सर्किल रेट: बरेली में अब जमीन-मकान की रजिस्ट्री होगी महंगी, 25 फीसदी तक बढ़ीं दरें; एक सितंबर से होंगी लागू
बरेली जिले में जमीन और संपत्तियों की सरकारी मूल्यांकन दरें (सर्किल रेट) एक सितंबर से लागू होंगी। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए संशोधित दर सूची को अंतिम रूप दे दिया गया है। जिलाधिकारी अविनाश सिंह की अनुमति के बाद यह दरें प्रभावी होंगी। इससे जमीन, मकान और व्यावसायिक संपत्तियों की रजिस्ट्री महंगी हो जाएगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बरेली जिले में जमीन और संपत्तियों की सरकारी मूल्यांकन दर यानी सर्किल रेट के प्रस्तावित दरों पर आखिरकार प्रशासन की मुहर लग गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए तैयार की गई संशोधित मूल्यांकन दर सूची को अंतिम रूप दे दिया गया है। आपत्तियों और सुझावों के निस्तारण के बाद नई दरों को एक सितंबर से लागू कर दिया जाएगा। इससे जिले के कई प्रमुख इलाकों में जमीन, मकान और व्यावसायिक संपत्तियों की रजिस्ट्री अब पहले के मुकाबले महंगी हो गई है।
नई दरों में क्षेत्र की महत्ता, जमीन की उपयोगिता, बाजार में प्रचलित कीमत और बढ़ती आवासीय एवं व्यावसायिक गतिविधियों को आधार बनाया गया है। अलग-अलग क्षेत्रों में बढ़ोतरी समान नहीं है। कहीं पांच प्रतिशत तो कहीं 10 से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है। वहीं औद्योगिक कॉरिडोर से जुड़े चयनित गांवों में कृषि भूमि की दरों में 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। जिलाधिकारी अविनाश सिंह की अनुमति मिलने के बाद नई दर लागू हुई है। बता दें कि 25 अगस्त से नई सर्किल दरें लागू करने की तैयारी/प्रक्रिया पूरी हो गई थी और प्रस्ताव पर आई आपत्तियों का निस्तारण किया गया।
यह भी पढ़ें- फिल्मी स्टाइल में दबंगई: बरेली में सड़क पर बुलेट खड़ी कर ई-बस रोकी, युवकों ने चालक को पीटा; देखें वीडियो
डोहरा रोड बना सबसे महंगा इलाका
प्रस्तावित दरों में सदर तहसील के पीलीभीत बाइपास-डोहरा रोड क्षेत्र में सर्वाधिक बढ़ोतरी वाले क्षेत्रों में शामिल किया गया था। यहां सर्किल रेट में 20 प्रतिशत तक वृद्धि प्रस्तावित की गई थी। सिविल लाइंस में जहां पहले 66 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर दर थी, वहां प्रस्तावित दर 72,600 से 79,200 रुपये प्रति वर्गमीटर तक रखी गई थी। रहीम पैलेस में 27 हजार से बढ़ाकर 29,700 से 32,400 रुपये, ईसाइयों की पुलिया में 25,500 से बढ़ाकर 28,050 से 30,600 रुपये और आनंद लोक में 25 हजार से बढ़ाकर 27,500 से 30 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर प्रस्तावित किया गया था। इन दरों को अब अंतिम रूप मिलने के बाद संबंधित क्षेत्रों में संपत्तियों के पंजीकरण पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
सदर प्रथम में अकृषक भूमि पर 20 फीसदी तक बढ़ोतरी
सदर प्रथम उप निबंधक क्षेत्र में अकृषक भूमि की महत्ता और उपयोगिता के आधार पर मूल दरों में 0 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है। कृषि भूमि की दरों में भी 0 से 12 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई। वाणिज्यिक एकल भूमि में औसतन 10 प्रतिशत और वाणिज्यिक भवनों के कॉम्पोजिट रेट में औसतन पांच प्रतिशत तक वृद्धि की गई है। निर्माण दरों में भी 0 से 10 प्रतिशत तक बदलाव किया गया है।
सदर द्वितीय क्षेत्र में अकृषक, कृषि और वाणिज्यिक एकल भूमि की दरों में 0 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि का प्रावधान किया गया है। वाणिज्यिक भवनों के कॉम्पोजिट रेट में भी 0 से 16 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है।
आंवला में औद्योगिक कॉरिडोर के गांवों पर सबसे ज्यादा असर
आंवला क्षेत्र में सामान्य तौर पर अकृषक, वाणिज्यिक और अन्य श्रेणी की जमीन की दरों में करीब 10 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव औद्योगिक कॉरिडोर से जुड़े क्षेत्रों में है। यहां चयनित गांवों की कृषि भूमि की दरों में अलग-अलग वृद्धि की गई है। भमोरा में करीब पांच प्रतिशत, जबकि शेष नौ चयनित गांवों में कृषि भूमि की दरों में करीब 25 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। यह जिले में प्रस्तावित बढ़ोतरी की सर्वाधिक दर बताई गई थी।
मीरगंज में 10 से 20 फीसदी तक बढ़ी दरें
मीरगंज तहसील में कृषि और अकृषक भूमि की दरों में 10 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है। अन्य श्रेणी की भूमि में भी करीब 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई। चिह्नित मार्गों पर स्थित जमीन की दरों को बाजार मूल्य के अनुरूप करने का प्रावधान किया गया है।
नवाबगंज में अकृषक और कृषि भूमि की दरों में पांच से 20 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है। वाणिज्यिक एकल भूमि में औसतन 10 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। क्षेत्र में कई गांवों को उनकी बढ़ती आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों के आधार पर विकासशील क्षेत्र की श्रेणी में शामिल किया गया है।
बहेड़ी में नए रोड सेगमेंट भी शामिल
बहेड़ी तहसील में चार नए रोड सेगमेंट चिह्नित किए गए हैं। इनमें नारायण नगला पुल से गुरसौली, गन्ना उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से जाम सावंत जनूबी, देवरनिया रेलवे फाटक से मुड़िया बाजार और जहानाबाद रोड पर सेवाराम ट्रेडर्स से कुंडरा सीमा तक के मार्ग शामिल हैं। इन क्षेत्रों में कृषि और गैर-कृषि भूमि की दरों में पांच से 15 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है।
सर्किल रेट संपत्ति के सरकारी मूल्यांकन का आधार होता है। नई दर बढ़ने के बाद जमीन या भवन की रजिस्ट्री में सरकारी मूल्यांकन बढ़ जाएगा। इसका असर स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क की देनदारी पर भी पड़ता है। इसलिए नई दरों के लागू होने के बाद संपत्ति खरीदने वालों को पहले की तुलना में अधिक राशि खर्च करनी पड़ सकती है।
प्रशासन ने नई दरों को क्षेत्रवार संपत्तियों की मौजूदा स्थिति और बाजार मूल्य के अधिक करीब लाने के उद्देश्य से संशोधित किया है। प्रस्तावित सूची पर प्राप्त आपत्तियों के निस्तारण के बाद इसे अंतिम रूप दिया गया है।
- वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई सर्किल दरें
- जिले की छहों तहसीलों में संशोधन
- कई क्षेत्रों में 5 से 20 फीसदी तक वृद्धि
- आंवला के औद्योगिक कॉरिडोर से जुड़े नौ गांवों में 25 फीसदी तक वृद्धि
- डोहरा रोड क्षेत्र में 20 फीसदी तक बढ़ोतरी
- बहेड़ी में चार नए रोड सेगमेंट
- नवाबगंज में कई क्षेत्रों को विकासशील श्रेणी में शामिल किया गया