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उत्तराखंड लोक महोत्सव: रोहिणी में सजा पहाड़, ढोल-दमाऊं की थाप से गूंजा रामलीला मैदान, लोगों ने बढ़ाया हौसला
Wed, 26 Aug 2026 06:34 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 26 Aug 2026 06:34 AM IST
सार
मैदान में पहाड़ की संस्कृति दिल्ली के बीच उतरती दिखाई दी। कहीं ढोल-दमाऊं की थाप सुनाई दी तो कहीं पारंपरिक वेशभूषा में कलाकार लोकनृत्य की प्रस्तुति देते नजर आए।
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महोत्सव में बीएसएफ बैंड व अन्य कलाकारों को सम्मानित किया गया।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रोहिणी के रामलीला मैदान में मंगलवार से उत्तराखंड लोक महोत्सव-2026 का आगाज हुआ। मैदान में पहाड़ की संस्कृति दिल्ली के बीच उतरती दिखाई दी। कहीं ढोल-दमाऊं की थाप सुनाई दी तो कहीं पारंपरिक वेशभूषा में कलाकार लोकनृत्य की प्रस्तुति देते नजर आए।
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यह महोत्सव 14 सितंबर तक चलेगा, जिसमें उत्तराखंड के 500 से अधिक लोक कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। उत्तराखंड लोक फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में पहाड़ की संस्कृति, लोकगीत और नृत्य देखने को मिल रहे हैं। कार्यक्रम में अमर उजाला मीडिया पार्टनर है।
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बारिश के बीच भी मैदान में उत्तराखंड के लोकगीतों की गूंज सुनाई देती रही। आयोजन स्थल पर बदरीनाथ मंदिर की थीम पर बना भव्य टेंट लोगों का मुख्य आकर्षण रहा। यह टेंट उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को दर्शाता है। महोत्सव के पहले दिन लोकगायिका माया उपाध्याय और लोकगायक चंद्रप्रकाश ने लोकगीतों की प्रस्तुति दी।
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पहाड़ी धुनें गूंजते ही दर्शकों का उत्साह बढ़ गया। पारंपरिक वेशभूषा में कलाकारों ने लोकनृत्यों के जरिये पहाड़ की सांस्कृतिक विविधता को मंच पर प्रस्तुत किया। इसके बाद सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) बैंड ने देशभक्ति की धुनें बजाईं। महोत्सव में पारंपरिक खान-पान, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों के स्टॉल भी लगाए गए हैं। आयोजकों ने कहा कि महोत्सव का उद्देश्य दिल्ली में रहने वाली उत्तराखंड की नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना है।