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Bareilly News: रुहेलखंड विश्वविद्यालय के नाम बड़ी उपलब्धि, यूजीसी ने दिया प्रथम श्रेणी का दर्जा

Wed, 01 May 2024 03:59 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Wed, 01 May 2024 03:59 PM IST
सार

बरेली के महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय के नाम बड़ी उपलब्धि दर्ज हुई है। यह विश्वविद्यालय देश के सर्वोच्च विश्वविद्यालयों की श्रेणी में शामिल हो गया है। रुहेलखंड विश्वविद्यालय को यूजीसी ने प्रथम श्रेणी का दर्जा दिया है। 

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UGC gave first class status to Rohilkhand University Bareilly
रुहेलखंड विश्वविद्यालय - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बरेली के रुहेलखंड विश्वविद्यालय को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने प्रथम श्रेणी का दर्जा दिया है। इसके साथ ही यह देश के सर्वोच्च विश्वविद्यालयों की श्रेणी में शामिल हो गया है। इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाने में मदद मिलेगी। यहां ऑनलाइन कोर्सेस शुरू हो सकेंगे। साथ ही यूजीसी के सभी अनुदान मिल सकेंगे।

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विश्वविद्यालय ने पिछले साल नैक मूल्यांकन में ए डबल प्लस ग्रेड हासिल किया था। मंगलवार को यूजीसी की ओर से विश्वविद्यालय को प्रथम श्रेणी के लिए स्वीकृति प्रदान करने की सूचना कुलपति को दी गई। इससे विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ भी बिना किसी बाधा के बेहतर अकादमिक संबंध, शोध के नए अवसर, साझा अनुसंधान के अवसर मिलेंगे। रुहेलखंड विश्वविद्यालय की डिग्री की स्वीकार्यता बढ़ेगी। 
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यूजीसी स्तर पर विश्वविद्यालय को अधिक स्वायत्तता मिलेगी और कम औपचारिकताएं निभानी पड़ेंगी। विश्वविद्यालय अधिकतर शैक्षणिक निर्णय स्वयं लेने में सक्षम होगा। अब तक अधिकतर कार्यों के लिए यूजीसी से अनुमति ली जाती थी। कई कार्यों को करने के लिए यूजीसी की टीम ग्राउंड रिपोर्ट भी लेती थी। 

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इन कार्यों के लिए भी मिलेगा अनुदान
विश्वविद्यालय को अब तक यूजीसी से वाई-फाई जोन, शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थान, पेपरलेस कार्य, शिक्षकों की विदेश यात्रा को लेकर अनुदान नहीं मिला था। प्रथम श्रेणी में आने के बाद विश्वविद्यालय को यूजीसी की सभी प्रकार की ग्रांट मिल सकेंगी। पिछले साल विश्वविद्यालय को दूरस्थ शिक्षा प्रदान करने की अनुमति मिली थी। अब ऑनलाइन कोर्सेस का संचालन हो सकेगा। इससे विदेशी छात्र भी आसानी से विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर सकेंगे। साथ ही विदेशी शिक्षक भी विश्वविद्यालय से जुड़ सकेंगे।

रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केपी सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय की इस उपलब्धि में सर्वाधिक योगदान शिक्षकों, कर्मचारियों, प्राचार्यों और विद्यार्थियों का है। विश्वविद्यालय अब ऑनलाइन कोर्सेस संचालित कर सकेगा। साथ ही यूजीसी से सभी प्रकार के अनुदान प्राप्त करने के लिए सक्षम हो गया है। इसका लाभ विद्यार्थियों को भी मिलेगा।

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