UP Roadways: बरेली रीजन में त्योहारों पर 80 अतिरिक्त बसों का होगा संचालन, रोडवेज ने शुरू की तैयारी
दिवाली, भैया दूज त्योहारों पर रोडवेज बसों में यात्रियों की भीड़ बढ़ जाती है। इसके मद्देनजर रोडवेज ने तैयारी शुरू कर दी है। बरेली रीजन में रोडवेज की 80 अतिरिक्त बसों का संचालन किया जाएगा।
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बरेली में परिवहन निगम त्योहार के दिनों में यात्रियों के अतिरिक्त दबाव से निपटने के लिए तैयारियों का अंतिम रूप दे रहा है। रीजन के बरेली, रुहेलखंड, बदायूं और पीलीभीत डिपो 80 अतिरिक्त बसों का संचालन करेगा। चारों एआरएम से डिपो स्तर पर अतिरिक्त भीड़ वाले रूटों की सूची मांगी गई है। बसों का संचालन 25 अक्तूबर से शुरू करने की तैयारी है।
दिवाली से पहले रोडवेज को 50 नई बसें मिलनी थीं। इनमें 10 बसें अगले सप्ताह तक मिलने की उम्मीद है। शेष 40 बसें दिवाली के बाद मिल सकेंगी। ऐसे में पुरानी बसों को दुरुस्त किया जा रहा है। लोकल रूटों पर पुरानी और लंबे रूटों पर नई बीएस-6 मॉडल बसों को चलाया जाएगा। रूट चार्ट तैयार किए जा रहे हैं।
पिछले वर्ष दिवाली, भैयादूज पर किन रूटों पर बसों को लेकर समस्या रही उनकी सूची बनाई जा रही है। सेवा प्रबंधक धनजीराम ने बताया कि रीजनल वर्कशॉप से लेकर डिपो स्तर के वर्कशॉप तक बसों की छोटी से छोटी कमियों को दूर कराया जा रहा है।
त्योहार से पहले कई विशेष ट्रेनों में भी बढ़ने लगी वेटिंग
त्योहार के सीजन में नियमित ट्रेनें पहले से फुल हैं। कई ट्रेनों में नो रूम की स्थिति के बीच त्योहार विशेष ट्रेनें यात्रियों के लिए सहारा बन रही थीं, लेकिन अब प्रमुख तारीखों में विशेष ट्रेनों में भी वेटिंग तेजी से बढ़ रही है। बरेली होते हुए पूर्वांचल, बिहार और पश्चिमी बंगाल की ओर जाने वाली कई विशेष ट्रेनों में भी कन्फर्म टिकट मुश्किल हो गया है। स्लीपर श्रेणी में वेटिंग 100 तक पहुंच रही है।
रेलवे त्योहार के सीजन में बरेली होते हुए 52 ट्रेनों का संचालन कर रहा है। इनमें 40 ट्रेनों का जंक्शन पर ठहराव है, जबकि 12 ट्रेनें वाया चंदौसी-कैंट-शाहजहांपुर होते हुए चलाई जा रही हैं। नियमित ट्रेनों में दिवाली और भैयादूज के बाद नवंबर के पहले सप्ताह पूर्वांचल व बिहार के प्रमुख त्योहार छठपूजा के लिए सीटें फुल हो चुकी हैं। गौर करने की बात यह है कि जिन 25 अक्तूबर से नौ नवंबर तक ज्यादातर विशेष ट्रेनें भी फुल हो गई हैं। इस बीच रेलवे ने कुछ ट्रेनों में अतिरिक्त कोच भी लगाए हैं, लेकिन समस्या खत्म नहीं हो रही।