रबर फैक्ट्री की जमीन पर एसईजेड बनाने की मुहिम तेज

बरेली। Updated Thu, 07 Dec 2017 02:01 AM IST
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केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार से मुलाकात के बाद रबर फैक्ट्री की जमीन पर स्पेशल इकोनामिक जोन (एसईजेड) बनाए जाने के लिए मुहिम तेज हो गई है। जिस तरह भिटौरा में सीमा सुरक्षा बल की छावनी स्थापित करने के लिए जमीन वापस ली गई थी, जिला प्रशासन ने उसी तरह रबर फैक्ट्री की जमीन को भी सेठ तुलसीदास किला चंद्र के वंशजों से वापस लेने के लिए कार्रवाई शुरू की है। मंगलवार को डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह ने विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी/सिटी मजिस्ट्रेट यूपी सिंह को बुलाकर बीएसएफ छावनी के लिए जमीन हासिल करने वाली फाइल तलब की है। बीएसएफ को किस आधार पर और किसके आदेश से रबर फैक्ट्री की जमीन दी गई थी, इस बारे में भी पता किया जा रहा है।

1998 में बीएसएफ ने भिटौरा में कैंप किया
कांग्रेस की हुकूमत के दौरान 1998 में बीएसएफ ने सेठ तुलसीदास किला चंद्र की बंद पड़ी रबर फैक्ट्री की करीब 150 एकड़ जमीन पर कैंप किया था। इस जमीन को सरकार ने बाद में बीएसएफ को ही दे दिया। प्रशासन के सूत्रों का कहना है कि सेठ को सरकार ने रबर फैक्ट्री के लिए जमीन सिर्फ साढ़े तीन लाख रुपये में दी थी। जमीन देने के पीछे शर्त यह थी कि फैक्ट्री बंद होने पर जमीन को वापस ले लिया जाएगा। इसी आधार पर शासन ने जमीन वापस लेकर बीएसएफ को दे दी थी। 

हाईवे के लिए जमीन भी इसी आधार पर ली गई
हाल ही में दिल्ली हाईवे के चौड़ीकरण के लिए भी सरकार को रबर फैक्ट्री के बीच में कुछ जमीन चाहिए थी। डीएम ने शासन से इशारा मिलते ही जमीन लेकर उसके मुआवजे की रकम फैक्ट्री के खाते में जमा करा दी। यह रकम अभी भी खाते में जमा है। इसी रकम मेें से रबर फैक्ट्री के कर्मचारी अपने पीएफ के भुगतान की मांग कर रहे हैैं। 

शहर के बाहर औद्योगिक शहर बसाने का ले आउट तैयार 
रबर फैक्ट्री की करीब 1281 एकड़ जमीन पर नया औद्योगिक शहर बसाने का ले आउट तैयार है। जमीन को दो फेस में बांटकर ले आउट तैयार किया गया है। पहले फेस में फू ड पार्क, इलेक्ट्रानिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, टेक्सटाइल्स, एसईजेड, कंटेनर डिपो के अलावा सोलर पार्क बनाए जाने की प्लानिंग की गई है। ग्रीन लैंड, सड़कें और प्रशासनिक भवन समेत इस पूरे प्रोजेक्ट पर लागत 711 करोड़ आंकी गई है। दूसरे फेस में 445 करोड़ से उद्योग लगाने की प्लानिंग है। जनप्रतिनिधियों के मशवरा लेने के बाद इसमें एग्रीकल्चर से संबंधित उद्योगों को शामिल किया जाएगा।

रबर फैक्ट्री की जमीन वापस लेने के लिए कार्रवाई चल रही है। हम यह भी देख रहे हैं कि बीएसएफ को किस तरह से जमीन दी गई है। उसमें किन अफसरों के आदेश लगे हैं। फाइल देखने के बाद आगे की कार्रवाई आसानी से पूरी हो जाएगी। जमीन वापस मिलते ही ले आउट को जनप्रतिनिधियों से मशवरा लेने के बाद शासन को भेज दिया जाएगा। - राघवेंद्र विक्र म सिंह, डीएम    

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