कार्ड में जोड़ा हिंदुओं का नाम, प्रधान के अधिकार सीज
Tue, 18 Feb 2025 08:38 AM IST
मुकेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 18 Feb 2025 08:38 AM IST
सार
बरेली में मनरेगा में फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया है। गांव कुम्हारा में मुस्लिम युवकों के जॉब कार्डों में हिंदू समुदाय के युवकों के नाम जोड़ दिए गए। इसके बाद तीन साल तक मनरेगा से हुए कार्यों का भुगतान उनके खाते में किया गया।
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विस्तार
बरेली में ग्राम पंचायत कुम्हरा की ग्राम प्रधान ने मुस्लिम समुदाय के युवकों के जॉब कार्ड में हिंदू समुदाय के युवकों का नाम जोड़ दिया। उसके बाद तीन साल तक मनरेगा से हुए कार्यों का भुगतान उनके खाते में किया गया। इसकी शिकायत होने पर डीएम ने प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज कर दिए। जांच में उस अवधि में तैनात रहे ग्राम पंचायत सचिवों और ग्राम विकास अधिकारियों को भी दोषी माना गया है।
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विकासखंड बिथरी चैनपुर के गांव कुम्हरा की प्रधान मंजू कुमारी हैं। गांव के ही अजय पाल, संजय आदि ने प्रधान के खिलाफ नियमों की अनदेखी करने, सरकारी धन हड़पने और शक्तियों का दुरुपयोग करने की शिकायत की थी। मामले की जांच जिला प्रोबेशन अधिकारी और डीआरडीए के सहायक अभियंता ने की।
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तीन साल तक कराया काम
सोमवार को यह रिपोर्ट डीएम को सौंपी गई। जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि ग्राम प्रधान की ओर से तीन मुस्लिम जॉब कार्ड धारकों के नाम पर हिंदू समुदाय के नाम जोड़कर मई 2021 से 10 जून 2024 तक मनरेगा का कार्य कराया गया। उसकी धनराशि भी खाते में ली गई। इस संबंध में ग्राम प्रधान ने स्पष्टीकरण भी नहीं दिया।
सोमवार को यह रिपोर्ट डीएम को सौंपी गई। जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि ग्राम प्रधान की ओर से तीन मुस्लिम जॉब कार्ड धारकों के नाम पर हिंदू समुदाय के नाम जोड़कर मई 2021 से 10 जून 2024 तक मनरेगा का कार्य कराया गया। उसकी धनराशि भी खाते में ली गई। इस संबंध में ग्राम प्रधान ने स्पष्टीकरण भी नहीं दिया।
जांच रिपोर्ट में कहा गया कि ग्राम प्रधान की इस हरकत से 1,49,011 रुपये की धनराशि की क्षति हुई है। ग्राम प्रधान के साथ-साथ तत्कालीन सचिव छेदालाल, सचिव शालिनी वर्मा, अजय वंश और भगवान दास दोषी हैं। डीएम ने मामले का संज्ञान लेते हुए ग्राम प्रधान का वित्तीय अधिकार सीज कर दिया है।