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गैर इरादतन हत्या के जुर्म में दो लोगों को आठ साल कैद
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राजस्थान के बूंदी में जज को मिली जान से मारने की धमकी।
- फोटो : Social Media
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दस साल पहले नवाबगंज में हुई थी घटना, पांच-पांच हजार का जुर्माना भी लगा
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बरेली। नवाबगंज में रामेश्वर की गैर इरादतन हत्या के आरोप में हरिशंकर और सतीश को आठ साल कैद की सजा सुनाई गई है। दोनों आरोपियों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगा है।
नवाबगंज में हुई घटना की रिपोर्ट सुशीला देवी ने लिखाई थी। सुशीला ने कहा था कि उसके गांव की लड़की के संबंध गांव के ही व्यक्ति से थे। वर्ष 2011 में 13 नवंबर को उस लड़की की गोद भराई करने के लिए जीपों से कुछ मेहमान गांव में आए थे। जब वे लौटने लगे तो स्कूल के पास लड़की के प्रेमी ने उन्हें रोककर अपने प्रेम संबंध की जानकारी दी। बताया, लड़की अपने घर से भागकर उसके घर आ चुकी है। वे दोनों शादी करना चाहते हैं। इस पर मेहमान वापस उस लड़की के पिता के पास गए और कहा कि वे लोग लड़की की शादी उनके यहां जबरदस्ती क्यों कर रहे हैं। मेहमानों के जाने के बाद हरिशंकर, सतीश, संतोष, फूलचंद और इतवारी उस लड़के के घर पहुंचे और गालियां देने लगे।
सुशीला के मुताबिक उनके पति रामेश्वर बीचबचाव कर रहे थे। इसी बीच अभियुक्तों ने उनके पति को लाठी मारकर धक्का देकर गिरा दिया। उनके पति सड़क पर गिर गए और वहां पड़ा गन्ना काटने का गड़ासा लगने से उनकी मौत हो गई। इस मामले में अभियोजन की ओर से सात गवाह पेश किए गए। कोर्ट ने अभियुक्त हरिशंकर और सतीश को दोषी ठहराते हुए आठ-आठ साल कैद की सजा सुनाई और पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने अभियुक्त संतोष, फूलचंद और इतवारी को आरोपों से बरी कर दिया।
नवाबगंज में हुई घटना की रिपोर्ट सुशीला देवी ने लिखाई थी। सुशीला ने कहा था कि उसके गांव की लड़की के संबंध गांव के ही व्यक्ति से थे। वर्ष 2011 में 13 नवंबर को उस लड़की की गोद भराई करने के लिए जीपों से कुछ मेहमान गांव में आए थे। जब वे लौटने लगे तो स्कूल के पास लड़की के प्रेमी ने उन्हें रोककर अपने प्रेम संबंध की जानकारी दी। बताया, लड़की अपने घर से भागकर उसके घर आ चुकी है। वे दोनों शादी करना चाहते हैं। इस पर मेहमान वापस उस लड़की के पिता के पास गए और कहा कि वे लोग लड़की की शादी उनके यहां जबरदस्ती क्यों कर रहे हैं। मेहमानों के जाने के बाद हरिशंकर, सतीश, संतोष, फूलचंद और इतवारी उस लड़के के घर पहुंचे और गालियां देने लगे।
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सुशीला के मुताबिक उनके पति रामेश्वर बीचबचाव कर रहे थे। इसी बीच अभियुक्तों ने उनके पति को लाठी मारकर धक्का देकर गिरा दिया। उनके पति सड़क पर गिर गए और वहां पड़ा गन्ना काटने का गड़ासा लगने से उनकी मौत हो गई। इस मामले में अभियोजन की ओर से सात गवाह पेश किए गए। कोर्ट ने अभियुक्त हरिशंकर और सतीश को दोषी ठहराते हुए आठ-आठ साल कैद की सजा सुनाई और पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने अभियुक्त संतोष, फूलचंद और इतवारी को आरोपों से बरी कर दिया।
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