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तत्काल टिकटों की कालाबाजारी में बनबसा का स्टेशन मास्टर गिरफ्तार
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तत्काल टिकटों की कालाबाजारी में बनबसा का स्टेशन मास्टर गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
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एक दलाल भी पकड़ा, स्टेशन अधीक्षक की सांठगांठ के भी प्रमाण मिले, जांच शुरू
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पहले ही टिकट बुक कराकर तत्काल का समय निकलने के बाद यात्रियों को बेचते थे टिकट
बरेली। इज्जतनगर मंडल की आरपीएफ की विजिलेंस टीम ने गुरुवार को तत्काल टिकटों की कालाबाजारी में बनबसा के स्टेशन मास्टर को एक दलाल के साथ गिरफ्तार कर लिया। दोनों पहले ही टिकट बुक करने के बाद तत्काल का समय निकलने के बाद यात्रियों को ब्लैक में टिकट बेचते थे। विजिलेंस के मुताबिक तत्काल टिकटों को ब्लैक किए जाने के मामले में स्टेशन अधीक्षक की सांठगांठ के भी प्रमाण मिले हैं। लिहाजा स्टेशन अधीक्षक के खिलाफ भी जांच शुरू कर दी गई है।
विजिलेंस इंस्पेक्टर मयंक चौधरी ने बताया कि बनबसा रेलवे स्टेशन की सह अनारक्षित टिकट खिड़की पर रिजर्वेशन कर रहे स्टेशन मास्टर कौशल कुमार को रंगे हाथ पकड़ा गया। कौशल कुमार ने शुभम नाम के दलाल के कहने पर वातानुकूलित श्रेणी के दो टिकट बनाकर अपने पास रख लिए थे। तत्काल टिकट देने का समय खत्म होने के बाद कक्ष से बाहर निकलकर स्टेशन मास्टर ने दोनों टिकट शुभम को दे दिए। इन टिकटों की कीमत 6675 रुपये है। इसकी एवज में स्टेशन मास्टर ने शुभम से 200 रुपये लिए। दोनों टिकटों पर गुरुवार को यात्रा होनी थी। इसी दौरान विजिलेंस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। शुभम के पास से अगले दिन के लिए दो टिकटों के भरे हुए रिजर्वेशन फार्म भी बरामद हुए।
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स्टेशन मास्टर कौशल कुमार ने पूछताछ में विजिलेंस को बताया कि वह शुभम से हर टिकट के सौ रुपये लेता था। शुभम यात्रियों को ये टिकट तीन से पांच सौ रुपये तक ज्यादा रकम लेकर बेचता था। जांच में यह भी पता चला कि स्टेशन मास्टर सुबह आठ बजे ड्यूटी खत्म होने के बाद भी काम कर रहा था। दोनों आरोपियों के मोबाइल जब्त कर विजिलेंस ने उनके व्हाट्सएप चेक किए तो इस धंधे में स्टेशन अधीक्षक अमरेन्द्र की भी सांठगांठ के प्रमाण मिले। विजिलेंस इंस्पेक्टर ने बताया कि साक्ष्य इकट्ठे करने के बाद स्टेशन अधीक्षक पर भी कार्रवाई की जाएगी। विजिलेंस टीम में एसआई कृष्ण जोशी, एसएआई बृजमोहन शर्मा, रामनरेश, फिरू सिंह राणा और कांस्टेबल अशोक कुमार थे।
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पहले ही टिकट बुक कराकर तत्काल का समय निकलने के बाद यात्रियों को बेचते थे टिकट बरेली। इज्जतनगर मंडल की आरपीएफ की विजिलेंस टीम ने गुरुवार को तत्काल टिकटों की कालाबाजारी में बनबसा के स्टेशन मास्टर को एक दलाल के साथ गिरफ्तार कर लिया। दोनों पहले ही टिकट बुक करने के बाद तत्काल का समय निकलने के बाद यात्रियों को ब्लैक में टिकट बेचते थे। विजिलेंस के मुताबिक तत्काल टिकटों को ब्लैक किए जाने के मामले में स्टेशन अधीक्षक की सांठगांठ के भी प्रमाण मिले हैं। लिहाजा स्टेशन अधीक्षक के खिलाफ भी जांच शुरू कर दी गई है।
विजिलेंस इंस्पेक्टर मयंक चौधरी ने बताया कि बनबसा रेलवे स्टेशन की सह अनारक्षित टिकट खिड़की पर रिजर्वेशन कर रहे स्टेशन मास्टर कौशल कुमार को रंगे हाथ पकड़ा गया। कौशल कुमार ने शुभम नाम के दलाल के कहने पर वातानुकूलित श्रेणी के दो टिकट बनाकर अपने पास रख लिए थे। तत्काल टिकट देने का समय खत्म होने के बाद कक्ष से बाहर निकलकर स्टेशन मास्टर ने दोनों टिकट शुभम को दे दिए। इन टिकटों की कीमत 6675 रुपये है। इसकी एवज में स्टेशन मास्टर ने शुभम से 200 रुपये लिए। दोनों टिकटों पर गुरुवार को यात्रा होनी थी। इसी दौरान विजिलेंस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। शुभम के पास से अगले दिन के लिए दो टिकटों के भरे हुए रिजर्वेशन फार्म भी बरामद हुए।
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स्टेशन मास्टर कौशल कुमार ने पूछताछ में विजिलेंस को बताया कि वह शुभम से हर टिकट के सौ रुपये लेता था। शुभम यात्रियों को ये टिकट तीन से पांच सौ रुपये तक ज्यादा रकम लेकर बेचता था। जांच में यह भी पता चला कि स्टेशन मास्टर सुबह आठ बजे ड्यूटी खत्म होने के बाद भी काम कर रहा था। दोनों आरोपियों के मोबाइल जब्त कर विजिलेंस ने उनके व्हाट्सएप चेक किए तो इस धंधे में स्टेशन अधीक्षक अमरेन्द्र की भी सांठगांठ के प्रमाण मिले। विजिलेंस इंस्पेक्टर ने बताया कि साक्ष्य इकट्ठे करने के बाद स्टेशन अधीक्षक पर भी कार्रवाई की जाएगी। विजिलेंस टीम में एसआई कृष्ण जोशी, एसएआई बृजमोहन शर्मा, रामनरेश, फिरू सिंह राणा और कांस्टेबल अशोक कुमार थे।